Champawat News: उत्तराखंड के चंपावत जिले से एक शर्मनाक घटना सामने आई है. यहां तीन युवकों पर एक 16 साल की नाबालिग छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप लगा है, जिसमें दो बीजेपी कार्यकर्ता और एक अग्निवीर शामिल बताए जा रहे हैं. पीड़िता के पिता का कहना है कि आरोपी बच्ची को अपने साथ एक शादी में लेकर गया था. यहां चाकू की नोंक पर उसके साथ जबरन तीन लाेगों ने बारी बारी से गैंगरेप किया. पिता ने बताया कि बेटी के लापता होने के बाद जब उसकी तलाश की गई तो अगले दिन वो नग्न अवस्था में एक कमरे में मिली. अब पिता ने इस मामले में इन 3 लोगों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
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वहीं, इस मामले की जानकारी देते हुए चंपावत की एसपी रेखा यादव ने बताया कि पीड़िता शहर से करीब 20 किमी दूर में एक शादी में गई थी और वहां से घर नहीं लौटी. 7 मई 2026 को पुलिस को 112 नंबर पर छात्रा की गुमशुदगी की सूचना मिली. पुलिस ने तुरंत सर्च ऑपरेशन चलाकर छात्रा को एक कमरे से बरामद किया. मेडिकल जांच में दुष्कर्म की पुष्टि हुई है और पिता की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है. हलांकि, अग्निवीर के पिता का कहना है क उनके बेटे इस मामले में राजनैतिक रंजिश के तहत फंसाया जा रहा है.
आर्थिक तंगी के कारण काम करती थी पीड़िता
पिता की शिकायत के मुताबिक, परिवार की आर्थिक तंगी और पिता की बीमारी के कारण छात्रा चंपावत की एक दुकान में आइसक्रीम स्टॉल पर काम करती थी. 5 मई 2026 की शाम को जब वो घर नहीं पहुंची तो पिता ने खोजबीन शुरू की. उन्हें पता चला कि विनोद सिंह रावत उर्फ बबलू नाम का युवक उसे दोपहर में पास के गांव में लेकर गया है. पिता ने बताया कि विनोद पिछले कुछ समय से उनकी बेटी से बातचीत करता था.
बतौर पिता देर रात तक जब बेटी वापस नहीं आई तो उन्होंने उसे कॉल लगाया, लेकिन उसका फोन नहीं लगा. उन्हाेंने बताया कि इसके बाद उन्हें रात में करीब 1 बजकर 28 मिनट पर बेटी का कॉल आया. लेकिन कुछ ही सेकंड बात होने के बाद उसका फोन स्विच ऑफ हो गया.
धारदार हथियार के बल पर दरिंदगी
पिता ने बताया कि इसके बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की खोजबीन शुरू की. करीब सुबह 4 बजे उनकी बेटी एक कमरे मे बंधी और नग्न हालत मे मिली. पीड़िता के पिता ने पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया है कि विनोद सिंह रावत नवीन सिंह और पूर्व प्रधान एस सिंह रावत ने मिलकर उनकी बेटी के साथ जबरन सामूहिक दुष्कर्म किया. पिता ने कहा कि आरोपियों के पास चाकू जैसे धारदार हथियार थे जिन्हें उन्होंने उसकी बेटी के गले पर रखकर उसे डराया. पिता के मुताबिक इसके वारदात के बाद आरोपियों ने उसे नग्न अवस्था में रस्सी से बांधकर कमरे में ताला लगाकर बंद कर दिया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी. अब पीड़िता के पिता ने थानाध्यक्ष से निवेदन किया है की इस मामले में POCSO Act के अंतर्गत मामला दर्ज कर आरोपीयों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाए.
कांग्रेस ने सरकार और पुलिस पर साधा निशाना
वहीं इस मामले में उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सरकार और पुलिस को कटघरे में खड़ा किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस राजनीतिक कार्यों में व्यस्त है. उन्होंने कहा कि आरोपियों के बीजेपी से जुड़े होने के कारण इतने संवेदनशील मामले में FIR लिखने में देरी की गई. गोदियाल ने कहा कि घटना मुख्यमंत्री के अपने विधानसभा क्षेत्र में हुई है इस पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.
आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
जानकारी के अनुसार, तीनों आरोपियों में से एक अग्निवीर है और दो अन्य बीजेपी कार्यकर्ता बताए जा रहे हैं. हालांकि एक आरोपी के पिता ने अपने बेटे का बचाव करते हुए इसे राजनीतिक रंजिश करार दिया है. फिलहाल तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं और पुलिस उनकी तलाश में छापेमारी कर रही है. पिता ने मांग की है कि आरोपियों पर पॉक्सो एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए.
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