'मेरा नाम मोहम्मद दीपक है'...कहकर बुजुर्ग दुकानदार के लिए बजरंग दल के कार्यकर्ताओं से क्यों भीड़ गया शख्स, खुद बताई पूरी कहानी
Kotdwar Shop Name Controversy: उत्तराखंड के कोटद्वार से सामने आए एक वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है. कपड़ों की एक दुकान के नाम में ‘बाबा’ शब्द को लेकर बजरंग दल कार्यकर्ताओं और दुकानदार के बीच विवाद हो गया. इस बीच बीच-बचाव करने पहुंचे एक युवक के खुद को ‘मोहम्मद दीपक’ बताने के बाद मामला और गर्मा गया.

Kotdwar Bajrang Dal Controversy Viral Video: उत्तराखंड के कोटद्वार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हाे रहा है. वीडियो में बजरंग दल के कार्यकर्ता एक कपड़ों की दुकान हंगाम करते हुए दिख रहे हैं. ये लोग यहां एक विशेष समुदाय के दुकानदार की शॉप का नाम बदलवाने के लिए पहुंचे थे। इस काफी देर तक दुकानदार और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के बीच दुकान के नाम बदले को लेकर विवाद चलाता रहा. वे बुजुर्ग दुकानदार पर नाम बदलने का दबाव बनाते रहे. लेकिन इस बीच मामले में बीच बचाव करने एक शख्स आ गया. उसने जैसे ही अपना मोहम्मद दीपक बताया तो इसके बाद विवाद और गहरा गया. अब इस विवाद काे वीडिया तेजी से वायरल हो रहा है. वहीं मामले में पुलिस का बयान भी सामने आया है उनका कहना है कि जो भी सामाजिक माहौल खराब करेगा उस पर कार्रवाई की जाएगी.
पहले जाने हैं क्या है विवाद?
दरअसल, उत्तराखंड के कोटद्वार में पटेल मार्ग पर एक विशेष समुदाय के बुजुर्ग 'बाबा स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेंटर' के नाम से 30 सालों से दुकान चलाते हैं. अब इसी नाम में 'बाबा' लिखे होने को लेकर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई और बुजुर्ग को दुकान का नाम बदलने को कहा. विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि बुजुर्ग ने कहा था कि जब वो अपनी दुकान शिफ्ट करेंगे तो नाम चेंज कर देंगे. लेकिन जब ऐसे नहीं हुआ तो कुछ दिन बाद बजरंग दल कार्यकर्ता फिर दुकान पर पहुंच गए. इसके बाद उन्होंने दुकान के आगे जमकर हंगामा काटा. इस बीच दीपक नाम का एक शख्स बीच बचाव करने आया तो माहौल और गरमा गया.
'नाम हटवाइए या फिर...'
वीडियो में एक शख्स सड़क से चलकर दुकान दिखाते हुए कहता है ये बाबा की दुकान है. इसके बाद वो सीढ़ियों से होते हुए दुकान के अंदर इंट्री करता. शख्स सामने बैठे एक बुजुर्ग व्यक्ति से कहता है कि ताऊजी आप यह नाम हटवाइए या फिर...वीडियो बनाने वाला व्यक्ति कहता है कि आप अपने कागजों में नाम रख लिजिए. इस पर बुजुर्ग व्यक्ति जवाब देते हैं कि उनकी दुकान पर शोएब अहमद नाम लिखा हुआ है. इसी दौरान वहां मौजूद अन्य लोग कहते हैं कि आपको जो भी नाम लिखवाना है...लिखिए...लेकिन बाबा नाम हटा दीजिए.
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वीडियो में एक शख्स ये भी कहता हुआ सुनाई दे रहा है कि आपने पहले कहा था कि जब आप दूसरी जगह शिफ्ट करेंगे तो ये नाम हटा देंगे. इसी बीच दुकान में मौजूद एक अन्य व्यक्ति कहता है कि चलो हम नाम चेंज करवा देंगे. इस पर वीडियो बनाने वाला शख्स पूछता है कि ये सब कब तक होगा? जवाब में कहा जाता है कि जीएसटी में भी नाम चेंज करवा देंगे जिस पर प्रदर्शनकारियों में से एक शख्स कहता है जीएसटी में तो होता रहेगा चेंज.
बीच बचाव करने उतरे दीपक
इसी दौरान एक शख्स कहता है कि बाबा यहां पर एक ही है...वो हैं सिद्धबली बाबा...इसके बाद वीडियो में एक और व्यक्ति की एंट्री होती है. इस शख्स का दीपक है. दीपक विरोध कर रहे लोगों से सवाल करता है कि यहां जितनी भी बाबा के नाम से दुकानें खुली हैं वे क्या हैं? इस पर विरोध कर रहा एक शख्स जवाब देता है कि वे सभी हिंदुओं की दुकानें हैं....सामने से दीपक पूछते हैं कि फिर मुसलमान का क्या है...इस पर कुछ लोग कहते हैं कि बाबा हमारी पहचान है...
इसके बाद दीपक और विरोध कर रहे लोगों के बीच बहस तेज हो जाती है और माहौल तनावपूर्ण हो जाता है. दीपक दुकान वालों से पूछते हैं कि आज से है क्या आपकी दुकान? इस पर विरोध कर रहे लोग कहते हैं कि इन्होंने खुद नाम चेंज करने की बात कही थी...फिर दीपक दुकान के मालिक से पूछते हैं कि कल अगर आपको कोटद्वार छोड़ने के लिए कहेंगे तो क्या आप छोड़ देंगे?... दुकान में खड़ा एक शख्स बताता है कि यह दुकान करीब 30 साल पुरानी है. इस पर दीपक कहते हैं कि जो नाम तुम्हारा है...वही रखो...चेंज मत करना...इस बीच वीडियो में विरोध कर रहा एक व्यक्ति दीपक से उनका नाम पूछता है... जिस पर वो कहते हैं कि मेरा नाम मोहम्मद दीपक है... इसी बीच वीडियो में एक और व्यक्ति की एंट्री होती है वो इनका विरोध करने लगाता है. इसके बाद दुकान के बाहर मामला और तनावपूर्ण हो जाता है.
इसलिए कहा 'मेरा नाम मोहम्मद दीपक है'...
वही वीडियो में दिख रहे हैं व्यक्ति जिसने अपना नाम मोहम्मद दीपक बताया अब मामले को लेकर उन्होंने कहा कि हम अपने दोस्तों के साथ 26 जनवरी के दिन इंजॉय कर रहे थे. तभी बगल में देखा कि एक बुजुर्ग व्यक्ति की दुकान में कुछ बजरंग दल के लोग आए और उन्होंने बुजुर्ग व्यक्ति के साथ बदतमीजी की...बुजुर्ग की उम्र लगभग 70 से 75 वर्ष थी और बजरंग दल के लोगों उनके साथ जो बर्ताव किया वो बुरा था. वहां पर बहसबाजी चल रही थी हमने उनसे पूछा कि दुकान का नाम क्यों बदलना है? वाे नाम को लेकर बोल रहे थे तो उन्होंने कहा कि यह बाबा नाम हमारे सिद्धबली बाबा का नाम है. मैंने उनको बोला की बाबा तो हर जाति में लिखा जाता है...बच्चों को भी बाबा बोला जाता है... बुजुर्गों के बाबा बोला जाता है और जो पीर बाबा है उन्हें भी बाबा कहा जाता है तब उन्होंने मुझ से मेरा नाम पूछा तो वैसे तो मेरा नाम दीपक कुमार पर लेकिन मैंने उनको अपना नाम मोहम्मद दीपक बता दिया. मैंने कहा कि हिंदू मुस्लिम हम सब एक हैं.
जानें सिद्धबली बाबा मंदिर का इतिहास
आपको बता दें कि उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के कोटद्वार में श्री सिद्धबली बाबा धाम एक बहुत ही पुराना और प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है. ये मंदिर भगवान हनुमान को समर्पित है, जिन्हें यहां लोग सिद्धबली बाबा के नाम से पूजते हैं. मंदिर कोटद्वार शहर से करीब 2 से 3 किलोमीटर की दूर खोह नदी के किनारे एक ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है. मान्यताओं के अनुसार इसी स्थान पर भगवान हनुमान जी ने गुरु गोरखनाथ को दर्शन दिए थे. कहा जाता है कि यहां कई सिद्ध संतों ने तपस्या की थी. संतों की साधना और हनुमान जी की विशेष शक्ति के कारण इस जगह को सिद्धबली कहा जाने लगा.
पुलिस ने क्या कहा?
वहीं मौके पर स्थिति बिगड़ती देख लोगों ने हस्तक्षेप कर मामले को शांत कराया और बंजरंग दल के कार्यकर्ता वापस लौट गए. इस मामले की मामले अब पुलिस का बयान भी सामने आया है. कोतवाली प्रभारी प्रदीप नेगी ने कहा है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है जो भी सामाजिक माहौल खराब करेगा उस पर कार्रवाई की जाएगी.










