Vrindavan Deepak Lodhi death controversy: वृंदावन के राधा केली कुंज आश्रम में साधक रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. उनका वास्तविक नाम दीपक लोधी था. वह मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे और साल 2024 से वृंदावन में रह रहे थे. उन्हें संत प्रेमानंद महाराज का शिष्य बताया गया है. पुलिस की शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का नजर आ रहा है. हालांकि परिवार इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं है. परिजनों का कहना है कि दीपक ऐसा कदम नहीं उठा सकते थे. उन्हें उनकी मौत के पीछे किसी साजिश की आशंका है.
ADVERTISEMENT
परिवार ने CBI जांच की मांग उठाई
दीपक की मौत के बाद परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. परिजन चाहते हैं कि मामले की CBI से जांच कराई जाए. उनका कहना है कि जांच में मौत से जुड़े हर सवाल का जवाब सामने आना चाहिए. परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की फिलहाल स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. इसलिए मौत की असली वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.
गुरु दीक्षा के बाद मुलाकात को लेकर भी सवाल
दीपक के जीजा सोनू पटेल ने बताया कि गुरु दीक्षा लेने के बाद उनसे मिलना परिवार के लिए मुश्किल हो गया था. परिजनों का दावा है कि वे कई बार आश्रम पहुंचे, लेकिन दीपक से मिलने के लिए उन्हें इंतजार करने को कहा जाता था. अब उनकी मौत के बाद परिवार पुराने घटनाक्रम को याद कर रहा है. परिजन जानना चाहते हैं कि आखिर उनसे मुलाकात इतनी मुश्किल क्यों हो गई थी. हालांकि इस दावे की भी अभी पुष्टि नहीं हुई है.
मौत की खबर मिलने के बाद परिवार के साथ क्या हुआ?
परिवार के मुताबिक उन्हें फोन के जरिए दीपक की तबीयत खराब होने और घटना की जानकारी मिली. इसके बाद परिजन रात करीब 3 बजे आश्रम पहुंचे. परिवार का आरोप है कि उन्हें वहां घटना के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी.
सोनू पटेल के मुताबिक परिवार को आश्रम और अस्पताल के बीच जाना पड़ा. अस्पताल पहुंचने पर उन्हें दीपक की मौत के बारे में पता चला. इसके बाद वे वापस आश्रम आए और काफी देर तक जानकारी का इंतजार करते रहे.
परिवार ने बताई घंटों इंतजार की बात
दीपक के परिजनों के मुताबिक वे सुबह तक आश्रम के चक्कर लगाते रहे. उनका कहना है कि उन्हें घटना के बारे में साफ जानकारी नहीं दी जा रही थी. बाद में पुलिस ने उन्हें बुलाकर पूछताछ की. परिवार का दावा है कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के बाद आश्रम से जुड़े लोग उनके साथ आए. इन परिस्थितियों को लेकर परिजन अब जांच की मांग कर रहे हैं.
परिवार की ओर से लकी पटेल ने भी मामले में आश्रम की व्यवस्था पर सवाल उठाए. उनके मुताबिक घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार को काफी परेशानी हुई और उन्हें कई घंटे तक स्पष्ट जवाब नहीं मिल सका. हालांकि परिवार की ओर से लगाए गए इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. ऐसे में घटना के समय की परिस्थितियों को जांच के जरिए स्पष्ट किया जाना बाकी है.
पढ़ाई और आध्यात्मिक जीवन में रुचि की बात
दीपक के परिवार ने बताया कि वह पढ़ाई में अच्छे थे. उनका पूजा-पाठ में भी काफी मन लगता था. परिवार के मुताबिक उन्होंने शादी करने से इनकार कर दिया था और छोटे भाई की शादी कराने की बात कही थी. दीपक के बाबा प्रेमलाल पटेल लोधी ने भी उनकी मौत पर सवाल उठाए और जांच की मांग की. परिवार के बयानों के मुताबिक दीपक आध्यात्मिक गतिविधियों में लगातार जुड़े हुए थे.
आत्महत्या या कुछ और? जांच से खुलेगा राज
फिलहाल पुलिस प्रथम दृष्ट्या मौत को आत्महत्या मानकर जांच कर रही है. दूसरी ओर परिवार इसे स्वीकार नहीं कर रहा है और साजिश की आशंका जता रहा है. मौत की वास्तविक वजह क्या थी, यह जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होना बाकी है. परिवार की ओर से लगाए गए आरोप सही हैं या नहीं, इसका जवाब भी जांच के बाद ही सामने आएगा.
यह भी पढ़ें: 'तीन दिन तक आश्रम के चक्कर लगाते रहे, लेकिन...', रसिक दुलारी के परिजनों ने अब उठाए गंभीर सवाल!
ADVERTISEMENT


