UP Rajya Sabha Election: अखिलेश यादव ने अपने तीसरे प्रत्याशी को लेकर लिया बड़ा फैसला, अब ये वजह आई सामने

शिवानी गोस्वामी

• 04:43 PM • 06 Oct 2026

Samajwadi Party Rajya Sabha candidate: राज्यसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने बड़ा फैसला लेते हुए तीसरा उम्मीदवार न उतारने का ऐलान किया है. अखिलेश यादव ने वोटों के गणित और क्रॉस वोटिंग के खतरे को देखते हुए यह कदम उठाया. सपा की ओर से रामगोपाल यादव और धनराज नाथवानी ने केवल दो सीटों पर नामांकन दाखिल किया है.

राज्यसभा के नंबर गेम में नहीं उलझेगी समाजवादी पार्टी.
राज्यसभा के नंबर गेम में नहीं उलझेगी समाजवादी पार्टी.
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Akhilesh Yadav Rajya Sabha election: उत्तर प्रदेश में होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर जारी गहमागहमी के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बड़ा फैसला लिया है. सपा ने राज्यसभा चुनाव में अपना तीसरा उम्मीदवार न उतारने का निर्णय किया है. लंबे समय से तीसरे प्रत्याशी के नाम को लेकर लगाई जा रही अटकलों पर अब विराम लग गया है. अखिलेश यादव ने वोटों के सियासी समीकरण और क्रॉस वोटिंग के जोखिम को देखते हुए यह सेफ गेम खेला है.

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वोटों के नंबर गेम में फंसा गणित, 8 वोटों की थी कमी

राज्यसभा चुनाव का पूरा समीकरण देखा जाए तो एक सीट जीतने के लिए लगभग 37 प्रथम वरीयता के वोटों की आवश्यकता होती है. समाजवादी पार्टी के पास अपने 101 और कांग्रेस के 2 विधायकों को मिलाकर कुल 103 विधायकों का समर्थन प्राप्त है. दो सीटों पर जीत हासिल करने के लिए सपा को 74 वोटों की जरूरत थी, जो उनके पास आसानी से उपलब्ध हैं. दो सीटें पक्की करने के बाद सपा के पास केवल 29 अतिरिक्त वोट बच रहे थे, जबकि तीसरी सीट के लिए कम से कम 8 और विधायकों के समर्थन की दरकार थी.

क्रॉस वोटिंग के डर से अखिलेश ने खींचे हाथ

तीसरी सीट जीतने के लिए आवश्यक 8 अतिरिक्त वोटों के बंदोबस्त के दौरान पार्टी के भीतर ही सेंधमारी और क्रॉस वोटिंग का खतरा मंडरा रहा था. सूत्रों के मुताबिक, पार्टी को अपने कुछ विधायकों के रुख पर संशय था. कौशांबी की चायल सीट से सपा विधायक पूजा पाल और अपना दल (कमेरावादी) की नेता पल्लवी पटेल समेत कुछ अन्य विधायकों के बीजेपी के संपर्क में होने की चर्चाएं गर्म थीं. पिछले राज्यसभा चुनाव में भी सपा के कई विधायकों ने पाला बदलकर बीजेपी उम्मीदवार के पक्ष में वोट दिया था. इसी रिस्क से बचने के लिए सपा प्रमुख ने तीसरा दांव न खेलने का फैसला किया.

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'निगाह तीन पर नहीं, 403 पर है' - अखिलेश यादव

तीसरा उम्मीदवार न उतारने के फैसले के बीच अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर अपनी रणनीति साफ की. उन्होंने लिखा कि अब उनकी निगाह तीन (राज्यसभा सीटों) पर नहीं, बल्कि यूपी की 403 विधानसभा सीटों पर है. यानी अखिलेश यादव का पूरा ध्यान अब 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पर केंद्रित है. वहीं, नामांकन के अंतिम दिन समाजवादी पार्टी की ओर से दो प्रत्याशियों - प्रोफेसर रामगोपाल यादव और रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े धनराज परिमल नाथवानी का पर्चा दाखिल कर दिया गया.

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