प्रयागराज माघ मेले में धरने पर बैठे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद काे आया अखिलेश यादव का फोन, जानें क्या क्या हुई बात?

Avamukteshwaranand Magh Mela Controversy: प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की पालकी रोके जाने का मामला अब सियासी तूल पकड़ चुका है. धरने पर बैठे शंकराचार्य को समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव का समर्थन मिला है. फोन पर हुई बातचीत में प्रशासनिक कार्रवाई और धार्मिक परंपराओं पर सवाल उठाए गए.

Akhilesh Yadav spoke to Shankaracharya over the phone.
अखिलेश यादव ने शंकराचार्य से की फोन पर बातचीत

समर्थ श्रीवास्तव

follow google news

Magh Mela Controversy: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माघ मेला इस वक्त खूब चर्चाओं में है. वजह हैं शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद. दरअसल, हाल ही में मौनी अमावस्या के दिन ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपनी पालकी रोके जाने के विरोध में धरने पर बैठ गए. इसी बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शंकराचार्य से फोन पर बातचीत कर उन्हें अपना समर्थन दिया है. ऐसे चलिए खबर में जानते हैं कि दोनों के बीच क्या बातचीत हुई.

Read more!

दोनों के बीच क्या हुई बातचीत?

अखिलेश यादव ने फोन पर शंकराचार्य  से कहा कि ''ये बहुत खराब लोग हैं. आपके साथ जो हुआ, उसका दुख है. आपके साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए था.'' बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने काशी का भी जिक्र किया. धरने पर बैठे शंकराचार्य ने अखिलेश यादव से फोन पर बातचीत के दौरान कहा कि ''अपनी लड़ाई हम अभिमन्यु की तरह चक्रव्यूह में लड़ रहे हैं.'' उन्होंने आगे कहा कि जब कोई बच्चा हिंदू धर्म में जन्म लेता है तभी से उसे गंगा यमुना में स्नान करने का अधिकार मिल जाता है. लेकिन उनसे यह अधिकार भी छीन लिया गया. उन्होंने इसे परंपरा और धार्मिक स्वतंत्रता पर आघात बताया.

यहां देखें खबर का वीडियो

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, माघ मेले में मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपनी परंपरागत पालकी यात्रा के जरिए संगम स्नान के लिए जा रहे थे. आरोप है कि प्रशासन ने सुरक्षा का हवाला देते हुए उनकी पालकी यात्रा को बीच रास्ते में रोक दिया और जिस स्थान पर उन्हें उतारा गया और वहीं छोड़ दिया. इसी के विरोध में शंकराचार्य उसी स्थान पर धरने पर बैठ गए.

प्रशासनिक अधिकारी मांगे माफी- शंकराचार्य

सोमवार दोपहर शंकराचार्य ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि जब तक प्रशासनिक अधिकारी आकर सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते तब तक वह अपने आश्रम में प्रवेश नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि इतिहास में जब भी शंकराचार्य संगम स्नान के लिए गए हैं वे पालकी में ही गए हैं. उन्होंने प्रण लेते हुए कहा कि "मैं हर मेले में प्रयागराज आऊंगा, लेकिन कभी भी शिविर में नहीं रहूंगा. फुटपाथ पर ही अपनी व्यवस्था करूंगा.''

संदीप यादव ने कराई थी फाेन पर बात

आपको बता दें कि शंकराचार्य से सपा प्रमुख अखिलेश यादव की बातचीत प्रदेश उपाध्यक्ष सपा युवजन सभा संदीप यादव ने कराई थी.  माघ मेले में संदीप संदीप ने मुलायम सिंह यादव के नाम से आश्रम बनाया हुआ है. 

यहां भी पढ़ें: कौन हैं सौम्या अग्रवाल, जिसकी तस्वीर दिखाकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने लगाएं कई आरोप

    follow google news