Uttarakhand Rajya Sabha Candidate Dinesh Arya: उत्तराखंड में राज्यसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने एक बड़ा फैसला लिया है. केंद्रीय चुनाव समिति ने उत्तराखंड से राज्यसभा प्रत्याशी के तौर पर दिनेश आर्य के नाम पर अपनी मुहर लगा दी है. प्रदेश में होने जा रहे आगामी विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले यह फैसला बेहद अहम माना जा रहा है. पार्टी के इस कदम से राज्य की राजनीति में नए सियासी समीकरण बनने लगे हैं. ऐसे में जानिए कौन हैं दिनेश आर्य और कैसा रहा है उनका राजनीति सफर.
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हल्द्वानी से आते हैं दिनेश आर्य, जानिए क्या है मौजूदा जिम्मेदारी
दिनेश आर्य नैनीताल क्षेत्र के रहने वाले हैं. वे वर्तमान में राज्यस्तरीय पेयजल अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. यह प्रदेश में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री का पद है. दिनेश आर्य का राजनीतिक सफर काफी लंबा रहा है. वे संघ परिवार और पार्टी संगठन में कई महत्वपूर्ण भूमिकाओं में कार्य कर चुके हैं.
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से की थी राजनीति की शुरुआत
दिनेश आर्य ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत वर्ष 1985 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से की थी. इसके बाद वे संगठन में लगातार सक्रिय रहे. वर्ष 2007 से 2010 तक उन्होंने नैनीताल जिले के भाजपा जिलाध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभाली. इसके बाद 2017 से 2020 के दौरान वे भाजपा अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव रहे. साल 2021 में उन्हें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का PRO) बनाया गया था. इसके बाद 2023 में उन्हें राज्यस्तरीय पेयजल अनुश्रवण परिषद का उपाध्यक्ष चुना गया. अब 2026 में पार्टी ने उन्हें राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है.
'शुद्धीकरण विवाद' के बीच भाजपा का मास्टरस्ट्रोक?
हाल ही में हल्द्वानी के रामलीला मैदान में एक राजनीतिक विवाद सामने आया था. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की एक जनसभा के बाद उस मंच का कथित शुद्धीकरण किया गया था. इस घटना पर राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि मल्लिकार्जुन खरगे के दलित समुदाय से आने के कारण भाजपा और आरएसएस से जुड़े लोगों ने मंच को धोया था. राहुल गांधी ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग भी की थी. इस पूरे घटनाक्रम के बाद देश भर में सियासी कोहराम मच गया था. माना जा रहा है कि इसी राजनीतिक हलचल के बाद भाजपा ने नैनीताल से एक दलित चेहरे को राज्यसभा भेजने का फैसला किया है. बता दें कि राज्य गठन के बाद दिनेश भाजपा के पहले दलित राज्यसभा प्रत्याशी बने हैं. हालांकि, कांग्रेस की तरफ से प्रदीप टम्टा राज्यसभा पहुंच चुके हैं.
जानिए कब होंगे चुनाव?
उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद नरेश बंसल का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है. भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, नामांकन जमा करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर 2026 है. इसके बाद 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी और 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे. राज्य की इस 1 सीट के लिए 16 अक्टूबर 2026 को मतदान कराया जाएगा और उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होकर नतीजे आ जाएंगे. उत्तराखंड विधानसभा में भाजपा के पास 47 विधायक हैं, इसलिए पार्टी उम्मीदवार की जीत पूरी तरह तय मानी जा रही है.
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