Ram Mandir Chadhawa Vivad: अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में सोमवार को एक नया मोड़ आ गया है. दरअसल, सोमवार को आरोपियों की ज्यूडिशियल कस्टडी को लेकर जिला कोर्ट में पेशी होनी थी. लेकिन इससे ठीक पहले अयोध्या बार एसोसिएशन ने एक बहुत बड़ी बैठक बुलाई है. इस बैठक में एसोसिएशन ने मेंबरर्स ने एक बड़ा फैसला लिया है. इस बारे में जानकारी देते हुए बार एसोसिएशन के महामंत्री शैलेंद्र जायसवाल ने बताया कि बैठक में सर्वसम्मति से तय किया है कि अयोध्या का कोई भी वकील कथित चंदा चोरी के आरोपियों के पक्ष में पैरवी नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि वकील आरोपियों को सजा दिलाने के लिए उनके खिलाफ खड़े होंगे.
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केस लड़ने पर लगेगा पांच लाख का जुर्माना
अयोध्या बार एसोसिएशन ने साफ कर दिया है कि अगर अयोध्या का कोई भी अधिवक्ता इन आरोपियों का केस लड़ता है तो उसे स्वेच्छा स्वरूप बार एसोसिएशन के पास 5 लाख रुपये जमा करने होंगे. इसके साथ ही उस वकील को तुरंत संघ से बाहर निकाल दिया जाएगा. एसोसिएशन के महामंत्री ने यह भी कहा कि अगर फैजाबाद या अयोध्या के बाहर का कोई वकील भी आकर इन आरोपियों की तरफ से अपना वकालतनामा लगाता है तो उसके खिलाफ भी तत्काल कड़ा निर्णय लिया जाएगा और उसे यहां वकालत नहीं करने दी जाएगी.
बड़ी मछलियों को बचाने और छोटों को फंसाने का आरोप
एसोसिएशन के महामंत्री शैलेंद्र जायसवाल ने SIT जांच पर भी सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि यह SIT जांच केवल बड़े अभियुक्तों और बड़ी मछलियों को बचाने के लिए की गई है. उनका कहना है कि आम जनता के बीच भी यही बात है कि चौकीदार, ड्राइवर, रिक्शा वाले और पोछा लगाने वाले जैसे छोटे लोगों को इस मामले में फंसा दिया गया है. उन्होंने सवाल उठाया इतना बड़ा घोटाला हो गया और बड़े पदाधिकारियों को पता न चले, यह बात गले से नीचे नहीं उतरती. वकीलों का सीधा आरोप है कि चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव जैसे बड़े लोगों को बचाने की पूरी कोशिश की जा रही है.
CBI जांच के लिए लिखा जाएगा पत्र
बार एसोसिएशन ने केवल वकालत न करने का फैसला ही नहीं किया है, बल्कि अब वे इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए आगे आ रहे हैं. महामंत्री के मुताबिक, इस कथित घोटाले की पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए बार एसोसिएशन अब सीबीआई जांच की मांग करेगा. इसके लिए देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य संबंधित जगहों पर पत्र भेजा जाएगा. उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो बार एसोसिएशन माननीय उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दाखिल करने से पीछे नहीं हटेगा.
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