'पकड़े जाओ तो मेरा नहीं, सुब्रत का नाम लेना...' करोड़पति कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में बड़ी साजिश का खुलासा ?

सिमर चावला

• 05:12 PM • 09 Sep 2026

कानपुर के विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस को अहम सुराग मिले हैं. साजिश के तहत आरोपियों को सुब्रत का नाम लेने की हिदायत दी गई थी. कॉल डिटेल और डिलीटेड चैट की फॉरेंसिक जांच जारी है.

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विनीत मिनोचा हत्याकांड में डिलीटेड चैट वाली बात सामने आई.
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कानपुर के बहुचर्चित विनीत मिनोचा हत्याकांड में बहू और बेटे के आरोपी के साथ कॉल और चैट्स में बड़ी साजिश की भनक लगी है. साजिश से जुड़ी कुछ चौंकाने वाली बातें भी सामने आई हैं. डीसीपी वेस्ट कासिम आब्दी ने UP तक को बताया- अरोपी से पूछताछ में पता चला है कि हत्याकांड की साजिश पहले से ही रची जा रही थी. पहले हत्याकांड को हादसे का रूप देने की योजना बनी. कानपुर जैसे भीड़भाड़ वाले शहर में ये संभव नहीं हो पाने के कारण इसे नेचुरल डेथ का एंगल देने पर बात बनी. हालांकि हालात कुछ ऐसे बने कि आरोपियों ने चाकू मारकर हत्या कर दी और फरार हो गए. पुलिस ने आरोपियों को मुछभेड़ में गिरफ्तार कर लिया. 

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किसने कहा था- 'मेरा नहीं सुब्रत का नाम लेना' 

पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों को शालू यानी विनीत मिनोचा की बहू ने ये साफ इंस्ट्रक्शन दिया था कि पकड़े गए तो सुब्रत का नाम लेना. अब सवाल ये है कि हत्याकांड की कथित मास्टरमाइंड शालू इस मामले में खुद को साफ बचाने के लिए ऐसा कर रही थी या ये सोची समझी रणनीति थी. पुलिस के मुताबिक ये भी साजिश का हिस्सा था. चूंकि आरोपी विशाल की सुब्रत से अक्सर बात होती रहती थी. इसलिए जब पुलिस का शक सुब्रत पर जाता तो कहानी की कड़ियां ज्यादा मजबूती से फिट बैठतीं और जांच को गुमराह किया जा सकता था.

हत्या को लेकर कैसे बना प्लान 

विनीत मिनोचा की हत्या को लेकर बनी योजना के तहत किसी वाहन से टक्कर मारने और उसे हादसे का रूप देना था. हालांकि कानपुर जैसे भीड़-भाड़ वाले इलाके में ऐसा करना संभव नहीं था इसलिए प्लान बी बना. इसके तहत तकिए से मुंह दबाकर मारने का प्लान था और बाद में इसे हार्ट अटैक का जामा पहनाने की तैयारी थी. पर ऐन मौके पर प्लान बी भी फेल हो गया. सुब्रत और शालू के कमरे में आरोपी छिपे थे. इधर विनीत मिनोचा किसी काम से उनके कमरे में चले गए. वहां अंधेरा था और आरोपी दरवाजे के पीछे छिपने की कोशिश कर रहे थे. तभी विनीत मिनोचा ने लाइट जला दी. लाइट जलते ही आरोपी सामने आ गए. ऐसे में उन्होंने बिना मौका गंवाए विनीत मिनोचा पर चाकू से तबाड़तोड़ वार कर दिया. 

बहू और आरोपी के बीच 49 मैसेज, सभी डिलीटेड 

पुलिस ने विनीत मिनोचा की बहू शालू और सुब्रत के फोन की जांच की. सुब्रत के फोन से आरोपी से 21 दिन में 300 से ज्यादा बार बातचीत हुई है. वहीं शालू से करीब 30 बार बात हुई है. दोनों की आरोपी विशाल से बातचीत फोन और वाट्सएप कॉल से हुई है. बहू शालू और आरोपी के बीच 49 संदेशों का आदा-प्रदान हुआ है. हालांकि सभी मैसेज डिलीटेड हैं. मैसेज रिकवर होने के बाद ये केस की अहम कड़ी बन सकते हैं. पुलिस ने फोन को फोरेंसिक जांच में भेजा है और चैट रिकवर करने की कोशिश हो रही है. चैट रिकवरी के बाद ही पता चल पाएगा कि साजिश में कौन कौन शामिल था. पुलिस के मुताबिक मृतक विनीत के बेटे सुब्रत को अभी जांच से बाहर नहीं रखा गया है. पूरे मामले में शालू का डायरेक्ट लिंक निकलकर आया है. 

आरोपी को किसने और कब दिया सुपारी  ? 

पुलिस के मुताबिक आरोपियों से पूछताछ में सामने आया है कि हत्याकांड से 20-25 दिन पहले विशाल से गुमटी नंबर 5 के आसपास शालू आकर मिली. उसने विशाल को विनीत मिनोचा की हत्या करने का ऑफर दिया. पहले तो विशाल घबरा गया और उसने मना कर दिया पर जैसे ही पैसे शालू ने 6 लाख रुपए का ऑफर दिया तो वो मान गया. चूंकि उसे पैसों की जरूरत थी. फिर उसने एक साथी को योजना में शामिल किया और हत्याकांड को अंजाम दिया. 

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