Lucknow drum murder case: पिता को गोली मार आरी से टुकड़े करने वाले अक्षत ने कैमरे के सामने क्या कहा? बहन के मिलीभगत पर भी दिया रिएक्शन

लखनऊ मानवेंद्र सिंह मर्डर केस: आरोपी बेटे अक्षत ने कोर्ट में पेशी से पहले मीडिया के सवालों का किया सामना. उसने बताया कि पिता को क्यों मारा और बहन की इस पूरे मामले में भूमिका थी या नहीं. पढ़े पूरा सिलसिलेवार मामला विस्तार से.

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आरोपी अक्षत ने मीडिया के सवालों का दिया जवाब.

समर्थ श्रीवास्तव

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 Akshat father murder: लखनऊ का पॉश इलाका आशियाना थाना क्षेत्र...सेक्टर एल का बहुमंजिला मकान. मकान से सड़क ने गंध ने पड़ोसियों को परेशान किया तो पुलिस की घर में  एंट्री हुई. फिर जो खुलासा हुआ उसने मेरठ की मुस्कान के घिनौने जुर्म और नीले ड्रम में सौरभ की डेड बॉडी की याद दिला दी. इस कहानी में किरदार बदल गए...हत्या को मोटिव बदल गया पर शव नीले ड्रम में कई टुकड़ों में मिला. फिर पुलिस आरोपी बेटे अक्षत तक पहुंची. पूछताछ के बाद हत्याकांड की परते ऐसे खुलने लगीं कि पूरा शहर सहम गया. 

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पुलिस का दावा है कि आरोपी बेटे अक्षत प्रताप सिंह (21) ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है. हत्याकांड के बाद क्राइम सीन रि-क्रिएशन में अक्षत को जब पुलिस वापस घर लेकर गई तब उसके चेहरे पर न ही शिकन था पछतावा. ऐसे लग रहा था मानो कुछ हुआ ही नहीं है. या उसने जो भी किया है वो सोच समझकर किया है. 20 फरवरी को पिता मानवेंद्र सिंह (49) की हत्या होती है और 25 फरवरी को अक्षत को पुलिस कोर्ट में पेश करती है. पेशी से पहले अक्षत से Aaj Tak ने बात करने की कोशिश की. कई सवाल हुए पर उसने जवाब नहीं दिया. पिता की हत्या क्यों की? इस सवाल पर उसने कहा- 'गलती से हो गया.' रिपोर्टर ने फिर सवाल किया...हत्याकांड में बहन कृति की भी भूमिका है? अक्षत ने 'न' में सिर हिला दिया. 

पुलिस ने बरामद कर लिए वो सारे हथियार 

इधर पुलिस ने हत्याकांड में इस्तेमाल किए गए हथियार आरी, राइफल और चाकू को बरामद कर कस्टडी में ले लिया है. इसके अलावा वो नीला ड्रम भी पुलिस ने कस्टडी में ले लिया है जिसमें मानवेंद्र सिंह की लाश को टुकड़ों में रखा गया था.

 

पुलिस ने माना- बेहद शातिर दिमाग वाला है अक्षत 

पुलिस का मानना है कि अक्षत बेहद शातिर दिमाग वाला है. हत्याकांड के बाद वो काकोरी गया और वहां फोन ऑन किया ताकि लास्ट लोकेशन घर की बजाय काकोरी आए और जांच भटक जाए. काकोरी में मानवेंद्र सिंह की पैथोलॉजी थी. हत्याकांड के दिन उनका फोन स्विचऑफ कर काकोरी ले गया. इधर बहन कृति के साथ दोनों ने शव के पास बैठकर नॉनवेज खाया.अपने दिन को सामान्य रखा. बहन अपनी चाची से नियमित रूप से मिलती रही ताकि चाची उस कमरे तक न पहुंचे जहां नीले ड्रम में शव रखा था. बहन 11वीं का एग्जाम देने अगले दिन स्कूल भी गई. भाई-बहन ने सबकुछ सामान्य दिखाने की कोशिश की ताकि किसी को शक न हो. 

सवाल- बहन को अक्षत ने डराया था या वो भी मिली थी?  

बहन का अक्षत का साथ देना इस बात की ओर इशारा कर रहा है कि शायद वो भी इस हत्याकांड में उसके साथ मिली थी. इस बात की भी आशंका जाहिर की जा रही है कि शायद अक्षत ने उसे इतना डरा दिया था जिससे वो उसका साथ देने पर मजबूर थी. घर में केवल पिता और भाई अक्षत ही थे. मां 8 साल पहले गुजर चुकी थी. अब पिता की भी हत्या हो चुकी थी. हत्यारा कोई और नहीं बल्कि भाई अक्षत था. ऐसे में क्या बहन कृति काफी डरी हुई थी. मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए अक्षत ने तो उसकी मिलीभगत पर 'ना' में सिर हिला दिया है. अब देखना है कि जांच में और क्या सामने आता है? 

कौन हैं मानवेंद्र सिंह जिनकी बेटे ने कर दी हत्या, क्या बताई वजह?  

49 के मानवेंद्र सिंह यूपी के जालौन जिले के रहने वाले हैं. उनका लखनऊ में कारोबार था. वे वर्धमान पैथोलॉजी के ओनर थे. वे लखनऊ के आशियाना थाना इलाके के सेक्टर एल में तीन मंजिला मकान में रहते थे. ग्राउंड फ्लोर पर वो 21 साल का बेटा अक्षत प्रताप सिंह और 17 साल की बहन कृति के साथ रहते थे. . फर्स्ट फ्लोर पर छोटा भाई पत्नी और दो बच्चों के साथ रहता था. मानवेंद्र सिंह की पत्नी की 9 साल पहले मौत हो चुकी थी. बेटे और बेटी की परवरिश का जिम्मा अकेले मानवेंद्र सिंह के कंधों पर था. 

20 फरवरी को क्या हुआ था?  

20 फरवरी को तड़के साढ़े चार बजे पिता और पुत्र में तीसरे फ्लोर पर बहस होती है. बहस के दौरान बेटा अक्षत पिता की लाइसेंसी रायफल से उन्हें गोली मार देता है. उनकी मौत के बाद शव को घसीटकर वो ग्राउंड फ्लोर पर लेकर आता है. इस दौरान फर्स्ट फ्लोर पर चाचा-चाची बच्चों के साथ सो रहे होते हैं. ग्राउंड फ्लोर पर लाकर शव को नीले ड्रम में भरने की कोशिश करता है. शव ड्रम में नहीं जा पाता तो आरी और चाकू की मदद से शव के टुकड़े करता है. सिर और बॉडी के अलग-अलग पार्ट शहर के अलग-अलग हिस्सों में फेंकता है. इस काम में वो पिता की ब्रेजा कार का इस्तेमाल करता है जिसपर पुलिस का स्टिकर और पुलिस लिखा हुआ है. गाड़ी में पैथोलॉजी के पेपर भी पड़े हुए थे. बाकी कटे अंगों को नीले ड्रम में भर देता है और उस ड्रम को एक कमरे में रख देता है. 

बदबू आने पर छिड़का रुमफ्रेशनर 

जांच में ये बात भी सामने आई है कि आरोपी बेटे ने पिता के शव के टुकड़े कर उसे ड्रम में डाल उसमें एसिड डाल दिया था ताकि वो गल जाए. बदबू को रोकने के लिए रुमफ्रेशनर छिड़क रहा था. 20 से लापता हुए पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट 23 फरवरी को थाने में लिखवाई. पिता के गुम हो जाने का नाटक कर रहा था. इस नाटक में बहन को शामिल होने पर मजबूर कर दिया था. 

कहां से आई आरी, चाकू और नीला ड्रम 

जांच में सामने  आया है कि अक्षत ने ब्लिंकिट से चाकू ऑर्डर किया था जबकि आरी और नीला ड्रम (Blue drum murder) बाजार से जाकर खरीदा था.

 

अक्षत ने ऐसा क्यों किया? 

अभी तक की जांच में सामने आया है कि अक्षत और उसके पिता से कॅरियर को लेकर विवाद चल रहा था. अक्षत बीकॅाम कर रहा था जबकि पिता उसे नीट पास कर डॉक्टर बनने की सलाह दे रहे थे. जाबकि अक्षत इसके लिए राजी नहीं था. पड़ोसियों ने ये भी बताया कि अक्षत नीट का एग्जाम दे चुका था और उसे पास नहीं कर पाया था. कॉलोनी में ज्यादा किसी से बात नहीं करता था. पिता की रायफल का रौब झाड़ता था. 

एक बार घर से भाग चुका था अक्षत 

बताया जा रहा है कि अक्षत एक बार घर से भी भाग चुका था. उसे कानपुर से बरामद किया गया था. इसने 6 पन्नों का नोट्स छोड़ा था जिसमें उसने पिता को पैथालॉजी बंद कर रेस्टोरेंट खेलने की सलाह दी थी. भागने की घटना के बाद मानवेंद्र सिंह ने बेटे पर पहले ज्यादा सख्ती शुरू कर दी थी. 

दूसरी शादी की चर्चा तो वजह नहीं 

एक एंगल ये भी सामने आ रहा है कि मानवेंद्र सिंह बेटे की हरकतों से खफा थे. पत्नी के न रहने और बेटे की हरकतों से परेशान अब वो दूसरी शादी करना चाहते थे. इस संबंध में उनकी किसी से बात भी हुई थी. पुलिस अभी आरोपी से पूछताछ कर रही है. 

लखनऊ मानवेंद्र सिंह हत्याकांड: घर के अंदर पड़ी थी पिता की लाश, अक्षत अपनी बहन के साथ खाता रहा नॉनवेज, मामले में पड़ोसियों किए हैंरान करने वाले खुलासे
 

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