उत्तराखंड टनल हादसा में अब तक 7 लोगों की मौत, 14 लोग घायल, बिहार-झारखंड के मजदूर सबसे ज्यादा

अंकित शर्मा

• 09:55 AM • 14 Aug 2026

Uttarakhand Tunnel Accident: चमोली के पीपलकोटी में THDC की निर्माणाधीन टनल में अचानक पानी और मलबा भरने से बड़ा हादसा हो गया. हादसे के समय टनल के अंदर 22 मजदूर मौजूद थे. ताजा जानकारी के मुताबिक 21 मजदूरों को बाहर निकाला जा चुका है, जिनमें 7 की मौत हो गई और 14 घायल हैं, जबकि एक मजदूर अब भी अंदर फंसा हुआ है. जानें पूरा अपडेट.

Uttarakhand Tunnel Accident Update
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उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में एक बड़ा हादसा हो गया है. टनल में अचानक मलबा और पानी भर जाने के कारण वहां 22 मजदूर फंस गए, जो वहां पर काम कर रहे थे. हालांकि प्रशासन की ओर से रातभर राहत एवं बचाव का कार्य किया गया, जिसके बाद टनल में फंसे 22 में से 21 लोगों को बाहर निकाल लिया गया है. मिली जानकारी के मुताबिक, जिन 21 लोगों को बाहर निकाला गया है उनमें से 7 लोगों की मौत हो गई है और 14 लोग घायल है. फिलहाल 1 मजदूर की तलाश जारी है. इसी बीच सीएम पुष्कर सिंह धामी भी खराब मौसम के बावजूद पीपलकोटी पहुंच गए है.

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टनल में फंसे थे 22 लोग 

मिली जानकारी के मुताबिक, जब यह हादसा हुआ तो टनल के अंदर 22 लोग मौजूद थे. अचानक से टनल के अंदर मलबा और पानी भरने लगा, जिसके बाद प्रशासन ने अपना काम शुरू कर दिया. प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया, इस दौरान भी टनल के अंदर लगातार पानी भरता रहा. देर रात 1 बजे के बाद रुक-रुक कर रेस्क्यू अभियान और सर्च अभियान चलाया गया. टनल के अंदर भारी मात्रा में पानी और मलवा होने के कारण एनडीआरएफ, आईटीबीपी और रेस्क्यू टीमों को दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा. फिलहाल 14 घायलों को अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है.

मरने और घायलों को लेकर प्रशासन ने दी ये जानकारी

इसी बीच प्रशासन ने बताया है कि इस हादसे में जान गंवाने वाले 2 उत्तराखंड के ही है, जिसमें एक टिहरी और दूसरा चमोली है. वहीं बिहार के 1 और झारखंड के 2 लोग भी इस हादसे में मारे गए है और बाद बाकी 2 लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है.

वहीं घायल मजदूरों में सबसे ज्यादा झारखंड के 5, बिहार के 4, छत्तीसगढ़ के 2, पंजाब-हिमाचल प्रदेश के 1-1 व्यक्ति शामिल है. वहीं एक व्यक्ति की पहचान की जा रही है. अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक टनल में पानी और कीचड़ बढ़ जाने के कारण फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन को रोक दिया गया है.

सीएम धामी पहुंचे पीपलकोटी

हादसे के बाद ही मुख्यमंत्री ने हालात का पूरा जायजा लिया था. वहीं 14 अगस्त की सुबह-सुबह वह खुद पीपलकोटी पहुंचे है. मौसम खराब होने के कारण हेलीकॉप्टर की लैंडिंग भी बेहद मुश्किल परिस्थितियों में हो सकी. मुख्यमंत्री टनल में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन का स्थलीय निरीक्षण करेंगे. साथ ही मुख्यमंत्री मौके पर मौजूद प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ सहित सभी संबंधित एजेंसियों से रेस्क्यू ऑपरेशन की प्रगति की जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे. इसके उपरांत मुख्यमंत्री रेस्क्यू किए गए घायल श्रमिकों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम भी जानेंगे.

घायलों का गोपेश्वर में चल रहा इलाज, कई गंभीर

14 घायल मजदूरों में से 3-4 मजदूरों की स्थिति काफी गंभीर बताई जा रही हैं. हादसे के बाद ही सभी घायलों को तुरंत जिला अस्पताल गोपेश्वर में भर्ती कराया गया था, ताकि उनका बेहतर और समय से इलाज हो सकें. डॉक्टरों और स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा घायलों के उपचार एवं स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जा रही है. बताया जा रहा है कि जरूरत पड़ने पर उन्हें बेहतर मेडिकल सुविधा देने के भी पुख्ता इंतजाम किए गए है.

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