नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी की मुलाकात के क्या हैं सियासी मायने? अंदरखाने घमासान के बीच जेडीयू का बड़ा मंथन
Bihar Politics: बिहार में MLC चुनाव के नतीजों के बाद NDA के भीतर खींचतान और भीतरघात के आरोपों ने सियासी हलचल बढ़ा दी है. जेडीयू के तीन उम्मीदवारों की हार के बाद पार्टी ने चुनावी प्रदर्शन की समीक्षा के लिए वरिष्ठ नेताओं की बैठक बुलाई है. इसी बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मुलाकात ने नए राजनीतिक संकेत दिए हैं.
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बिहार में हाल ही में संपन्न हुए विधान परिषद (MLC) चुनाव के परिणामों ने एनडीए गठबंधन के भीतर सुलगती अंतरकलह और खींचतान को सतह पर ला दिया है.इन चुनावों में जेडीयू और बीजेपी दोनों के उम्मीदवार मैदान में थे, जहां बीजेपी ने अपनी दो सीटें बचाते हुए साख मजबूत की, वहीं जेडीयू केवल एक ही सीट जीत पाई और उसके तीन उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा. हार के बाद जेडीयू के पराजित उम्मीदवारों और नेताओं ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी भड़ास निकाली और आरोप लगाया कि चुनाव प्रचार के दौरान एनडीए के भीतर भीतरघात हुआ और सहयोग नहीं मिला.
सारण सीट पर विवाद और राजीव प्रताप रूढ़ी का पलटवार
सारण निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने वाले जेडीयू उम्मीदवार आनंद पुष्कर ने अपनी हार के बाद बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूढ़ी पर गंभीर सवाल उठाए थे. उन्होंने आरोप लगाया था कि राजपूत नेता नहीं चाहते थे कि उनकी जीत हो. इस आरोप का कड़ा जवाब देते हुए राजीव प्रताप रूढ़ी ने साफ किया कि एनडीए के सभी घटक दलों ने मिलकर जीतने का पूरा प्रयास किया था. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह कहना बिल्कुल गलत है कि किसी के इशारे पर कोई नेता बैठ जाता, क्योंकि आज के समय में कोई भी नेता किसी के कहने से अपने कदम पीछे नहीं खींचता. इसके साथ ही जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष द्वारा निर्दलीय जीतने वाले उम्मीदवारों को तुरंत बीजेपी में शामिल कराने पर भी सवाल उठाए गए हैं.
जेडीयू का आंतरिक मंथन और भविष्य की रणनीति
इन तमाम विवादों और हार की समीक्षा के लिए जेडीयू ने एक उच्च स्तरीय आंतरिक बैठक बुलाई है. इस मंथन बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हो रहे हैं. पार्टी यह आकलन कर रही है कि चुनाव के दौरान कहां-कहां कमियां रहीं और भीतरखाने किस तरह का असहयोग देखने को मिला.
नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी की मुलाकात से सियासी संदेश
एक तरफ जहां पार्टी के भीतर असंतोष और बगावत के सुर उठ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मुलाकात ने राजनीतिक हलचल को कुछ हद तक शांत करने का काम किया है. दिल्ली से लौटने के बाद सम्राट चौधरी सीधे नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे. इस दौरान दोनों नेताओं की शिष्टाचार मुलाकात और नीतीश कुमार का सकारात्मक रुख यह संदेश देने के लिए काफी था कि एनडीए का शीर्ष नेतृत्व पूरी तरह एकजुट है और गठबंधन में सब कुछ सामान्य है. बहरहाल, जेडीयू की इस बैठक से पार्टी क्या नया राजनीतिक संदेश देती है, इस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं.
