noida crime news: उत्तर प्रदेश के नोएडा में बुधवार को एक बड़ा हादसा हो गया. थाना सेक्टर-126 क्षेत्र में एक निजी यूनिवर्सिटी के चार छात्र परीक्षा खत्म होने के बाद पिकनिक मनाने गए थे, जहां गहरे पानी में डूबने से एक छात्र की जान चली गई. मृतक छात्र की पहचान इंदिरापुरम, गाजियाबाद निवासी हर्षित भट्ट के रूप में हुई है. इस घटना ने नोएडा प्राधिकरण के उन दावों की पोल खोल दी है, जिसमें 'डेथ पॉइंट्स' को सुरक्षित करने की बात कही गई थी.
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एग्जाम के बाद पिकनिक पड़ी भारी
पुलिस के मुताबिक, चारों छात्र परीक्षा समाप्त होने के बाद सेक्टर-94 में सुपरनोवा के पास स्थित एक पुराने और खाली पड़े निर्माण स्थल पर गए थे. वहां गहरे गड्ढे में पानी भरा हुआ था. पार्टी के दौरान हर्षित भट्ट नहाने के लिए पानी में उतरा, लेकिन गहराई का अंदाजा न होने के कारण वह अचानक डूबने लगा. उसे बचाने की कोशिश में उसके साथी भी पानी में उतरे, जिन्हें बाद में सकुशल रेस्क्यू कर लिया गया.
पुलिस और NDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही पीआरवी (PRV) और सेक्टर-126 थाने की पुलिस स्थानीय गोताखोरों के साथ मौके पर पहुंची. सूचना मिलते ही डीसीपी साद मियां खान भी घटनास्थल पर पहुंचे. हर्षित को पानी से बाहर निकालकर तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. अन्य तीन छात्रों को रेस्क्यू कर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनकी स्थिति अब सामान्य बताई जा रही है.
प्राधिकरण पर उठे सवाल: युवराज की मौत से नहीं लिया सबक?
यह हादसा नोएडा प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है. कुछ समय पहले इंजीनियर युवराज की मौत के बाद प्राधिकरण के अफसरों ने दावा किया था कि शहर के ऐसे सभी 'डेथ पॉइंट्स' (खतरनाक गड्ढे और निर्माण स्थल) को चिन्हित कर उचित कार्रवाई की जाएगी. नए सीईओ कृष्णा करुणेश ने भी ऐसे स्थलों की सूची बनाकर सुरक्षा के निर्देश दिए थे, लेकिन आज हुई छात्र की मौत ने साबित कर दिया कि जमीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं. पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.
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