क्या बीजेपी का 'चट्टान' जैसा वोट बैंक रहा लोध समाज अब खिसक रहा है? साक्षी महाराज का छलका दर्द

बीजेपी के कट्टर समर्थक माने जाने वाले लोध समाज में सम्मान और नुमाइंदगी को लेकर नाराजगी बढ़ रही है, जिसे लेकर साक्षी महाराज ने खुलेआम चेतावनी दी है. वहीं, जानलेवा हमले का शिकार हुए सलीम वास्तविक अब स्वस्थ होकर घर लौट आए हैं और उनकी बोलने की क्षमता भी वापस आ गई है.

साक्षी महाराज
साक्षी महाराज

कुमार अभिषेक

follow google news

उत्तर प्रदेश की राजनीति में जातियों का समीकरण हमेशा से निर्णायक रहा है. बीजेपी का वो वोट बैंक जो 'चट्टान' की तरह हमेशा पार्टी के साथ खड़ा रहा, क्या अब उसमें दरार पड़ने लगी है? 'आज का यूपी' के ताजा अंक में वरिष्ठ पत्रकार कुमार अभिषेक ने लोध बिरादरी की बढ़ती नाराजगी और एक्स-मुस्लिम सलीम वास्तविक के स्वास्थ्य से जुड़ी बड़ी खबरों का विश्लेषण किया है.

Read more!

1. लोध बिरादरी की नाराजगी: बीजेपी के लिए खतरे की घंटी?

लोध समाज उत्तर प्रदेश में ओबीसी (OBC) की वो प्रभावशाली जाति है जिसने कल्याण सिंह के दौर से ही बीजेपी का साथ कभी नहीं छोड़ा. लेकिन 2024 के लोकसभा चुनावों के नतीजों और हालिया बयानों ने बीजेपी की चिंता बढ़ा दी है.

साक्षी महाराज का बड़ा बयान: उन्नाव से सांसद साक्षी महाराज ने यूपी तक से बात करते हुए कहा कि लोध समाज महसूस कर रहा है कि सत्ता और संगठन में उन्हें वो सम्मानजनक हिस्सेदारी नहीं मिल रही है जिसके वे हकदार हैं. उन्होंने कहा, "लोध समाज बीजेपी का झंडा लेकर चलता है, लेकिन अब समाज में यह भावना है कि हमारी अनदेखी हो रही है."

कल्याण सिंह की मूर्ति का विवाद: साक्षी महाराज ने आरोप लगाया कि कासगंज (कल्याण सिंह का मूल निवास) में प्रशासन पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की मूर्ति नहीं लगने दे रहा है. उन्होंने बताया कि अमाहापुर में भी मूर्ति लगाने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा.

नुमाइंदगी का सवाल: लोध नेताओं का मानना है कि सांसद, विधायक और मंत्री पदों के वितरण में समाज को पीछे धकेला जा रहा है. हाल ही में महोबा के चरखारी से विधायक बृजभूषण राजपूत की मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से सार्वजनिक भिड़ंत भी इसी नाराजगी का हिस्सा मानी जा रही है.

2. एक्स-मुस्लिम सलीम वास्तविक: मौत को मात देकर लौटे घर

लोनी के रहने वाले सलीम वास्तविक, जिन पर जानलेवा हमला हुआ था, अब अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर लौट आए हैं.

बोलने की क्षमता लौटी: हमले में सलीम का गला रेत दिया गया था, जिसके बाद आशंका थी कि वे शायद कभी बोल नहीं पाएंगे. लेकिन अब वे न केवल स्वस्थ हैं, बल्कि उन्होंने बातचीत भी शुरू कर दी है.

हमलावरों का एनकाउंटर: सलीम पर हमला करने वाले दो सगे भाई पुलिस एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं. उन पर धर्म ग्रंथ की अवमानना का आरोप लगाकर हमला किया गया था.

सुरक्षा व्यवस्था: सलीम ने पहले सुरक्षा लेने से मना किया था, लेकिन अब उनके घर के बाहर कड़ी सुरक्षा तैनात की गई है और लोगों का उनसे मिलने का सिलसिला जारी है.

ये भी पढ़ें: प्यार, शक और पिटाई! प्रेमिका को दूसरे लड़के के साथ देख आपा खो बैठा प्रेमी, लेकिन फिर जो हुआ उसका वीडियो वायरल 

    follow google news