Jaipur crime: 'पिता के ब्रेन हेमरेज की वजह मां थी' पुलिस को आयुषी ने बताया नया एंगल, वीडियो दिखाकर किए कई सनसनीखेज दावे !

नितेश तिवारी

16 Jul 2026 (अपडेटेड: Jul 16 2026 4:12 PM)

Jaipur Murder Case: जयपुर के प्रतापनगर इलाके में 45 वर्षीय नीरज शर्मा हत्याकांड में घर की चारदीवारी के भीतर उलझे हुए रिश्तों, नफरत, साजिश, अवैध संबंध जैसे दावों के बीच एक अलग कहानी ने हत्याकांड के बैकग्राउंड को और उलझा दिया है.

NewsTak
नीरज शर्मा हत्या मामले में आयुषी के नए दावों ने घर में चल रही प्यार और नफरत की कहानी को नया मोड़ दिया है ?
Google CTA

न्यूज़ हाइलाइट्स

point

आयुषी का दावा- पिता उसे बेहद प्यार करते थे, ये बातें मां को खटकती थीं.

point

आयुषी का ये भी दावा- पिता उसके साथ ही रहना चाहते थे.

point

मामा का दावा- आयुषी ने चचेरे भाई के साथ मिलकर पिता को भी मारा.

Jaipur news: जयपुर के प्रताप नगर इलाके की कलियुगी कहानी की परतें कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के साथ रिश्तों के ताने-बाने को सुलझाने की बजाय और उलझा रही हैं. कहानी में नित आ रहे नए एंगल एक मकान के भीतर रिश्तों के कलियुगी कहानी की शर्मनाक दास्तां कह रहा है. पहले की सड़क हादसे में मौत फिर पता चला कि बेटी और जेठ के बेटे ने की साजिश के तहत ये कॉन्ट्रैक्ट किलिंग है. कॉन्ट्रैक्ट किलर भी पकड़ा गया. इधर मामा के बयानों ने कहानी को नया मोड़ दे दिया. मामा का दावा है कि 22 साल की आयुषी न केवल मां की हत्या कराई बल्कि पिता की मौत की भी जिम्मेदार है. फिर चचेरे भाई और आयुषी के बीच आपत्तिजनक संबंधों की कहानी भी सामने आई. अब कहानी को आयुषी के बयानों और दावों ने नया मोड़ दे दिया है.

Read more!

पहले आयुषी ने कहा कि मां दिव्यांग भाई पर स्नेह बरसाती थी. वहीं वो आयुषी को अपने पास फटकने भी नहीं देती थी. मां की इन हरकतों से बचपन से ही आयुषी के मन में द्वेष की भावना भर गई. पुलिस सूत्रों की मानें तो आयुषी ने मोबाइल में रिकॉर्ड किए वीडियो के साथ मामले में नए दावे किए हैं. आयुषी ने बताया है कि उसके पिता उसे बेहद प्यार करते थे. यही बात उसकी मां नीरज शर्मा को खटकती थी. मां पिता विजय शर्मा के साथ आए दिन मारपीट करती थी. आयुषी का दावा है कि पिता के ब्रेन हेमरेज होने के पीछे मां का उनके प्रति गंदा व्यवहार जिम्मेदार है. आयुषी ने इसकी पुष्टि के लिए अपने मोबाइल में रिकॉर्ड किए कुछ पुराने वीडियो में दिखाए हैं जिसमें उसकी मां पिता के साथ मारपीट करती हुई दिख रही है. 

पुलिस कर रही दावों की जांच 

सूत्रों की मानें तो इन दावों की जांच चल रही है. आयुषी द्वारा जो कथित वीडियो दिखाया गया है उसकी भी जांच की जा रही है. फिलहाल पुलिस आयुषी के इन दावों की पुष्टि नहीं करती है. हालांकि आयुषी के कुछ बयानों ने कहानी को अलग दिशा तो दे ही दी है. पहला कि मां की उससे बिल्कुल नहीं बनती थी. दूसरा कि मां के व्यवहार के कारण वो हमेशा उन्हें रास्ते से हटाने की योजना पर काम करती थी जबकि इस काम में चचेरा भाई बलराम बराबर का साझेदार था. तीसरा कि उसके पिता विजय शर्मा उसे बहुत प्यार करते थे और वो उसके साथ ही रहना चाहते थे. चौथा कि पिता की मौत के बाद उनकी कमाई हुई जायदाद और पैसों पर आयुषी अपना हक समझती थी. वो उनकी नौकरी पर भी अपना हक समझती थी और चाहती थी कि ये सब मां को नहीं बल्कि उसी को मिले. 

कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के ईर्द-गिर्द कई कहानियां, मामा के अलग दावे 

वहीं आयुषी के मामा राकेश शर्मा का दावा है कि जीजा विजय शर्मा की मौत यूं ही नहीं हुई थी. उसकी मौत के पीछे आयुषी और उसका चचेरा भाई बलराम हैं. दोनों एलएलबी कर रहे हैं. दोनों के बीच नाजायज संबंध भी हैं. 45 वर्षीय नीरज शर्मा की कॉन्ट्रैक्ट किलिंग में भी आयुषी के साथ बलराम उर्फ रवि मास्टर माइंड है. अभी वो फरार है. उसकी तलाश जारी है. 

हत्या और रिश्तों की उलझी पूरी कहानी क्या है ? 

तमाम बयानों से कहानी काफी उलझ चुकी है. तो चलिए हम इस कहानी को रिवर्स में लेकर चलते हैं. बयानों और दावों के साथ इस कहानी को आगे को बढ़ाते हैं. अभी तक की पूछताछ, बयान और जांच में जो बातें सामने आई हैं वो कहानी के पात्रों के ईर्द-गिर्द घूम रही हैं. आपको बताते चलें कि इन दावों की पुष्टि नहीं हुई है बल्कि से सब जांच के दायरे में हैं. 

बहन की मौत और भाई के दावे ने खोली पूरी कहानी 

ये कहानी शुरू होती है 3 जुलाई 2026 से. कोर्ट में क्लर्क की नौकरी करने वाली 45 साल की नीरज शर्मा दिव्यांग बेटे को कोचिंग छोड़कर घर लौट रही थीं. अचानक पीछे से एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो आई और उन्हें जोरदार टक्कर मारते हुए निकल गई. टक्कर इतनीतेज थी कि नीरज शर्मा हवा में उछलीं और 100 फीट दूर जा गिरीं. आनन-फानन में उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. 

मृतका के भाई राकेश शर्मा की एंट्री ने सब बदल दिया 

 पुलिस ने मामले को हिट एंड रन केस माना. इसी दौरान मृतका के भाई राकेश शर्मा ने दावा किया कि ये हिट एंड रन नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है. यहीं पूरी कहानी ने टर्न ले लिया. पुलिस की जांच में सीसीटीवी सामने आया. उसमें साफ दिखा कि कार सवार ने जानबूझकर नीरज शर्मा को टक्कर मारी है. तब उसकी स्पीड 130 किमी प्रति घंटे की रही होगी. यानी कार सवार ने इतनी स्पीड रखी कि टक्कर के बाद बचने के चांजेस बिल्कुल न रहें. 

पुलिस ने मामले में आयुषी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जबकि उसका चचेरा भाई बलराम फरार हो गया. पुलिस ने कॉल डिटेल खंगाले. लोकेशन और कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस ने भरतपुर के हेमंत शर्मा को पकड़ा. हेमंत ने बता दिया कि उसके पास बलराम कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के लिए आया था. उसने 7 लाख रुपए दिए थे. हेमंत नीरज शर्मा को मारना नहीं चाहता था पर आयुषी और बलराम ने दबाव बनाया कि पैसे दे दिए गए हैं फिर काम को अंजाम क्यों नहीं दे रहे. 

पहली कोशिश नाकाम, दूसरी में हत्या 

बलराम ने पहले थार से नीरज शर्मा को रौंदने की कोशिश की थी. इसबार वो बाल-बाल बच गईं. वो इससे इतनी डर गईं कि घर से बाहर निकलना बंद कर दिया. अब बलराम और आयुषी परेशान हो गए कि जब ये घर से बाहर ही नहीं निकलेंगी तो हेमंत शर्मा कैसे इनपर कार चढ़ाकर हत्या को हिट एंड रन का रंग देगा. 

नीरज शर्मा ने CCTV कैमरे भी लगाए 

नीरज शर्मा को कुछ अनहोनी की भनक हो गई. उन्होंने घर का गेट लोहे का बनवा दिया और 4 सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए. इधर आयुषी ने मां को घर से बाहर निकालने के लिए टोने-टोटके का सहारा लिया. उसने कटा नींबू लाल रंग और कुछ अन्य सामग्रियों के साथ घर के दरवाजे पर टोटके शुरू किए. 

नौकरी, प्रॉपर्टी और रिश्तों के स्याह पक्ष की कहानी सामने आई 

नीरज शर्मा की मौत के बाद इनके भाई और आयुषी के मामा का दावा है कि जीजा विजय शर्मा की मौत के बाद आयुषी उनकी जगह पर अनुकंपा पर सरकारी नौकरी चाहती थी. यही नहीं वो मकान और प्रॉपर्टी के कागज अपने नाम करना चाहती थी. ऐसा हो नहीं पाया. इस दलील के साथ विजय शर्मा ने दावा कर दिया कि पिता की मौत के पीछे भी आयुषी है.इस दावे की पूरी कहानी

विजय शर्मा राजस्थान हाईकोर्ट में कोर्ट मास्टर थे. इनके साथ ही इनके साले राकेश शर्मा भी हाईकोर्ट में एलडीसी थे. साल 2025 में विजय शर्मा की मौत हो गई. राकेश शर्मा का आरोप है कि उनकी मौत के बाद आयुषी ने पिता की जगह पर नौकरी करने और प्रॉपर्टी अपने नाम कराने की चाहत रखी. जिसे भांपकर नीरज शर्मा ने खुद नौकरी के लिए एप्लाई किया और वो अनुकंपा नियुक्ति पर कोर्ट में क्लर्क बन गईं.

मां की दुश्मन क्यों बनी आयुषी ?  

पुलिस की पूछताछ में आयुषी ने बताया कि मां के उसके प्रति नफरत भरे व्यवहार के कारण वो दादा-दादी, ताऊ-ताई और चचेरे भाई बलराम के करीब रही. ज्यादातर वक्त उन्हीं के साथ बीता. घर में अधिकांश बार मां के नफरत की बातें ही वो चचेरे भाई बलराम से करती थी. आयुषी के पिता उसे बड़ा वकील बनाना चाहते थे. उन्होंने बलराम और आयुषी का एलएलबी में एडमिशन कराया था. आयुषी के मुताबिक उसके पिता उसे बहुत प्यार करते थे. मां को ये बहुत खटकता था. इसलिए उसने बलराम के साथ मिलकर उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई. उसका कहना है कि उसके पिता की चीजों पर उसका हक था पर मां ने उसका हक नहीं दिया.

जयपुर: सरकारी नौकरी के लिए मां के मर्डर की अरोपी आयुषी देने लगी पुलिस को धमकी, चेहरे पर न दर्द न पछतावा