Kedarnath Muslim worker viral video: केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही यात्रा ने रफ्तार पकड़ ली है और हजारों की संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. इसी बीच यात्रा मार्ग से एक ऐसा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसने नई बहस छेड़ दी है. इस वीडियो में कुछ लोग चारधाम यात्रा में गैर-सनातनियों के प्रवेश पर प्रतिबंध का हवाला देते हुए एक मुस्लिम शख्स को काम करने से रोकते हुए नजर आ रहे हैं. अब इस घटना ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है.
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मुस्लिम शख्स को रोककर की आपत्तिजनक टिप्पणी
वायरल वीडियो में एक युवक एक मुस्लिम शख्स को रोककर उससे सवाल-जवाब करता नजर आ रहा है. वो कहता है कि "तुम्हें पता नहीं है कि इस बार यहां तुम्हारे आने (मुसलमानों) पर बैन है? फिर भी तुम यहां कैसे आ गए? किसने तुम्हें यहां बुलाया?'' इसके बाद मुस्लिम शख्स जवाब देता है कि वो जम्मू से काम करने के लिए आया है. इस पर सवाल पूछने वाला युवक कहता है कि ''किसने तुम्हें यहां बुलाया है, उसे फोन करो और यहां बुलाओ.'' वीडियो में युवक मुस्लिम शख्स से बार-बार जसपाल नाम के व्यक्ति को बुलाने के लिए कहता है और फोन पर बात कराने को कहता है. बातचीत के दौरान युवक कई आपत्तिजनक टिप्पणियां भी करता हुआ सुनाई दे रहा है. इसके साथ ही वीडियो में एक अन्य व्यक्ति लगातार मुस्लिम शख्स से सवाल करता सुनाई दे रहा है.
कौन है मुस्लिम शख्स और उसे किसने बुलाया?
जानकारी के अनुसार, मुस्लिम शख्स की पहचान जम्मू-कश्मीर निवासी के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि वो यहां सिर्फ रोजगार के लिए आया है. उन्होंने बताया कि उन्हें यहां जसपाल राणा नाम नामक एक व्यक्ति ने काम पर रखा है. इसके पूछताछ कर रहे लाेगों ने जसपाल राणा से भी सवाल जवाब किए.
पुलिस ने मामले का लिया संज्ञान, जांच शुरू
इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. कुछ लोग इसे नियमों की गलत समझ बता रहे हैं तो कुछ इसे मानवता के खिलाफ मान रहे हैं. सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या अब रोजगार भी धर्म के आधार पर तय होगा. इस पूरे मामले पर पुलिस का कहना है कि यह घटना उनके संज्ञान में आई है और वायरल वीडियो की जांच की जा रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके.
जानें क्या कहते हैं मंदिर समिति के नियम?
गौरतलब है जनवरी में बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने केदारनाथ सहित प्रदेश के 45 मंदिरों में गैर-सनातनियों के प्रवेश पर रोक लगाने का फैसला लिया था. लेकिन यह प्रतिबंध केवल मंदिर परिसर और गर्भगृह तक सीमित है. इसके बावजूद कुछ लोग इसे यात्रा मार्ग पर काम कर रहे मजदूरों पर भी लागू मान रहे हैं, जो नियमों की गलत व्याख्या मानी जा रही है. इसके साथ बद्रीनाथ केदार समिति नव रील और मोबाइल पर बैन लगाने की बात कही थी. जिसकी धड़ल्ले से धज्जियां उड़ती दिख रही हैं. दूसरी ओर गंगोत्री मंदिर समिति ने भी गैर-सनातनियों के प्रवेश के लिए पंचगव्य के सेवन की शर्त रखी है.
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