राजस्थान में सरकारी नौकरी के नाम पर सालों से चल रहे बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश होने जा रहा है. राजस्थान एसओजी (SOG) ने अब उन लोगों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है, जिन्होंने डमी कैंडिडेट (Dummy Candidate) की मदद से सरकारी नौकरी हासिल की थी. एसओजी के रडार पर करीब 2000 ऐसे संदिग्ध लोग हैं, जिन्होंने पिछले 5 सालों में धोखाधड़ी के जरिए सिस्टम में सेंध लगाई है.
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REET से SI भर्ती तक... हर जगह हुआ 'खेल'
एसओजी की जांच में सामने आया है कि यह फर्जीवाड़ा किसी एक परीक्षा तक सीमित नहीं था. राजस्थान की कई बड़ी भर्तियों में डमी कैंडिडेट बिठाने का खेल खेला गया, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- REET और अध्यापक भर्ती
- सब इंस्पेक्टर (SI) भर्ती
- पटवारी और जेईएन (JEN) भर्ती
- अकाउंटेंट और कनिष्ठ अभियंता भर्ती
कैसे काम करता था यह 'डमी नेटवर्क'?
एसओजी अधिकारियों के मुताबिक, यह एक पूरी तरह संगठित नेटवर्क था. एक अभ्यर्थी को पास कराने के लिए 5 से 10 लाख रुपये तक वसूले जाते थे. चौंकाने वाली बात यह है कि कई मामलों में परिवार का ही कोई होशियार सदस्य असली अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने चला जाता था, ताकि उसे सरकारी नौकरी मिल सके.
जनता से मिल रही शिकायतों का अंबार
एसओजी की इस मुहिम में आम जनता का बड़ा सहयोग मिल रहा है. हेल्पलाइन और निजी मोबाइल नंबरों पर हर दिन 25 से 50 शिकायतें पहुंच रही हैं. अब तक करीब 2000 ऐसी शिकायतें मिल चुकी हैं, जिनमें पुख्ता तौर पर डमी कैंडिडेट बिठाने के आरोप लगाए गए हैं. एसओजी अब वर्तमान कर्मचारियों के रिकॉर्ड और परीक्षा के समय के डेटा का मिलान कर रही है.
अब सिस्टम होगा सख्त: AI और बायोमेट्रिक का पहरा
भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव किए गए हैं. अब प्रवेश पत्रों में पूरी जानकारी के साथ लाइव फोटो, बायोमेट्रिक और एआई (AI) तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि कोई भी डमी कैंडिडेट परीक्षा केंद्र में प्रवेश न कर सके.
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