बद्रीनाथ चढ़ावा विवाद में सरकार का बड़ा फैसला, हाई लेवल जांच समिति करेगी आरोपों की पड़ताल, 15 दिन की डेडलाइन तय

अंकित शर्मा

08 Jul 2026 (अपडेटेड: Jul 8 2026 11:03 AM)

Badrinath Temple Donation Controversy: बद्रीनाथ धाम के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाई लेवल जांच समिति गठित कर 15 दिनों में रिपोर्ट मांगी है. उधर, विवाद के केंद्र में आए प्रमोद नौटियाल को सस्पेंड कर दिया गया है, जिससे मामला और गंभीर हो गया.

बद्रीनाथ धाम में कथित चढ़ावा चोरी मामले में बड़ी कार्रवाई
बद्रीनाथ धाम में कथित चढ़ावा चोरी मामले में बड़ी कार्रवाई
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Badrinath Dham Chadhawa Vivad: बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की राशि में कथित गड़बड़ीके आरोपों के मामले में अब सरकार एक्शन मोड में आ गई है. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक हाई लेवल जांच समिति का गठन करने का निर्देश दिया है. ये कमेटी 15 दिन के अंदर मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी. वहीं, इस मामले में विवाद के केंद्र में आए BKTC के अध्यक्ष के निजी सचिव प्रमोद नौटियाल को नौकरी से सस्पेंड कर दिया गया है. 

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तीन दिन के भीतर आरोपी पर गिरी गाज

आपको बता दें कि इस मामले में 4 जुलाई को बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष ने एक जांच समिति बनाई थी. अब इसके ठीक तीन दिन बाद समिति जांच के सिलसिले में बद्रीनाथ पहुंची तो अध्यक्ष के निजी सचिव प्रमोद नौटियाल को सस्पेंड कर दिय. BKTC की जांच समिति का कहना है कि शुरुआती जांच में जो आरोप लगे हैं वे पहली नजर में सही पाए गए हैं. जांच प्रक्रिया में कोई बाधा न आए और यह प्रभावित न हो इसलिए आरोपी को सस्पेंड करके जोशीमठ स्थित BKTC कार्यालय से अटैच कर दिया गया है.

मुख्यमंत्री के निर्देश पर गढ़वाल कमिश्नर संभालेंगे कमान

मामले की गूंज शासन तक पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद इस पर कड़ा रुख अपनाया है. मुख्यमंत्री के आदेश पर अब गढ़वाल कमिश्नर की अध्यक्षता में एक नई उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है. यह नई समिति मौजूदा जांच समिति से पूरी जांच अपने हाथों में ले लेगी. इस समिति की अगुवाई गढ़वाल मंडल के कमिश्नर आनंद स्वरूप करेंगे. उनके साथ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के प्रबंध निदेशक संदीप तिवारी और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निदेशक (वित्त) जगत सिंह चौहान को इस समिति में सदस्य के रूप में शामिल किया गया है.

15 दिनों के भीतर सौंपनी होगी पूरी रिपोर्ट

जानकारी के मुताबिक, हाई लेवल कमेटी को मामले की जांच 15 दिनों के अंदर करनी है. जांच को पारदर्शी बनाने के लिए समिति जरूरत पड़ने पर किसी भी अधिकारी या विशेषज्ञ से जरूरी जानकारी या मदद ले सकती है. इसके अलावा, समिति भविष्य में दान और चढ़ावे की पूरी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए सरकार को अपने सुझाव भी देगी.

सीसीटीवी फुटेज से खुला था हेराफेरी का राज?

आपको बता दें कि इस मामले का खुलासा 3 जुलाई को भैरव सेना द्वारा किया गया था. शुरुआत में BKTC के मौजूदा सीईओ सोहन सिंह ने बयान दिया था कि सीसीटीवी जांच में कुछ भी साफ दिखाई नहीं दे रहा है. हालांकि, उसी दिन BKTC की ओर से प्रमोद नौटियाल को एक कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था. नौटियाल के पास निजी सचिव के अलावा थाली भेंट गणना समिति के सदस्य और प्रोटोकॉल अधिकारी की जिम्मेदार थी. नोटिस में कहा गया था कि मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान की गिनती के समय, उन्होंने सामान्य गणना के अलावा कुछ वस्तु अपने मोबाइल के साथ अपने नियंत्रण में रखी थी. यह घटना सीसीटीवी कैमरे पर लाइव देखी गई थी. हालांकि, 4 जुलाई को बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने इस बात का खंडन किया था कि आरोपी उनका निजी सचिव है और साथ ही जांच की घोषणा की थी.

विपक्ष और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश

बद्रीनाथ धाम चढ़ावे में ऐसी गड़बड़ी की खबर आने के बाद से ही लोगों में भारी नाराजगी है. उत्तराखंड कांग्रेस के अध्यक्ष गणेश गोदियाल और भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस घटना की निंदा की है. उन्होंने मामले की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ करने की मांग की है. वहीं, बीते मंगलवार को बद्रीनाथ से कांग्रेस विधायक लखपत सिंह भुटोला अपने समर्थकों के साथ मौन धरने पर भी बैठे. देश में अभी राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि बद्रीनाथ धाम की इस घटना ने सबको हिला कर रख दिया है. स्थानीय लोगों, तीर्थ पुरोहितों और श्रद्धालुओं में इस बात को लेकर गहरा गुस्सा है. वे सभी दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. अब देखना यह होगा कि क्या यह नई जांच लोगों की आस्था के भरोसे को दोबारा कायम रख पाएगी.

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