कभी मानवेंद्र सिंह जसोल अपनी पत्नी के साथ Jeep कंपनी के शोरुम में गए थे. बताया जाता है कि यहां नीरजा चारण इस शोरूम में सेल्स जीएम थीं. यहीं मनवेंद्र सिंह से पहली मुलाकात हुई. दरअसल कंपनी के दिल्ली स्थित शोरुम से इन्होंने Jeep कंपास एसयूवी खरीदी गई थी और उसकी सर्विसिंग के लिए जोधपुर के उस शोरुम में जाते थे जहां नीरजा थीं पोस्टेड थीं. दुर्भाग्यवश यही कार दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर अलवर के पास जनवरी 2024 में हादसे का शिकार हो गई. कार में मानवेंद्र सिंह, उनकी पत्नी चित्रा सिंह और बेटे के अलावा ड्राइवर था. हादसे में चित्रा सिंह का निधन हो गया. मानवेंद्र सिंह की पसलियां टूटी थी और गहरे घाव हुए थे.
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कहते हैं इसी दौरान अपने से आधी उम्र की नीरजा मानवेंद्र सिंह के करीब आईं. ऐसा देखा जाने लगा कि पत्नी के निधन के बाद उदास रहने वाले मानवेंद्र सिंह अचानक खुश नजर आने लगे. लोग यहां तक दावे करने लगे कि वे खुद को फिट रखने के लिए जिम में कसरत भी करने लगे. राजनैतिक कार्यक्रमों में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेने लगे. उनकी इस खुशी और नीरजा के प्यार से कनेक्ट करके देखा जाने लगा. कई कार्यक्रमों में ये नीरजा को साथ लेकर जाने लगे. सार्वजनिक कार्यक्रमों में जैसे मानवेंद्र सिंह का सम्मान होता था वैसे ही नीरजा का भी होने लगा. ऐसे में ये कहना कि ये इनकी पर्सनल असिस्टेंट हैं ये बात भी लोगों को पचना मुश्किल हो रहा है. बताया जा रहा है कि ये अपने बेटे के रिसेप्शन में भी नीरजा को लेकर पहुंच गए जिसके बाद परिवार में ही बवाल मच गया.
नीरजा चारण के इस पोस्ट से लगाए जाने लगे कयास
भूषन सकल सुदेस सुहाए। अंग अंग रचि सखिन्ह बनाए॥
रंगभूमि जब सिय पगु धारी। देखि रूप मोहे नर नारी॥
ये चौपाई श्रीरामचरितमानस के बालकाण्ड से सीता स्वयंवर प्रसंग से ली गई है. इसका अर्थ है कि सीताजी ने अपने सभी अंगों में सुंदर आभूषण धारण किए हैं, जिन्हें सखियों ने भली-भांति सजाकर पहनाया है. जब उन्होंने रंगभूमि में कदम रखा, तो उनके दिव्य सौंदर्य को देखकर वहां मौजूद सभी पुरुष और स्त्रियां मोहित हो गए.
वैसे तो ये प्रसंग सीता जी के अद्भुद सौंदर्य को दर्शाने के लिए लिखा गया था, लेकिन इस प्रसंग को नीरजा चारण ने अपने सोशल मीडिया पेज पर क्यों लगाया था, इसका भी अब लोग अर्थ निकालने लगे हैं. सीता स्वयंवर के प्रसंग से आखिर नीरजा चारण मैडम का क्या लेना देना है, कहीं इन्होंने भी तो कोई स्वयंवर नहीं रचा लिया. खैर इन लाइनों में श्रंगार रस और वीर रस दोनों की झलक दिखती है. एक ओर अपने सौंदर्य का बखान और दूसरी ओर अपने उस साहस का परिचय दिया जा रहा है, जिसमें कहीं ना कहीं ये स्वीकार्यता भी है कि प्रेम होता है भय समाप्त हो जाता है,कहीं ना कहीं उसी सत्य को दर्शाने की कोशिश की गई है. ख़ैर...
कौन हैं नीरजा चारण
नीरजा चारण पाली जिले के खींनावड़ी की रहने वाली हैं. उम्र 37 साल. इन्होंने जोधपुर के ग्लोबल इंस्टीट्युट में 4 साल तक रिसेप्सनिस्ट का काम किया है. नीरजा जोधपुर के जीप कंपास के शोरूम में सेल्स जीएम थीं. जहां जीप गाड़ी की सर्विसिंग होती थी. लोग ऐसा बताते हैं कि मानवेंद्र सिंह ने भी इसी कंपनी की एक जीप दिल्ली के शोरूम से खरीदी थी, लेकिन उसकी सर्विसिंग करवाने के लिए वो जोधपुर वाले शोरूम पर जाते थे. अब महाराज खुद सर्विसिंग के लिए जाते थे, तो कंपनी का पूरा स्टाफ भी उनके आगे-पीछे लगा ही रहता था. इसी सर्विसिंग के दौरान ही नीरजा चारण से मानवेंद्र सिंह जसोल की मुलाकात हो गई. जसोल साहब से मैडम की अच्छी दोस्ती हो गई और फिर धीरे-धीरे दोनों की नजदीकिया बढ़ने लगीं.
हादसे के बाद और नजदीक आईं नीरजा
सड़क हादसे के बाद मानवेंद्र सिंह को अस्पताल से छुट्टी मिलती है और जोधपुर स्थित फार्म हाउस पर पहुंचते हैं. तब नीरजा चारण अपनी दोस्त करुणा अरोड़ा और मनोज कानूगो के साथ मिलने जाने लगती हैं. मानवेंद्र सिंह जसोल ने कुलदेवी नागणेची माता मंदिर पर 9 दिन नवरात्रि के लिए रुके. उस दौरान भी नीरजा चारण मनोज कानूगो के साथ मिलने आईं थीं, जिसकी फोटो राजस्थान तक के पास एक्सक्लूसिव है. जिसमें मानवेंद्र सिंह, नीरजा चारण, मनोज कानूगो, करुणा अरोड़ा भी हैं. इस हादसे के दो साल बाद अब लोग ऐसी चर्चा करने लगे हैं कि मानवेंद्र सिंह ने जोधपुर के शो रूम वाली मैडम नीरजा चारण से दूसरी शादी कर ली है.
इस अफेयर पर मानवेंद्र सिंह ने क्या कहा?
हालांकि इसे लेकर मानवेंद्र सिंह हमने संपर्क भी किया था, लेकिन उनका साफ कहना था कि मैं इस पर कोई बात नहीं करना चाहता हूं. उधर नीरजा चारण और उनकी सहेली करुणा अरोड़ा की ओर से सोशल मीडिया पर कुछ ऐसी तस्वीरें पोस्ट की गईं, जिसे लेकर लोगों का संदेह अब यकीन में बदलने लगा है.
गले में फूलो की माला, लोग पूछ रहे- ये रिश्ता क्या कहलाता है?
मानवेंद्र सिंह की भी कुछ वायरल तस्वीरों में से एक में तो बाकायदा केक काटा जा रहा है और केक पर हैप्पी बर्थडे नीरजा लिखा हुआ है. इस पार्टी को नीरजा के साथियों ने जोधपुर के ही एक होटल में आयोजित किया था, जिसमें मानवेंद्र सिंह जसोल मुख्य अतिथि की भूमिका में थे. नीरजा और मानवेंद्र सिंह ने गले में फूलों की माला डाल रखी थी. ये तस्वीरें भी अब जमाने के सामने आ चुकी हैं, लेकिन अब भी मानवेंद्र सिंह की ओर से ये नहीं बताया जा रहा है कि ये रिश्ता क्या कहलाता है.
खैर मानवेंद्र सिंह के परिवार ने उनसे नाता तोड़ लिया है, बेटा हमीर सिंह नाराज है, मानवेंद्र की मां कालू बाई सा, उर्फ शीतल कंवर भी काफी गुस्से में हैं. बेटे को घर में घुसने नहीं दिया था. वो तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थीं. इतना सबकुछ होने के बाद भी जसोल साहब चट्टान की तरह अडिग हैं.
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