तीन बहनों की मौत, पिता की तीन शादियां…गाजियाबाद ट्रिपल डेथ केस में पुलिस को अब तक ये सब पता चला

Ghaziabad triple death mystery: गाजियाबाद की भारत सिटी सोसायटी में तीन नाबालिग बहनों की मौत की जांच में हर दिन नए खुलासे सामने आ रहे हैं. पिता के विरोधाभासी बयान, तीन शादियां, आर्थिक तंगी और पढ़ाई छूटने के एंगल ने मामले को और उलझा दिया है, जबकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है.

Ghaziabad 3 sisters death
Ghaziabad 3 sisters death

मयंक गौड़

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Ghaziabad 3 sisters death: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की भारत सिटी सोसायटी में तीन नाबालिग बहनों की रहस्यमयी मौत को लेकर हर दिन नए नए खुलासे हो रहे हैं. इससे ये मामला अब और उलझता जा रहा है. पुलिस की जांच जैसे जैसे आगे बढ़ रही है वैसे वैसे परिवार से जुड़े कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पिता चेतन कुमार के विरोधाभासी बयानों, उसकी तीन शादियों, आर्थिक संकट और बच्चियों की पढ़ाई छूटने के कारणों को जोड़कर अब पूरी घटना की कड़ियां जोड़ी जांच की जा रही हैं.

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तीसरी शादी पर विरोधाभासी बयान

पुलिस के मुताबिक चेतन से पूछताछ में बताया कि साल 2018 में गाजियाबाद में वो क्रेडिट कार्ड बनवाने का काम करता था. इस दौरान उसने उसने टीना को नौकरी पर रखा था. ऐसे में समय के साथ दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और प्यार हो गया. इसके बाद उसने टीना से तीसरी शादी कर ली. पुलिस के अनुसार टीना की उम्र करीब 22 वर्ष है. उससे चेतन की एक तीन साल की एक बेटी भी है. हालांकि, पहले चेतन ने पुलिस को टीना को अपनी साली बताया था.

पहली दो शादियों की टाइमलाइन पर सवाल

चेतन ने बताया कि उसने सुजाता से 2010 और हिना से 2013 में शादी की थी. लेकिन अब पुलिस इस टाइमलाइन को भी शक की निगाह से देख रही है क्याेंकि सुजाता से हुई उसकी बड़ी बेटी की उम्र 16 वर्ष बताई जा रही है, जो उसके पुराने दावों पर सवाल खड़े करती है. पुलिस अब विवाह से जुड़े दस्तावेज जुटाने की कोशिश कर रही है, लेकिन सुजाता और हिना के अशिक्षित होने के कारण वे न तो सही तारीख बता पा रही हैं और न ही कोई दस्तावेज उपलब्ध करा सकी हैं.

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आर्थिक तंगी और पढ़ाई छूटने की जांच

पुलिस ने बच्चियों की पढ़ाई और स्कूल छोड़ने के कारणों को लेकर भी पिता से पूछताछ की है. शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि आर्थिक तंगी के चलते बच्चियों की पढ़ाई कई साल पहले ही रुक गई थी. अब पुलिस ये पता लगाने में जुटी है कि बच्चियां किस स्कूल में पढ़ती थीं, उनकी शिक्षा किस स्तर तक हुई और किन हालात में स्कूल जाना बंद हुआ. साथ ही स्कूल प्रबंधन से भी संपर्क कर ये जांच की जाएगी कि क्या बच्चियां पढ़ाई में कमजोर थीं या लगातार असफल हो रही थीं.

तीन कमरे का फ्लैट, फिर भी एक कमरे में पूरा परिवार

जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि तीन बेडरूम के फ्लैट में रहने के बावजूद पूरा परिवार एक ही कमरे में सोता था. जब पुलिस ने पूछा कि देर रात तीनों बच्चियां कमरे से बाहर कैसे निकलीं और किसी ने ध्यान क्यों नहीं दिया तो चेतन ने इसे उनकी सामान्य दिनचर्या बताया.

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बेचे गए मोबाइल फोन की ट्रैकिंग जारी

पुलिस के अनुसार बच्चियों के पास पहले दो मोबाइल फोन थे. इन्हें चेतन ने कर्ज की वजह से बेच दिया था. उसने एक फोन करीब छह महीने पहले और दूसरा घटना से लगभग 15 दिन पहले बेचा था. अब दोनों फोनाें को पुलिस उनके IMEI नंबर के आधार पर ट्रैकिंग कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि यदि फोन फॉर्मेट कर दिए गए हों तो डेटा रिकवरी कठिन होती है. फिर भी तकनीकी स्तर पर सभी संभावनाओं पर काम किया जा रहा है.

कई पहलुओं को जोड़कर आगे बढ़ रही जांच

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लड़कियों की मौत के पीछे पारिवारिक माहौल, आर्थिक संकट, पिता की तीन शादियां, पढ़ाई छूटना, मानसिक दबाव और पुराने घटनाक्रम जैसे सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट, स्कूल रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और परिवार के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी.

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