नौसेना अधिकारी की 100 साल पुरानी कोठी पर चला था बुलडोजर, अब तत्कालीन SSP और SHO पाए गए दाेषी, UPCA ने की कार्रवाई की सिफारिश

Dehradun bulldozer case: देहरादून के क्लेमेंटाउन में स्वर्गीय नौसेना अधिकारी वी.के. कपूर की लगभग 100 साल पुरानी कोठी को बुलडोजर से ढहाने का मामला फिर चर्चा में है. राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण (UPCA) की जांच में तत्कालीन एसएसपी और थानाध्यक्ष की गंभीर लापरवाही सामने आई है, जिसके बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई है.

Dehradun Navy officer bungalow demolition case
Dehradun Navy officer bungalow demolition case

अंकित शर्मा

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Dehradun Navy officer bungalow demolition case: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के क्लेमेंटाउन क्षेत्र में एक स्वर्गीय नौसेना अधिकारी की कोठी को बुलडोजर से ढहाने के मामले में राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण (UPCA) ने अपनी जांच पूरी कर ली है. UPCA ने इस मामले में तत्कालीन एसएसपी जन्मेजय खंडूड़ी के साथ ही क्लेमेंटाउन के तत्कालीन थानाध्यक्ष नरेंद्र गहलावत को कर्तव्य पालन में लापरवाही बरतने का दोषी पाया है. UPCA के इस फैसले के बाद से अब पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है.

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क्या है पूरा मामला?

दरअसल, यह पूरा मामला 12 जनवरी 2022 का है. उस दौरान देहरादून के क्लेमेंटाउन थाना क्षेत्र में स्वर्गीय नौसेना अधिकारी वी.के. कपूर की लगभग 100 साल पुरानी कोठी को कथित भूमाफियाओं ने बुलडोजर चलाकर ढहा दिया था. उस समय उनकी पत्नी कुसुम कपूर ने पुलिस से मदद की गुहार लगाई थी. आरोप है कि शिकायत के बावजूद तत्कालीन एसएसपी और थानाध्यक्ष नरेंद्र गहलावत ने समय पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की और न ही मौके पर पहुंचकर स्थिति को रोकने की कोशिश की.

डीजीपी के निर्देश के बाद दर्ज हुई थी रिपोर्ट

इसके बाद कुसुम कपूर ने तत्कालीन डीजीपी से मुलाकात की. डीजीपी के निर्देश के बाद 17 जनवरी 2022 को मुकदमा दर्ज किया गया और मामले की जांच के आदेश दिए गए. इसके बाद में मामले की जांच को देहरादून से हरिद्वार स्थानांतरित कर दिया गया था.

जांच में खुली अधिकारियों की पोल

इसके बाद राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण (UPCA) की जांच शुरू की, जिसकी रिपोर्ट अब जारी हो गई है. UPCA की इस जांच रिपोर्ट में पाया गया कि दोनों अधिकारियों ने शिकायत मिलने के बाद कोई तत्काल विधिसम्मत कदम नहीं उठाया. इतना ही नहीं मामले में एफआईआर दर्ज करने में भी देरी की गई. प्राधिकरण ने माना कि अधिकारियों की इस भारी लापरवाही के कारण पीड़ित महिला को आर्थिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान झेलना पड़ा.

दोषी अधिकारियों पर हो कार्रवाई- UPCA

राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण ने उत्तराखंड पुलिस अधिनियम 2007 के तहत दोनों पुलिस अधिकारियों को गंभीर अवचार का दोषी मानते हुए राज्य सरकार को उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की सिफारिश भेजी है. प्राधिकरण ने सरकार से यह भी कहा है कि इन अधिकारियों पर जो भी कार्रवाई की जाए, उसकी विस्तृत सूचना प्राधिकरण को भी दी जाए.

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