गाजियाबाद में 3 बहनों की मौत के बाद नानी ने रो-रोकर बताई मां टीना और बच्चियों की अनसुनी कहानी
Ghaziabad triple death mystery: गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में 9वीं मंजिल से गिरकर हुई 3 सगी बहनों की मौत ने सबको हैरान कर दिया है. दिल्ली के सीलमपुर में रह रहे बच्चियों के नाना-नानी ने अब इस मामले में कई ऐसी चौंकाने वाली बातें बताई हैं, जो रोंगटे खड़े कर देने वाली हैं.

Ghaziabad 3 sisters death: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में 3 फरवरी की रात तीन लड़कियाें की मौत का मामला उलझता जा रहा है. एक साथ तीन बहनों निशिका, प्राची और पाखी की 9वीं मंजिल से गिरकर हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. इस पूरे मामले की पड़ताल करते हुए जब 'यूपी तक' की टीम दिल्ली के सीलमपुर में बच्चियों के नानी के घर पहुंची. यहां बच्चियों की नानी ने चेतन, उसकी पत्नी (अपनी बेटी) के बार में कई चौंकाने वाली बातें बताईं. इसके साथ ही तीनों बहनों को लेकर थी हैरान करने वाले खुलासे किए.
कोरियन गेम का जानलेवा जुनून
बच्चियों की नानी ने रोते हुए बताया कि तीनों में बड़ी बेटी निशिका बहुत डरपोक थी, बीच वाली लड़की प्राची (14 वर्ष) काफी तेज दिमाग की थी, वहीं छोटी वाली भी डरपोक थी. नानी ने बताया कि बच्चे पहले कोई गेम नहीं खेलते थे, लेकिन पिछले डेढ़ दो सालों से उनपर एक अजीब सा जुनून सवार हो गया था. नानी के मुताबिक, "प्राची कहती थी कि हमें कोरियन बनना है, हमें कोरियन के पास जाना है. वे लोग भारतीय लोगों और अपनी संस्कृति से नफरत करने लगी थीं." बच्चियों ने अपने घर की दीवारों पर परियों और कार्टूनों के चित्र बना रखे थे. वे मानती थीं कि अगर वे ऊंचाई से गिरेंगी तो परियां आकर उन्हें बचा लेंगी.
रिश्तों का उलझा हुआ ताना बाना
इस दौरान ये भी पता लगा कि बच्चियों के पिता यानी चेतन कुमार की तीन पत्नियां हैं, इनके नाम सुजाता, हिना और टीना है. हैरानी की बात है कि ये तीनों महिलाएं एक ही छत के नीचे बिना किसी झगड़े के रहती थीं. नानी ने बताया कि सुजाता और हिना सगी बहनें हैं और टीना को भी उन्होंने ही पसंद किया था. घटना के बाद से टीना का भी रो रो कर बुरा हाल है और वो सदमे में है. हालांकि, नानी ने दबी जुबान में टीना नाम की महिला द्वारा उन्हें बच्चियों से मिलने से रोकने का भी जिक्र किया.
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शमशान घाट का वो मंजर
नानी ने बताया कि जब उन्होंने अपनी नवासियों के शव देखे तो उनका दिल दहल गया. छोटी वाली बच्ची का चेहरा पूरी तरह से खराब हो चुका था. अस्पताल से लेकर शमशान घाट तक बच्चियों की दोनों मां (सुजाता और हिना) का रो रोकर बुरा हाल है. वे इस सदमे को बर्दाश्त नहीं कर पा रही हैं.
पुलिस जांच और नानी की मांग
फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है. पुलिस ने मोबाइल डेटा और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि यह साफ हो सके कि उस काली रात को 9वीं मंजिल की बालकनी पर असल में क्या हुआ था.
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