कोटद्वार: दीपक के साथ बुजुर्ग के बचाव में उतरे यूथ कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष विजय रावत कौन? खुद पर लगे आरोपों देखें कैमरें पर क्या कहा

Kotdwar Baba Name Shop Dispute : उत्तराखंड के कोटद्वार में 26 जनवरी को एक दुकान के नाम से शुरू हुआ विवाद अब सियासी और कानूनी मोड़ ले चुका है. बुजुर्ग दुकानदार के बचाव में सामने आए दीपक कुमार के बाद अब यूथ कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष विजय रावत ने पूरे घटनाक्रम, FIR और चोरी के आरोपों पर खुलकर हमसे बात की है.

Kotdwar Baba Shop Controversy
Kotdwar Baba Shop Controversy

विकास वर्मा

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Kotdwar Baba Shop Controversy: उत्तराखंड के कोटद्वार में 26 जनवरी को एक दुकान के नाम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है. इस घटना के दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के द्वारा किए गए हंगामे के बीच एक बुजुर्ग दुकानदार का बीच बचाव करने वालों में दीपक कुमार के साथ साथ विजय रावत भी शामिल थे. अब इसी मामले में दीपक के बाद हमने से विजय रावत से भी बातचीत की है. इस दौरान उन्होंने पूरे घटनाक्रम को सिलसिलेवार तरीके से बताया. बता दें विजय रावत यूथ कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष रह चुके हैं और एक छात्र नेता के रूप में भी उनकी पहचान रही है. ऐसे में उन्होंने इस पूरे मामले में अपने राजनीतिक जुड़ाव को लेकर भी खुलकर अपनी बात रखी.

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इस घटना के बारे मे जानकारी देते हुए विजय ने बताया कि वे उस दिन अपने दोस्त की दुकान पर बैठे थे. इस दौरान उन्होंने देखा कि बगल की दुकान पर कुछ युवक एक बुजुर्ग दुकानदार को परेशान कर रहे हैं. विजय के अनुसार सात से आठ युवक बुजुर्ग की दुकान में घुसकर वीडियो बना रहे थे और उनपर दुकान से बाबा नाम हटाने का दबाव बना रहे थे. बतौर विजय दुकानदार (बाबा जी) के साथ बदसलूकी की जा रही थी उनकी तबीयत पहले से ही खराब थी. विजय ने कहा कि ऐसे में हमने मानवता के नाते बुजुर्ग का बीच बचाव किया और एक बड़ी अनहोनी होने से रोक ली.

एफआईआर और चोरी के आरोपों पर पलटवार

गौरतलब है कि मामला तब और बिगड़ गया जब 31 जनवरी को देहरादून के भारी संख्या में बजरंग दल के कार्यकर्ता देहरादून से कोटद्वार पहुंच गए. इस दिन शहर में खूब हंगामा हुआ. आरोप है की बजरंग दल के कर्याकताओं ने पहले शहरभर में जुलूस निकाला फिर दीपक के जिम के बाहर हंगामा काटा. इस दौरान पुलिस ने एहतियातन दीपक को अपने साथ ले गई थी.

बाद में इस विवाद में तीन FIR दर्ज हुई थी. यहां पढ़ें पूरी FIR की पूरी जानकारी. इनमें  दीपक का नाम भी शामिल था. अब इसी FIR पर हैरानी जताते हुए विजय रावत ने इसे हास्यास्पद बताया. उन पर आरोप लगा है कि उन्होंने तीन हजार रुपये और घड़ी की चोरी की है. विजय ने कहा कि दुकान के अंदर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों में सारी सच्चाई रिकॉर्ड है. बतौर विजय वे दुकान में रक्षा करने गए थे और इनाम के तौर पर उन पर ही चोरी का केस दर्ज कर दिया गया. उन्होंने इसे सरकार का दबाव और सच्चाई का साथ देने की सजा बताया.

यहां देखें विजय रावत ने क्या कहा

क्या था मामला?

दरअसल, मामला 26 जनवरी का है. आरोप है कि इस दिन बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ता कोटद्वार के पटेल मार्ग स्थित 'बाबा स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेंटर' पर पहुंचे थे. कार्यकर्ताओं ने दुकान के बोर्ड पर लिखे 'बाबा' नाम पर आपत्ति जताई थी. उनका तर्क था कि कोटद्वार में केवल एक ही बाबा हैं और वो हैं सिद्धबली बाबा. ऐसे में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने 30 साल से दुकान चला रहे बुजुर्ग पर बोर्ड से बाबा नाम हाटाने का दबाव बनाया.

इसी बीच दीपक कुमार ने दुकानदार का पक्ष लेते हुए हस्तक्षेप किया. बहस के दौरान जब उनसे नाम पूछा गया तो उन्होंने खुद को मोहम्मद दीपक बताया. इससे विवाद और बढ़ गया. इसके बाद 31 जनवारी को इस घटना के विरोध में देहरादून से आए कार्यकर्ताओं ने शहर में जुलूस निकाला और दीपक के जिम का घेराव किया था.

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