Deepika Anand BSP: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख मायावती के हालिया बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट आ गई है. आकाश आनंद को पार्टी के अहम पदों से हटाने के बाद मायावती ने स्पष्ट किया है कि वह अपने किसी भी भाई के बेटों को भविष्य में राजनीति या पार्टी पद की जिम्मेदारी नहीं देंगी. हालांकि इसी बयान के बीच मायावती ने अपने भाई आनंद कुमार की इकलौती बेटी दीपिका आनंद का जिक्र कर नए सियासी कयासों को जन्म दे दिया है.
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कौन हैं साल की दीपिका आनंद?
दीपिका आनंद बीएसपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार की इकलौती बेटी और मायावती की सगी भतीजी हैं. दीपिका की शुरुआती पढ़ाई नोएडा से हुई है और फिलहाल वह लंदन से लॉ (वकालत) की पढ़ाई कर रही हैं. बीएसपी के अंदरूनी हलकों में दीपिका को मायावती का 'लकी चार्म' भी माना जाता है. दरअसल दीपिका का जन्म साल 2007 में हुआ था और उसी वर्ष बीएसपी ने उत्तर प्रदेश में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी.
मायावती ने अपने बयान में क्या कहा?
मायावती ने अपने बयान में साफ किया कि उनके अस्वस्थ या व्यस्त होने की स्थिति में अगर उनके छोटे भाई आनंद कुमार को किसी पारिवारिक सदस्य की मदद की आवश्यकता पड़ती है, तो वह केवल अपनी बेटी दीपिका आनंद की मदद ले सकते हैं. मायावती के अनुसार, यदि दीपिका आगे चलकर ईमानदारी और वफादारी से काम करती हैं, तो उन्हें जरूरत के हिसाब से जिम्मेदारी दी जा सकती है. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परिवार के किसी भी बेटे को पार्टी में जगह नहीं मिलेगी और दीपिका के तैयार न होने पर किसी समर्पित दलित मिशनरी कार्यकर्ता को जिम्मेदारी दी जाएगी.
2027 के चुनाव और बीएसपी का भविष्य
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. ऐसे समय में जब चंद्रशेखर आजाद और अखिलेश यादव जैसे नेता दलित राजनीति में अपनी पैठ बढ़ा रहे हैं, बीएसपी के नए नेतृत्व को लेकर चर्चाएं स्वाभाविक हैं. हालांकि मायावती ने औपचारिक तौर पर दीपिका आनंद को उत्तराधिकारी घोषित नहीं किया है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इसे भविष्य की राजनीति के लिए एक संभावित संकेत के रूप में देख रहे हैं.
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