Swatantra Bhardwaj Detained: दिल्ली के जंतर-मंतर पर 14 साल की नाबालिक बच्ची के पिता के साथ मारपीट करने और बाद में एक पॉडकास्ट में हंस-हंसकर अपना जुर्म कबूल करने के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज पर दिल्ली पुलिस का शिकंजा कस गया है. 4 सितंबर को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में ले लिया. इस कार्रवाई के समय स्वतंत्र के साथ मौजूद उसके दोस्त ने मीडिया के सामने आकर पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया है.
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दोस्त की जबानी पूरी कहानी
स्वतंत्र भारद्वाज के दोस्त ने बताया कि स्वतंत्र 4 सितंबर की सुबह करीब 7:00 बजे ही बुलंदशहर पहुंचा था. उसने किसी दूसरे के फोन से अपने दोस्त को फोन किया था, क्योंकि उसका अपना फोन उसके पास नहीं था.
दोस्त के मुताबिक, "दोपहर लगभग 2 बजे स्वतंत्र मेरे साथ ही बैठा था. तभी दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम आई. उन्होंने सीधे आकर कहा कि 'हम दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच से हैं, स्वतंत्र जी हमारे साथ चलिए' और वे बिना किसी ज्यादा बातचीत के उसे अपने साथ ले गए."
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा विवाद 23 जून 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के एक प्रदर्शन के दौरान शुरू हुआ था. पीड़ित पिता अपनी 14 साल की बेटी के साथ वहां पहुंचे थे. आरोप है कि मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड करने को लेकर कहासुनी हुई, जिसके बाद स्वतंत्र भारद्वाज ने बच्ची के पिता के साथ मारपीट की और उनका सिर फोड़ दिया.
इसके बाद सोशल मीडिया पर एक पॉडकास्ट का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें स्वतंत्र भारद्वाज बेहद बेफिक्र अंदाज में हंसते हुए अपने जुर्म को कुबूल कर रहा था. वह कह रहा था, "जेल जाएंगे फिर आएंगे, फिर इलाज हो जाएगा... हमारा जलवा है."
चंद्रशेखर आजाद के प्रदर्शन के बाद हरकत में आई पुलिस
4 सितंबर को चंद्रशेखर आजाद, सीजेपी (CJP) कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने दिल्ली के संसद मार्ग थाने पर जोरदार प्रदर्शन किया था. उन्होंने आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी और सख्त धाराएं जोड़ने की मांग की थी. पुलिस द्वारा 72 घंटे के भीतर कार्रवाई के आश्वासन के कुछ ही घंटों बाद क्राइम ब्रांच ने बुलंदशहर से स्वतंत्र को हिरासत में ले लिया.
FIR में जोड़ी गईं SC/ST और POCSO की धाराएं
दिल्ली पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर मामले में एफआईआर का दायरा बढ़ा दिया है:
- पुरानी एफआईआर में SC/ST एक्ट की धाराएं जोड़ी गई हैं.
- नाबालिक बच्ची को सोशल मीडिया पर ऑनलाइन धमकियां मिलने की शिकायत के बाद पुलिस ने POCSO एक्ट और क्रिमिनल इंटिमिडेशन के तहत भी मामला दर्ज किया है.
- कार्रवाई के बाद पीड़ित परिवार ने चंद्रशेखर आजाद, राहुल गांधी और सीजेपी का आभार व्यक्त किया है.
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