Ram Mandir Chadhawa Controversy: अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे और चंदे में चोरी करने के मामले की तफ्तीश लगातार तेज होती जा रही है. इस पूरे मामले में मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. अब पुलिस की जांच टीम आरोपी के उस ठिकाने पर पहुंची है, जहां वह अपने भाई अभिषेक के साथ पिछले कुछ समय से रह रहा था. इस छापेमारी के दौरान पुलिस के हाथ कुछ ऐसी चीजें लगी हैं, जिसने जांच की दिशा को एक नया मोड़ दे दिया है.
ADVERTISEMENT
योगा केंद्र में छिपी थी ₹5 लाख की रकम
पुलिस की टीम तफ्तीश करते हुए अयोध्या के श्याम साधनालय योगा केंद्र पहुंची. आरोपी अविनाश शुक्ला अपने भाई अभिषेक के साथ इसी योगा केंद्र में रहता था और योग सीखता था. यह योगा सेंटर पिछले 20-22 वर्षों से चल रहा है. पुलिस ने जब इस ठिकाने पर दबिश दी, तो वहां से ₹5 लाख की नकद राशि बरामद की गई. योगा केंद्र की एक कर्मी ने बताया कि पुलिस की टीम 5 जून को यहां आई थी और सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद ही उन्हें इस बरामदगी और गबन के मामले की जानकारी मिली.
'राम राज्य कोष' नाम का रहस्यमयी बक्सा आया सामने
इस छापेमारी के दौरान सबसे हैरान करने वाली चीज़ एक रहस्यमयी बक्सा रही, जो इसी योगा केंद्र से मिला है. इस बक्से के ऊपर बड़े-बड़े अक्षरों में 'राम राज्य कोष' और 'राम राज्य प्रशासन' लिखा हुआ है. इतना ही नहीं, इस बक्से पर पेटीएम (Paytm) का एक क्यूआर कोड भी चिपका हुआ है और बक्से पर ताला लगा है. जब इस क्यूआर कोड को स्कैन किया गया, तो स्क्रीन पर 'राम राज्य कोष' का नाम खुलकर सामने आया. कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बक्से का इस्तेमाल उस समय किया जाता था, जब घर-घर जाकर राम मंदिर के लिए डोनेशन कैंप चलाया जा रहा था. हालांकि, यह ₹5 लाख की रकम इसी बक्से से निकली है या कहीं और से, इसकी सटीक पुष्टि के लिए जांच जारी है.
बैंक पासबुक और सरकारी दस्तावेज भी हुए बरामद
पुलिस को इस योगा केंद्र की तलाशी के दौरान सिर्फ नकद और बक्सा ही नहीं, बल्कि कई अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी हाथ लगे हैं. जांच टीम ने यहां से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के कई कार्ड्स, बुकलेट्स और पासबुक्स बरामद की हैं, ताकि बैंक अकाउंट्स के लेन-देन को खंगाला जा सके. इसके अलावा, श्री राम जन्मोत्सव समिति के दस्तावेज और भारत सरकार के आयुष मंत्रालय से जुड़े कुछ पेपर्स भी मौके से मिले हैं. इन सभी कागजातों को कब्जे में लेकर पुलिस आगे की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है.
डेढ़ साल से ठिकाना बदलकर रह रहा था आरोपी
योगा केंद्र के मैनेजमेंट से जुड़े लोगों के मुताबिक, मुख्य आरोपी अविनाश का भाई अभिषेक काफी समय से इस केंद्र से जुड़ा था. लगभग डेढ़ साल पहले अभिषेक ने अपने भाई अविनाश को भी नौकरी दिलाने और रखने के बहाने इसी केंद्र में शरण दिलाई थी. केंद्र के लोगों को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि उनकी नजरों के सामने रहने वाला अविनाश शुक्ला पीठ पीछे राम मंदिर के चढ़ावे में इतनी बड़ी हेराफेरी कर रहा था. फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस चोरी में और कौन-कौन शामिल है.
यह भी पढ़ें: राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद में असली खिलाड़ी कौन? आरोपियों ने पूछताछ में किया इस नाम खुलासा
ADVERTISEMENT


