पश्चिम बंगाल में भाजपा के प्रचंड जीत के दूसरे ही दिन सुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ के मर्डर केस में एक बार फिर नया मोड़ सामने आया है. 6 मई को हुई इस हाई प्रोफाइल मर्डर केस फिलहाल CBI के हाथ में है और लगातार मामले से जुड़े आरोपियों की तलाश जारी है. इसी कड़ी में CBI बलिया के रहने वाले ज्ञानेंद्र सिंह मोनू की तलाश कर रही थी. लेकिन आज ज्ञानेंद्र सिंह मोनू ने खुद बलिया कोर्ट में आकर गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में सरेंडर कर दिया है. सरेंडर करने से पहले ज्ञानेंद्र सिंह मोनू ने अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर पीएम मोदी, सीएम योगी और CBI से चंद्रनाथ रथ मामले में निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. इससे पहले भी उसने एक वीडियो जारी कर अपनी बेगुनाही की बात कही थी. आइए विस्तार से जानते है पूरी कहानी.
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ढूंढती रही CBI, खुद कर दिया सरेंडर
दरअसल चंद्रनाथ रथ मर्डर केस में CBI एक्टिव है और मामले की गुत्थी सुलझाने में जुटी हुई है. बलिया के रहने वाले ज्ञानेंद्र सिंह मोनू की तलाशी भी जारी थी. लेकिन आज ज्ञानेंद्र सिंह मोनू ने गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में खुद बलिया कोर्ट पहुंचे और वहां सरेंडर कर दिया. सरेंडर करने से पहले ज्ञानेंद्र ने एक पोस्ट करते हुए सीएम योगी और पीएम मोदी से मांग करते हुए लिखा कि, चंद्रनाथ रथ मामले की निष्पक्षता और उच्च स्तरीय जांच हो. आगे उसने मुकेश सिंह पर भी कई गंभीर आरोप लगाए. साथ ही उसने विश्वास जताते हुए यह भी लिखा कि, मुझे पूर्ण विश्वास है कि आपके हस्तक्षेप से मामले की निष्पक्ष जांच होगी तथा न्याय सुनिश्चित किया जा सकेगा.
पत्नी और वकील ने बताई ये बात
ज्ञानेंद्र सिंह के सरेंडर करने के बाद उसकी पत्नी गरिमा सिंह ने मीडिया से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने बताया कि, ज्ञानेंद्र सिंह मोनू की तलाश में कई बार CBI की टीम घर आई थी और पूछताछ की. CBI की टीम अपने साथ CCTV कैमरा का DVR भी ले गई. गरिमा सिंह का साफ कहना है कि उन्हें CBI पर पूरा भरोसा है और ज्ञानेंद्र सिंह का बंगाल में हुए हत्याकांड से कोई भी कनेक्शन नहीं है.
वहीं ज्ञानेंद्र के वकील कैश सिंह ने कहा कि गैंगस्टर के एक मामले में बीते 25 मई को बलिया कोर्ट से एक NBW(Non-Bailable Warrant) जारी हुआ था और इसी मामले में ज्ञानेंद्र सिंह ने कोर्ट में सरेंडर किया है. कैश सिंह ने भी साफ कहा है कि ज्ञानेंद्र सिंह मोनू का बंगाल में हुई चंद्रनाथ रथ मर्डर केस में कोई हाथ नहीं है.
पहले भी वीडियो जारी कर दिया था सफाई
आपको बता दें कि इससे पहले 25 मई के आसपास भी ज्ञानेंद्र सिंह ने अपने सोशल मीडिया से एक वीडियो जारी किया था. इस वीडियो में उन्होंने साफ कहा कि, मुकेश सिंह के कहने पर उन्होंने गाड़ी खरीदी थी और उसी गाड़ी से कलकत्ता गया था. लेकिन बाद में उन्होंने गाजीपुर में गाड़ी छोड़ दिया और उसके बाद गाड़ी कौन ले गया, ये मुझे नहीं पता. ज्ञानेंद्र सिंह मोनू ने तब भी मुकेश सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा था कि मुकेश सिंह और उसके भाई के पास कम से कम 10 सीम है और CBI से अनुरोध है कि मोबाइल की जांच हो.
6 मई को हुई चंद्रनाथ रथ की हत्या
4 मई को आए विधानसभा चुनाव के परिणाम में इस बार पश्चिम बंगाल में भाजपा ने टीएमसी को करारी शिकस्त दी. लेकिन इसी जीत के दो दिन बाद यानी 6 मई को मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की हत्या कर दी गई. मिली जानकारी के मुताबिक, शाम में जब चंद्रनाथ रथ घर जा रहे थे तभी मध्यग्राम इलाके में मौके मिलते ही अपराधियों ने उनपर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई, जिससे वहां खून-खून हो गया. चंद्रनाथ रथ को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
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