RBSE 10th Exam Rules 2026: राजस्थान बोर्ड 10वीं के छात्रों के लिए बड़ा बदलाव... साल में दो बार होगी परीक्षा, जानें किन छात्रों को मिलेगा फायदा

न्यूज तक डेस्क

• 04:08 PM • 07 Oct 2026

RBSE 10th Exam Rules 2026: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने दसवीं कक्षा की परीक्षा प्रणाली में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव किया है. 2026-27 सत्र से बोर्ड परीक्षाएं साल में दो बार आयोजित की जाएंगी. अब छात्रों को अंक सुधारने और अपनी कमियां दूर करने के लिए पूरे एक साल का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा.

Rajasthan Board RBSE Class 10th Result
राजस्थान 10वीं बोर्ड की नई व्यवस्था लागू
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Rajasthan Board Class 10 Exam Changes: राजस्थान में दसवीं कक्षा के बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है. राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह बदलते हुए एक नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है. अब बोर्ड की परीक्षा साल में केवल एक बार नहीं, बल्कि दो बार आयोजित की जाएगी. इसका सीधा अर्थ यह है कि यदि किसी छात्र के पहली परीक्षा में कम अंक आते हैं या किसी विषय में कोई परेशानी होती है, तो उसे उसी शैक्षणिक वर्ष में दोबारा परीक्षा देने का अवसर प्रदान किया जाएगा.

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जानिए कब होगी पहली और दूसरी परीक्षा

बोर्ड की यह नई परीक्षा प्रणाली 2026-27 के शैक्षणिक सत्र से प्रभावी होगी. इस व्यवस्था के तहत पहली मुख्य परीक्षा फरवरी-मार्च के महीने में कराई जाएगी. वहीं, दूसरी परीक्षा मई-जून के महीने में होगी. पहली मुख्य परीक्षा में सभी पंजीकृत नियमित (रेगुलर) और व्यक्तिगत (प्राइवेट) परीक्षार्थियों का शामिल होना पूरी तरह से अनिवार्य रखा गया है. यह पहली परीक्षा पूरे 100% सिलेबस के आधार पर आयोजित की जाएगी.

सप्लीमेंट्री परीक्षा की पुरानी व्यवस्था हुई खत्म

मई-जून में आयोजित होने वाली दूसरी परीक्षा उन विद्यार्थियों के लिए एक बड़ा अवसर बनेगी जो पहली परीक्षा के अंकों से संतुष्ट नहीं हैं या नियमानुसार कुछ विषयों में अनुत्तीर्ण हो गए हैं. सबसे खास बात यह है कि बोर्ड ने पुरानी सप्लीमेंट्री व्यवस्था को पूरी तरह से रद्द कर दिया है. अब सप्लीमेंट्री परीक्षा की जगह यही दूसरी परीक्षा आयोजित होगी. इससे छात्रों को अंक बढ़ाने या योग्यता साबित कर उसी साल पास होने का मौका आसानी से मिल जाएगा.

अंक सुधार के लिए मिलेंगे अधिकतम तीन विषय

यदि कोई परीक्षार्थी पहली मुख्य परीक्षा में उत्तीर्ण हो जाता है, लेकिन उसे लगता है कि उसके अंक और बेहतर हो सकते थे, तो वह दूसरी परीक्षा में अधिकतम तीन विषयों में अंक सुधार (इंप्रूवमेंट) के लिए शामिल हो सकता है. इन विषयों में हिंदी, अंग्रेजी, विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान, व्यावसायिक शिक्षा और संस्कृत या कोई तीसरी भाषा शामिल है. हालांकि, छात्र को दूसरी परीक्षा में विषय बदलने की अनुमति बिल्कुल नहीं होगी.

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अंतिम परिणाम में कौन से अंक जोड़े जाएंगे

अब सबसे महत्वपूर्ण नियम की बात करते हैं कि अंतिम मार्कशीट किस परीक्षा के आधार पर बनेगी. राजस्थान बोर्ड की इस नई व्यवस्था में पहली और दूसरी परीक्षा में से जिस परीक्षा में छात्र को अधिक अंक प्राप्त होंगे, वही अंक अंतिम मार्कशीट में शामिल किए जाएंगे. यानी दूसरी परीक्षा में बेहतर अंक मिलने पर वही जुड़ेंगे और यदि पहली परीक्षा के अंक अधिक रहे तो वही मान्य माने जाएंगे.

अनुत्तीर्ण छात्रों के लिए क्या हैं नए नियम

मुख्य परीक्षा में अधिकतम दो विषयों में 33% से कम अंक पाने वाले परीक्षार्थियों को मई में होने वाली सुधारात्मक परीक्षा में भाग लेना होगा. इसके अलावा यदि कोई छात्र एक विषय में अनुपस्थित रहता है और दूसरे विषय में 33% से कम अंक प्राप्त करता है, तो उसे भी संबंधित विषय में दूसरी परीक्षा देनी होगी. इसे आवश्यक सुधार या ईआई (EI) के रूप में मार्क किया जाएगा. हालांकि, तीन या उससे अधिक विषयों में अनुत्तीर्ण या अनुपस्थित रहने वाले छात्रों को दूसरी परीक्षा का मौका नहीं मिलेगा और उन्हें अगले साल सभी विषयों की परीक्षा फिर से देनी होगी.

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