Rajasthan Panchayat Election New Dates: राजस्थान में पंचायती राज चुनाव की तैयारी कर रहे मतदाताओं और उम्मीदवारों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है. राज्य निर्वाचन आयोग ने पंच और सरपंच पद के चुनाव कार्यक्रम में महत्वपूर्ण संशोधन किया है. अब धनतेरस के दिन आम मतदाताओं को वोट डालने के लिए लाइन में नहीं लगना पड़ेगा. आयोग ने पहले, दूसरे और तीसरे चरण के मतदान की तारीखों को एक-एक दिन पहले तय कर दिया है.
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क्यों बदला गया चुनाव का टाइमटेबल?
दरअसल 6 नवंबर को धनतेरस का त्यौहार है. इस दिन मतदान कराने को लेकर आम लोगों, राजनीतिक दलों और कई सामाजिक संगठनों की ओर से लगातार मांग उठ रही थी. लोगों की धार्मिक भावनाओं और त्यौहार की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने यह कदम उठाया है. इस बदलाव से त्यौहार के दिन आम जनता को पोलिंग बूथ जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
पहले चरण का नया चुनावी शेड्यूल
प्रथम चरण के तहत पंच और सरपंच के लिए पहले 25 अक्टूबर को मतदान होना तय था. संशोधित कार्यक्रम के अनुसार अब 24 अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे. इस चरण के लिए जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए पोलिंग पार्टियां 21 अक्टूबर को रवाना होंगी. इसके बाद 22 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा और 23 अक्टूबर को पंच व सरपंच पद के लिए नामांकन भरे जाएंगे.
दूसरे चरण की मतदान तारीखों में बदलाव
दूसरे चरण में पंच और सरपंच पद के लिए पहले 31 अक्टूबर की तारीख तय की गई थी. अब नई व्यवस्था के तहत 30 अक्टूबर को वोटिंग होगी. इस चरण के लिए पोलिंग पार्टियां 27 अक्टूबर को अपने केंद्रों के लिए रवाना होंगी. वहीं जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए 28 अक्टूबर को वोट पड़ेंगे. पंच-सरपंच चुनाव के अगले दिन यानी 31 अक्टूबर को उपसरपंच का चुनाव संपन्न कराया जाएगा.
तीसरे चरण की नई वोटिंग डेट
तीसरे चरण में भी बड़ा फेरबदल देखने को मिला है. इस चरण में पंच और सरपंच के लिए पहले 6 नवंबर यानी धनतेरस के दिन वोटिंग होनी थी, जिसे अब 5 नवंबर कर दिया गया है. इसके लिए पोलिंग पार्टियां 2 नवंबर को रवाना होंगी और 3 नवंबर को जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्यों के लिए वोट डाले जाएंगे. 5 नवंबर को पंच-सरपंच चुनाव के बाद 6 नवंबर को उपसरपंच का चुनाव होगा.
क्या धनतेरस के दिन बिल्कुल वोटिंग नहीं होगी?
यहां यह समझना बेहद जरूरी है कि 6 नवंबर यानी धनतेरस के दिन आम मतदाता वोट नहीं डालेंगे. इस दिन केवल उपसरपंच का चुनाव होना है, जिसमें आम जनता हिस्सा नहीं लेती. उपसरपंच का चुनाव संबंधित ग्राम पंचायत के निर्वाचित पंच मिलकर करते हैं. इसलिए आम नागरिकों को धनतेरस के दिन पोलिंग बूथ जाने की आवश्यकता नहीं होगी.
चौथे चरण पर नहीं पड़ेगा कोई असर
राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि चौथे चरण के चुनाव कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया गया है. चौथे चरण का चुनाव अपने पूर्व निर्धारित टाइमटेबल के अनुसार ही आयोजित होगा. इसके तहत 16 नवंबर को ही मतदान कराया जाएगा.
उम्मीदवारों की रणनीति पर पड़ेगा असर
चुनाव की तारीखें एक दिन पहले खिसकने की वजह से चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों पर इसका सीधा असर पड़ेगा. पहले तीन चरणों के उम्मीदवारों को जनसंपर्क और चुनाव प्रचार के लिए अब एक दिन कम समय मिलेगा. ऐसे में सभी उम्मीदवारों को अपनी प्रचार रणनीति और घर-घर जाकर संपर्क करने के प्लान में तुरंत बदलाव करना होगा.
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