Suresh Rathore Arrest: उत्तराखंड पुलिस ने पूर्व विधायक सुरेश राठौर को गिरफ्तार कर लिया. यह पूरी कार्रवाई अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े एक कथित ऑडियो और वीडियो विवाद के बाद हुई है. दरअसल, बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री और उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम की शिकायत पर पुलिस ने ये कदम उठाया. सुरेश राठौर पर आरोप है कि उन्होंने राजनीतिक साजिश के तहत फर्जी कंटेंट के जरिए बीजेपी नेता की छवि खराब करने की कोशिश की.
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क्यों हुई पूर्व विधायक की गिरफ्तारी
देहरादून एसएसपी प्रमेन्द्र डोभाल के मुताबिक यह मामला जनवरी 2026 में दर्ज हुआ था. पुलिस के अनुसार सुरेश राठौर और एक्ट्रेस उर्मिला सनावर पर राजनीतिक साजिश के तहत फर्जी ऑडियो-वीडियो तैयार कर बीजेपी के नेताओं की छवि धूमिल करने, सोशल मीडिया पर भ्रामक सामग्री प्रसारित करने तथा शांति व्यवस्था भंग करने का प्रयास करने के आरोप लगे हैं. इस मामले में जांच के दौरान सबूत मिलने पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 308(6) के तहत कार्रवाई की और सुरेश राठौर को बिहारीगढ़ फ्लाईओवर के पास से पकड़ लिया.
14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए जेल
पुलिस ने सोमवार को सुरेश राठौर को कोर्ट में पेश किया. यहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में सुद्धोवाला जिला जेल भेज दिया है. पुलिस का कहना है कि इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों के खिलाफ भी जल्द ही आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
कौन हैं सुरेश राठौर?
सुरेश राठौर ने 2017 में बीजेपी के टिकट पर हरिद्वार की ज्वालापुर विधानसभा सीट से जीत दर्ज की थी. हालांकि उनका राजनीतिक सफर विवादों से भरा रहा है. उर्मिला सनावर के साथ कथित दूसरी शादी और सोशल मीडिया पर वायरल हुए कई विवादित वीडियो के चलते बीजेपी ने उन्हें पार्टी से निकाल हुआ है. इस बीच अब अंकिता भंडारी केस में बड़े नेताओं पर आरोप लगाने के मामले ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं.
क्या है अंकिता भंडारी मामला?
दरअसल, साल 2022 में ऋषिकेश के पास स्थित वनंतरा रिजॉर्ट में 19 वर्षीय अंकिता भंडारी रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं. आरोप है कि रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य (बीजेपी नेता विनोद आर्य के बेटे), मैनेजर सौरभ भास्कर और असिस्टेंट मैनेजर अंकित गुप्ता ने अंकिता पर एक 'VIP गेस्ट' को स्पेशल सर्विस देने का दबाव बनाया. अंकिता ने जब इससे इनकार किया तो तीनों ने कथित तौर पर उनका अपहरण कर और उसे चीला नहर में धक्का देकर उसकी हत्या कर दी. इसके बाद 24 सितंबर को अंकिता का शव बरामद किया गया और पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. मामले में कोटद्वार की फास्ट-ट्रैक कोर्ट ने 30 मई 2025 को तीनों को हत्या, अपहरण और साजिश का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई. वहीं, मामले में कथित VIP की भूमिका की जांच के लिए जनवरी 2026 में CBI जांच की सिफारिश की गई है.
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