Rasik Dulari Sharan death news: वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की संदिग्ध हालात में हुई मौत का मामला थमता नजर नहीं आ रहा है. एक तरफ पुलिस इसे शुरुआती जांच में आत्महत्या का मामला मानकर देख रही है, वहीं मध्य प्रदेश के जबलपुर में रहने वाले मृतक के परिजनों ने इस थ्योरी को पूरी तरह खारिज कर दिया है. परिजनों ने साफ शब्दों में आरोप लगाया है कि दीपक की हत्या कर उसे चौथी मंजिल से फेंका गया है.
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'हमारा लड़का समझदार था'- चाचा
जबलपुर में मृतक के परिजन रघु पटेल लोधी का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. उन्होंने दावा करते हुए कहा कि पूरा गांव इस बात की गारंटी देता है कि दीपक लोधी इतना समझदार लड़का था कि वह खुद ऐसा कोई आत्मघाती कदम नहीं उठा सकता. रघु पटेल ने कहा, "दीपक के साथ बड़ा धोखा हुआ है. उसे मार कर फेंका गया है, यह हम गारंटी के साथ बोल रहे हैं. अगर उसने छत से छलांग लगाई, तो कमरे में रखे इलेक्ट्रिक ग्राइंडर पर खून कहां से आया? इसका जवाब मिलना चाहिए."
परिजनों ने उठाए तीखे सवाल, सीबीआई जांच की मांग
मृतक दीपक लोधी के परिजनों ने दीक्षा के बाद के घटनाक्रमों पर भी सवाल उठाए हैं. उनका आरोप है कि दीक्षा लेने के बाद से ही परिवार को उससे खुलकर बातचीत या मिलने नहीं दिया जाता था. परिजनों ने कहा कि कमरे की दीवारों पर खून, ग्राइंडर पर खून के धब्बे और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर के दो हिस्सों में बंटने व प्राइवेट पार्ट अलग होने जैसी बातें हत्या की तरफ इशारा करती हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए मृतक के भाई और परिजनों ने उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन से पूरे केस की सीबीआई (CBI) जांच कराने की मांग की है.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की तफ्तीश पर टिकीं निगाहें
आपको बता दें कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अत्यधिक ब्लीडिंग को मौत की मुख्य वजह बताया गया है. साथ ही शरीर पर मरने से पहले की कई चोटें (एंटीमॉर्टम इंजरी), सिर पर टांके, पसलियों में फ्रैक्चर और प्राइवेट पार्ट शरीर से अलग मिलने की पुष्टि हुई है. फिलहाल मथुरा पुलिस ने कमरे से मिले डीवीआर, फॉरेंसिक सैंपल और मृतक का मोबाइल जांच के लिए लैब भेज दिया है. वहीं दूसरी ओर, जबलपुर से लेकर अयोध्या और मथुरा के साधु-संतों में भी इस घटना को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है.
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