मध्य प्रदेश सरकार का नया आधुनिक बॉम्बार्डियर जेट भोपाल पहुंचने को तैयार
मध्य प्रदेश सरकार का नया 350 करोड़ रुपए का बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 जेट भोपाल पहुंचने को तैयार. जानिए मप्र सरकार के नए हवाई बेड़े, पायलट ट्रेनिंग और 20 हवाई पट्टियों के विस्तार के बड़े मास्टरप्लान की पूरी खबर.
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मध्य प्रदेश सरकार के बेड़े में जल्द ही एक नया और बेहद आधुनिक मेहमान शामिल होने जा रहा है. सरकार का नया बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 जेट कनाडा की राजधानी टोरंटो से उड़ान भरकर जापान और बैंकॉक के रास्ते होते हुए अपनी यात्रा पूरी कर चुका है. विमानन विभाग के मुताबिक, दिल्ली में कस्टम और आईजीएसटी क्लीयरेंस मिलने के बाद यह जेट 20 या 21 अक्टूबर को भोपाल पहुंच जाएगा.
अंतरराष्ट्रीय रूट और तकनीकी स्टॉपओवर
कनाडा से भारत के बीच लंबी दूरी, अंतरराष्ट्रीय रूट और फ्यूल जैसी तकनीकी जरूरतों को पूरा करने के लिए विमान ने जापान और बैंकॉक में स्टॉपओवर लिया है. एयर ट्रैफिक कंट्रोलर (ATC) द्वारा तय समय के अनुसार यह विमान नई दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड करेगा. एविएशन डायरेक्टर चंद्रमौलि शुक्ला ने बताया कि दिल्ली पहुंचने के बाद विमान से जुड़ी जरूरी कानूनी और तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी. नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCE) से औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद प्लेन को सीधे भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट स्थित स्टेट हैंगर लाया जाएगा. हालांकि, इस नए जेट को नियमित उड़ान सेवा में आने में अभी डेढ़ से दो महीने का वक्त लग सकता है.
मध्य प्रदेश के दोनों पायलट लौटे स्वदेश
कनाडा में नए चैलेंजर-3500 जेट के संचालन का विशेष प्रशिक्षण लेने गए मध्य प्रदेश के दोनों सीनियर पायलट कैप्टन विश्वास राय और कैप्टन अरविंद सिंह भारत लौट आए हैं. दोनों ने विमान संचालन और सिम्युलेटर उड़ान की ट्रेनिंग ली है. इस जेट को बॉम्बार्डियर कंपनी का पायलट खुद भारत लेकर आ रहा है. अनुबंध के तहत कंपनी एक साल तक मुख्य पायलट मुहैया कराएगी, जबकि इस दौरान प्रदेश के दोनों पायलट सहायक की भूमिका में रहेंगे. सरकार ने इस जेट के लिए 268 करोड़ रुपए का ऑल-रिस्क बीमा तय किया है, जिसका सालाना प्रीमियम दो करोड़ रुपए होगा और दिल्ली पहुंचने पर इसका बीमा कराया जाएगा.
हवाई बेड़े का कायाकल्प और नया मास्टरप्लान
मध्य प्रदेश की मोहन सरकार अपने हवाई बेड़े का पूरी तरह कायाकल्प करने जा रही है. सरकारी उड़ानों को तेज, सुरक्षित और प्रदेश के कोने-कोने तक पहुंचाने के लिए लगभग 575 करोड़ रुपए की लागत से नया जेट और हाइटेक हेलीकॉप्टर खरीदा जा रहा है. सरकार का असली मास्टरप्लान सिर्फ विमान खरीदने तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीन पर मजबूत 'हवाई नेटवर्क' तैयार करने का है, जिसके तहत हर 50 किलोमीटर के दायरे में एक हेलीपैड और करीब 20 हवाई पट्टियों का विस्तार किया जाएगा.
सरकार के बेड़े में शामिल होने वाले दो प्रमुख विमान इस प्रकार हैं:
- बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 जेट: इसकी कीमत लगभग 350 करोड़ रुपए है. इसमें 9 यात्री और 2 पायलट बैठ सकेंगे. इसका इंटीरियर मध्य प्रदेश सरकार की जरूरत के हिसाब से तैयार कराया गया है, जिसका इस्तेमाल मुख्यमंत्री और अन्य वीआईपी यात्राओं के लिए होगा. यह लंबी दूरी की उड़ानों में बिना बीच में ईंधन भरे सीधे गंतव्य तक पहुंचाएगा.
- एयरबस ACH160 हेलीकॉप्टर: फ्रांस निर्मित इस हेलीकॉप्टर की कीमत टैक्स मिलाकर करीब 225 करोड़ रुपए है और इसकी डिलीवरी इसी साल नवंबर में मिलने की उम्मीद है. आधिकारिक दस्तावेज के मुताबिक इसकी अधिकतम क्षमता 10 यात्रियों की, उड़ान अवधि 4 घंटे 30 मिनट और क्रूज स्पीड 155 नॉट है. इसमें आधुनिक तकनीक और कैमरे भी मिलेंगे. यह 13 साल पुराने एयरबस EC155 B1 हेलीकॉप्टर की जगह लेगा, जिसके मेंटेनेंस और आवाजाही पर पिछले ढाई साल में ही 60 से 70 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं.
रनवे के विस्तार और बुनियादी ढांचे की चुनौती
350 करोड़ रुपए का बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 एक मिड-साइज जेट है, जिसे सुरक्षित लैंडिंग और टेक-ऑफ के लिए कम से कम 1800 मीटर और बेहतर संचालन के लिए 2100 मीटर लंबे रनवे की जरूरत होती है. वर्तमान में प्रदेश की करीब 20 हवाई पट्टियों में से सिर्फ तीन ही ऐसी हैं जहाँ 1800 मीटर या उससे बड़ा रनवे मौजूद है. उदाहरण के लिए, सतना में नया एयरपोर्ट बन चुका है, लेकिन वहां का रनवे सिर्फ 1300 मीटर लंबा होने के कारण यह नया जेट वहां नहीं उतर सकता.
इसी समस्या के समाधान के लिए विमानन विभाग ने 20 हवाई पट्टियों के विस्तार की योजना बनाई है और जिला कलेक्टरों से जमीन अधिग्रहण के लिए जानकारी मांगी है. इस विस्तार पर 300 से 400 करोड़ रुपए का खर्च आने का अनुमान है. इसके अलावा, सरकार अगले दो साल में 63 नए हेलीपैड तैयार करने जा रही है, जिससे प्रदेश में कुल हेलीपैडों की संख्या बढ़कर हर 50 किलोमीटर के दायरे तक पहुंच जाएगी.
