राजस्थान निकाय चुनाव: BJP-कांग्रेस के लिए बढ़ सकती है मुश्किल! राष्ट्रीय सवर्ण दल ने किया बड़ा ऐलान...किसका खेल बिगाड़ेगा?

न्यूज तक डेस्क

• 05:37 PM • 08 Sep 2026

Rajasthan Nikay Chunav: राजस्थान निकाय चुनाव में राष्ट्रीय सवर्ण दल ने बीजेपी और कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 22 निर्दलीय प्रत्याशियों को खुला समर्थन देने का ऐलान किया है. सवर्णों की उपेक्षा, लॉटरी सिस्टम और यूजीसी नियमों को लेकर पार्टी ने दोनों बड़े राजनीतिक दलों पर निशाना साधा है.

राष्ट्रीय सवर्ण दल ने किया बड़ा ऐलान
राष्ट्रीय सवर्ण दल ने किया बड़ा ऐलान
Google CTA

Rashtriya Sawarn Dal News: राजस्थान में आगामी निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. राष्ट्रीय सवर्ण दल ने राज्य के प्रमुख राजनीतिक दलों, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 22 निर्दलीय प्रत्याशियों को खुला समर्थन देने का बड़ा ऐलान किया है. सवर्ण दल के पदाधिकारियों का कहना है कि वर्षों से धरातल पर काम करने वाले योग्य, कर्मठ और सक्रिय कार्यकर्ताओं को दलगत राजनीति से परे लाकर निकाय चुनावों में विजय दिलाना उनका मुख्य उद्देश्य है.

Read more!

'हाथ और फूल के जोड़ को तोड़ना है मकसद'

प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए राष्ट्रीय सवर्ण दल के नेताओं ने कहा कि बीजेपी और कांग्रेस के बीच एक अघोषित गठबंधन बन चुका है. उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियां केवल अपने सिंबल के दम पर चुनाव जीतने का भ्रम पालकर बैठी हैं. दल के नेताओं का आरोप है कि सीटों के आरक्षण, लॉटरी सिस्टम और योग्य सवर्ण उम्मीदवारों के टिकट काटकर उन्हें राजनीतिक रूप से कमजोर करने का षड्यंत्र रचा गया है.

सवर्ण हित और सामाजिक समरसता के लिए भरवाया 'वचन पत्र'

राष्ट्रीय सवर्ण दल ने कहा कि उन्होंने सिर्फ सवर्ण समाज के ही नहीं, बल्कि सवर्ण हित में काम करने की शपथ लेने वाले अन्य वर्गों के उम्मीदवारों को भी समर्थन दिया है. समर्थन देने से पहले प्रत्याशियों से एक लिखित 'वचन पत्र' भरवाया गया है, ताकि वे जीतने के बाद सवर्ण विरोधी नीतियों का खुलकर विरोध कर सकें और सवर्ण समाज का संरक्षण करें. दल ने एसटी वर्ग के भगवान सहाय मीणा, आशा पाड़िया और बाबूलाल चौधरी जैसे उम्मीदवारों का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी लड़ाई किसी वर्ग के खिलाफ नहीं.

यह पढ़ें: कौन हैं निर्दलीय विधायक यूनुस खान? जिन्होंने डीडवाना निकाय चुनाव में 39 वार्डों में प्रत्याशी उतारकर BJP-कांग्रेस की बढ़ाई टेंशन

यूजीसी विवाद और एससी-एसटी एक्ट को लेकर जताया गहरा आक्रोश

इस दौरान मुख्यमंत्री के रोड शो में उठ रहे 'यूजीसी रोल बैक' के नारों का जिक्र करते हुए सवर्ण दल ने कहा कि यह गुस्सा पिछले 10 सालों से जमा हो रहा है. एससी-एसटी एक्ट में संशोधन से लेकर यूजीसी के रेगुलेशन तक, सवर्ण समाज के खिलाफ विभेदकारी नीतियां बनाई गई हैं. राष्ट्रीय सवर्ण दल ने 'अबकी बार वोट बच्चों के नाम और बच्चों के भविष्य के नाम' थीम पर डोर-टू-डोर कैंपेन चलाने का आह्वान किया है और दावा किया है कि इस बार निकाय चुनाव से दोनों मुख्य दलों का राजनीतिक भ्रम पूरी तरह टूट जाएगा.

यह भी पढ़ें: नागौर के वार्ड 10 में मामा और भांजे ने बढ़ाई कांग्रेस की टेंशन, जानें आखिर किस फैसले ने बिगाड़ दिया पूरा चुनावी गणित?