Varanasi Hospital Dr Gautam Shubhankar Death Case: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. रोहनिया थाना क्षेत्र स्थित हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के 42 वर्षीय यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर गौतम शुभांकर की अपने हॉस्टल के कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. साथी डॉक्टरों और पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, उन्होंने एनेस्थीसिया का ओवरडोज लेकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली.
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AIIMS से की थी पढ़ाई
मूल रूप से पटना के कंकड़बाग के रहने वाले डॉक्टर गौतम शुभांकर एक बेहद होनहार और मेहनती डॉक्टर थे. उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान एम्स (AIIMS) से एमएस और फिर एमसीएच (MCH) की डिग्री हासिल की थी. वे पिछले 3 वर्षों से वाराणसी के बड़े प्राइवेट मेडिकल कॉलेज हेरिटेज इंस्टीट्यूट में बतौर यूरोलॉजिस्ट सेवाएं दे रहे थे.
दरवाजा तोड़ा तो बेड पर अकड़ी मिली बॉडी
घटना 12 सितंबर की है. डॉक्टर गौतम ने हमेशा की तरह सुबह ओपीडी (OPD) में मरीजों को देखा और फिर कैंपस स्थित अपने हॉस्टल के कमरा नंबर 802 में चले गए. रात करीब 10 बजे जब वे मेस में खाना खाने नहीं पहुंचे, तो साथी डॉक्टरों ने उन्हें कॉल किया. लगातार फोन न उठने पर सिक्योरिटी गार्ड्स के साथ साथी डॉक्टर उनके कमरे पर पहुंचे. काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद भी जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो दरवाजा तोड़ा गया. अंदर बेड पर डॉक्टर गौतम की बॉडी अकड़ी हुई स्थिति में पड़ी थी.
कमरे से मिलीं सिरिंज और दवा की खाली शीशियां
घटना की सूचना मिलने पर तत्काल रोहनिया पुलिस और फील्ड यूनिट की टीम मौके पर पहुंची. कमरे की तलाशी के दौरान वहां से कई सिरिंज और एनेस्थीसिया की खाली शीशियां बरामद की गईं. जानकारी के मुताबिक, डॉक्टर गौतम पिछले 3 महीनों से काफी तनाव (Stress) में थे. पुलिस उनके मोबाइल फोन को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज चुकी है और पारिवारिक व व्यक्तिगत कारणों की भी गहराई से छानबीन कर रही है.
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