'हमारे लिए तो वो...' IAS दिव्या मित्तल ने मिर्जापुर के जिस गांव में घर-घर पहुंचाया था पानी, इस्तीफे पर वहां के लोगों ने दिया ऐसा रिएक्शन

मधुर यादव

• 10:12 AM • 02 Sep 2026

Divya Mittal DM Mirzapur Resignation News: यूपी की चर्चित आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल के इस्तीफे की खबर से मिर्जापुर का लहूरियादह गांव भावुक है. आजादी के बाद से पानी के लिए तरस रहे इस पहाड़ी गांव में पूर्व डीएम दिव्या मित्तल ने घर-घर नल से पानी पहुंचाया था. उनके इस्तीफे के बाद ग्रामीण उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों को याद कर रहे हैं.

दिव्या मित्तल के इस्तीफे पर भावुक हुए लोग!
दिव्या मित्तल के इस्तीफे पर भावुक हुए लोग!
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IAS Divya Mittal Resignation News: उत्तर प्रदेश की चर्चित आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल द्वारा प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा दिए जाने के बाद मिर्जापुर का लहूरियादह गांव एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है. दिव्या मित्तल ने सोशल मीडिया पर अपने इस्तीफे का ऐलान करते हुए जिस गांव का खास तौर पर जिक्र किया, वह मिर्जापुर का लहूरियादह ही है. इस खबर के आते ही गांव के लोग भावुक हो गए और उनकी आंखों में अपने गांव की तस्वीर बदलने वाली पूर्व डीएम के प्रति सम्मान और दुख साफ दिखाई दे रहा है.

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आजादी के बाद से पानी के लिए तरसता था 800 की आबादी वाला गांव

उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा पर विंध्य की पहाड़ियों के बीच बसे लहूरियादह गांव की आबादी लगभग 800 है. आजादी के बाद से ही यहां के लोग पानी की बूंद-बूंद के लिए तरसते थे. ग्रामीणों को पानी के लिए किलोमीटर दूर जंगलों और झरनों में जाना पड़ता था, जहां जहरीले कीड़े-मकोड़ों और जंगली जानवरों का डर बना रहता था. प्रशासन टैंकर से पानी भेजता भी था तो वह कार्ड पर मिलता था, जहां प्रति व्यक्ति केवल 15 लीटर पानी ही नसीब होता था. गांव का 135 हाथ गहरा कुआं सूख जाता था और महिलाएं आधा-आधा लीटर पानी निकालने को मजबूर थीं.

जब दिव्या मित्तल बनीं मिर्जापुर की डीएम और बदली गांव की किस्मत

जब आईएएस दिव्या मित्तल मिर्जापुर की जिलाधिकारी बनीं, तो वे खुद इस दुर्गम गांव में पहुंचीं. उन्होंने कुएं में बाल्टी डालकर देखा कि महिलाएं कितनी तकलीफ से पानी निकाल रही हैं. इसके बाद उन्होंने ठान लिया कि इस गांव तक पानी पहुंचाना है. हर घर जल योजना और जल जीवन मिशन के तहत उन्होंने दिन-रात मेहनत की और 31 अगस्त 2023 को पहली बार गांव के हर घर में नल से पानी पहुंच गया.

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'हमारे लिए तो वो भगवान बनकर आई थीं' - भावुक हुए गांव वाले

दिव्या मित्तल के इस्तीफे की खबर मिलते ही गांव की महिलाएं और बुजुर्ग भावुक हो उठे. गांव की रामकली ने बताया कि हमारे पूर्वज पानी का सपना देखते-देखते दुनिया से चले गए, लेकिन दिव्या मित्तल हमारे लिए भगवान बनकर आईं और पानी की व्यवस्था की. वहीं शीला और लल्लन जैसे ग्रामीणों का कहना है कि जहां पानी लाना असंभव माना जाता था, वहां आज नल खोलते ही पानी आ जाता है. गांव वाले आज भी उन्हें एक अधिकारी नहीं, बल्कि अपने जीवन को बदलने वाली मसीहा के रूप में याद कर रहे हैं.

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