Haridwar Tiger Reserve Wedding Controversy: उत्तराखंड की राजनीति में राज्य के कैबिनेट मंत्री खजान दास के बेटे की शादी का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है. दरअसल, कैबिनेट मंत्री की शादी हरिद्वार जिले के राजाजी टाइगर रिजर्व के कोर जोन में स्थित सुरेश्वरी देवी मंदिर में आयोजित की जा रही थी. ऐसे में ये इलाका बेहद संवेदनशील माना जाता है. नियमों के मुताबिक इस यहां किसी भी तरह की व्यावसायिक गतिविधी या शोर-शराबा करने पर पाबंदी है. लेकिन आरोप है कि इस VIP शादी के लिए भारी-भरकम जेनरेटर, बड़े कूलर, टेंट और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए कई टन सामान जंगल के अंदर ले जाया गया. मामला सामने आया तो वन्यजीव प्रेमियों और प्रशासन के बीच हड़कंप मच गया. ऐसे में अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतने संवेदनशील इलाके में इस आयोजन की अनुमति किसने दी.
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नियमों की अनदेखी के लगे गंभीर आरोप
विवाद केवल आयोजन स्थल को लेकर ही नहीं है, बल्कि समय की पाबंदी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश हैं कि राजाजी नेशनल पार्क के इस क्षेत्र में सुबह 8 बजे से पहले प्रवेश की अनुमति नहीं है, जबकि चश्मदीदों के मुताबिक सुबह 6:30 बजे से ही वाहनों का काफिला अंदर जाता देखा गया. मंदिर की दीवारों पर भी प्रवेश के ये नियम लिखे हुए हैं.
मंदिर समिति के खिलाफ दर्ज हुआ केस
मामले को लेकर शुरुआत में वन विभाग की चुप्पी पर सवाल उठे थे. ऐसे में विवाद बढ़ता देख वन अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए मंदिर समिति के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. इसके साथ ही शादी के लिए सजाया गया टेंट-पंडाल और अन्य सामान परिसर से बाहर निकलवा दिए हैं. हालांकि, उन अधिकारियों पर अब तक कोई गाज नहीं गिरी है जिन्होंने शुरुआत में इन वाहनों को अंदर जाने दिया.
मंत्री खजान दास ने दी अपनी सफाई
इस मामले पर कैबिनेट मंत्री खजान दास ने अपना पक्ष रखते हुए इसे एक धार्मिक आस्था का विषय बताया है. उन्होंने कहा कि उनके बेटे की तबीयत खराब रहने के कारण उन्होंने मन्नत मांगी थी कि स्वस्थ होने पर मां सुरेश्वरी के दरबार में ही शादी करेंगे. मंत्री का दावा है कि उन्होंने वन विभाग के निदेशक को आमंत्रित किया था और उन्हें आयोजन स्थल भी दिखाया था. उन्होंने राजनीतिक साजिश का आरोप लगाते हुए कहा कि शादी में कोई शोर-शराबा या साउंड सिस्टम नहीं रखा गया था. उनका कहना है कि अगर विभाग पहले ही बता देता कि यहां आयोजन प्रतिबंधित है तो वे कहीं और शादी कर लेते. मंत्री ने कहा कि वन्यजीवों को परेशान करने की उनकी कोई मंशा नहीं थी.
कौन हैं कैबिनेट मंत्री खजान दास?
खजान दास उत्तराखंड भाजपा के एक प्रमुख दलित चेहरा हैं. वे वर्तमान में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मंत्रिमंडल में समाज कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. 16 जून 1958 को जन्मे खजान दास देहरादून की राजपुर रोड विधानसभा सीट से विधायक हैं. उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत एक बूथ कार्यकर्ता के रूप में की थी. इसके बाद वे संगठन में प्रदेश उपाध्यक्ष और महामंत्री जैसे पदों पर रहे. वे पहली बार 2007 में धनोल्टी से विधायक बने थे. इसके बाद में 2017 और 2022 में राजपुर रोड से लगातार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे.
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