Kotdwar Shop Name Dispute: उत्तराखंड के कोटद्वार में एक दुकान के नाम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राष्ट्रीय राजनीति का केंद्र बन गया है. अब इस मामले में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी दुकानदार के पक्ष में खड़े हुए दीपक को लेकर एक्स पर पोस्ट किया है. इसमें उन्होंने दीपक को भारत का हीरो और बब्बर शेर कहा है. राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर कर बीजेपी और आरएसएस पर भी तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि दीपक उस संविधान और इंसानियत के लिए लड़ रहे हैं, जिसे कुचलने की साजिश रची जा रही है. राहुल ने उत्तराखंड सरकार पर असामाजिक तत्वों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए दीपक से कहा कि पूरा देश उनके साथ है और उन्हें डरने की जरूरत नहीं है.
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राहुल गांधी ने एक्स पोस्ट में क्या लिखा?
राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा कि ''उत्तराखंड के दीपक भारत के हीरो हैं. दीपक संविधान और इंसानियत के लिए लड़ रहे हैं - उस संविधान के लिए जिसे BJP और संघ परिवार रोज रौंदने की साजिश कर रहे हैं. वे नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान का जीवित प्रतीक हैं और यही बात सत्ता को सबसे ज़्यादा चुभती है. इसके आने उन्होंने आरएसएस और उत्तराखंड सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाए.'' उन्होंने लिखा, ''संघ परिवार जानबूझकर देश में आर्थिक और सामाजिक जहर घोल रहा है, ताकि भारत बंटा रहे और कुछ लोग डर के सहारे राज करते रहें. उत्तराखंड की BJP सरकार खुलेआम उन असामाजिक ताकतों का साथ दे रही है जो आम नागरिकों को डराने और परेशान करने में लगी हैं. नफरत, डर और अराजकता के माहौल में कोई भी देश आगे नहीं बढ़ सकता. शांति के बिना विकास सिर्फ एक जुमला है. हमें और दीपकों की जरूरत है - जो झुकें नहीं, जो डरें नहीं, और जो पूरी ताकत से संविधान के साथ खड़े रहें. हम तुम्हारे साथ हैं भाई. डरो मत. तुम बब्बर शेर हो.''
क्या है पूरा विवाद ?
दरअसल, कोटद्वार में पटेल मार्ग पर पिछले 30 सालों से एक विषेश समुदाय के व्यक्ति दुकान चल रहे हैं. उनकी दुकान का नाम बाबा स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेंटर है. बीत महीने 26 जनवरी के दिन बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने बाबा नाम पर आपत्ति जताते हुए बुजुर्ग की दुकान में घुस गए और उनपर नाम बदलने का दबाव बनाने लगे. उनका कहना था कि यहां केवल एक ही बाबा हैं वो हैं सिद्धबली बाबा. इसी बहस के बीच दीपक वहां पहुंचे और बुजुर्ग दुकानदार का पक्ष ले लिया. हंगामे के दौरान जब प्रदर्शनकारियों ने दीपक से नाम पूछा तो उन्होंने खुद को मोहम्मद दीपक कह दिया. इसके बाद मामला और गरमा गया. हालांकि, इस दिन किसी तरह मामला शांत हो गया. दीपक ने अपने द्वारा बताए गए नाम पर सफाई देते हुए कहा कि उनका मकसद ये बताना था कि हिंदू मुस्लिम सब एक हैं. उन्होंने कहा कि बाबा शब्द का इस्तेमाल हम बुजुर्ग के लिए आदर के लिए, बच्चाें और पीर बाबा के लिए भी करते हैं.
शनिवार को बजरंग दल का जोरदार हंगामा
इस बीच घटना के अगले ही दिन यानी शनिवार को देहरादून से भारी संख्या में बजरंग दल के कार्यकर्ता कोटद्वार पहुंच गए. उन्होंने यहां मालवीय उद्यान के पास विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पहले पूरे शहर में जुलूस निकाला और फिर दुकानदार का बचाव करने वाले दीपक के जिम के बाहर डेरा डाल दिया. स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को वहां से हटाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. काफी देर तक चले इस हाई वोल्टेज ड्रामे के कारण सड़कों पर लंबा जाम लगा रहा और सुरक्षा के मद्देनजर मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में तैनात पुलिसकर्मियों को भी मौके पर बुलाना पड़ा.
सुरक्षा के लिहाज पुलिस ने उठाया ये कदम
हंगामे को देखते हुए पुलिस ने बीच बचाव करने वाले दीपक कुमार और विजय रावत को सुरक्षा के लिहाज से कोतवाली में बिठा दिया. पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन जब वे नहीं माने तो पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए बाहर से आए कार्यकर्ताओं को शहर से खदेड़ दिया. हालांकि, इस संवेदनशील मामले पर पुलिस के उच्च अधिकारियों ने ज्यादा कुछ कहने से बचते हुए इसे आपसी मामला बताया और दावा किया कि इसे जल्द ही सुलझा लिया जाएगा. फिलहाल पुलिस क्षेत्र में हर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.
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