मेरठ के नीले ड्रम केस की रुह कंपाने वाली यादें आज फिर ताजा हो गई. प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पति सौरभ के सीने पर बैठकर बेरहमी से हत्या करने वाली मुस्कान को अदालत ने मृत्युदंड की सजा दी है. इस का ऐलान होते ही कोर्ट रुम में 'भारत माता की जय' के नारे लगे. यही नहीं इस फैसले के बाद कोर्ट परिसर में लोगों ने मिठाइयां भी बांटी. कोर्ट में सजा पर सुनवाई करते हुए जज ने महाभारत का जिक्र करते हुए कहा- 'दंड भी धर्म है'
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सौरभ राजपूत के परिवार के वकील विजय बहादुर ने बताया कि इस केस के फैक्ट्स और एविडेंस को ध्यान में रखते दोनों को मृत्युदंड की सजा दी गई है. धारा 238A में इनको सात साल की सजा और 20,000 रुपए का जुर्माना भी किया है. कोर्ट में भीड़ बहुत ज्यादा थी. शोर-शराबा बहुत था, इसलिए बहुत बातें सुनने में नहीं आ पायी थीं. सजा पर बहस की गई. कुल 22 गवाह पेश किए थे.
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वकील केके चौबे के मुताबिक, अदालत ने महाभारत का उल्लेख करते हुए कहा कि अपराधियों को दंड देना भी धर्म का काम है. चौबे ने फैसले को समाज के लिए संदेश बताया कि लालच में करीबी रिश्तों की हत्या जैसा जघन्य अपराध करने वालों को कठोर सजा मिलेगी.
साथ नहीं रहना तो अलग हो जाओ- सौरभ की मां
मृतक सौरभ रस्तोगी की मां भी कोर्ट में मौजूद थीं. उनकी शुरू से ही मांग थी कि दोषियों को फांसी की सजा मिले. सजा मिलते ही उन्होंने खुशी का इजहार किया. इस मौके पर उन्होंने अपने बेटे सौरभ को याद किया और इमोशनल हो गईं. उन्होंने कहा-''साथ नहीं रहना तो अलग हो जाओ, किसी के बच्चे को मत मारो''. यही नहीं उन्होंने आगे कहा- 'अगर ऐसा काम करेंगे तो उन्हें भी फांसी की सजा होगी'.
घर के एक-एक कोने में उसकी याद है- सौरभ की मां
आज जब मुस्कान और साहिल को सजा होनी थी तब सौरभ की मां ने बेटे को याद किया. उनकी आंखें छलक गईं. बोलीं- 'हमारे लिए हमारा बच्चा कहीं गया ही नहीं है. घर के एक-एक कोने में उसकी याद है.'
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