ट्रक में छिपी थी शराब, आगे चल रही थी पायलटिंग कार! इंदौर-बैतूल हाईवे पर उस रात क्या हुआ? जानें TI दिलीप पुरी हत्याकांड की कहानी
TI Dilip Puri Murder Case: मध्य प्रदेश के देवास जिले के खातेगांव में अवैध शराब तस्करों द्वारा ट्रक से कुचलकर शहीद किए गए TI दिलीप पुरी हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस ने ट्रक मालिक और तस्कर कैरम सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि पूरे नेटवर्क की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है.
ADVERTISEMENT

TI Dilip Puri Murder Case: मध्य प्रदेश के देवास जिले के खातेगांव में अवैध शराब की तस्करी रोकने पहुंचे थाना प्रभारी (TI) दिलीप पुरी की ट्रक से कुचलकर मौत हो गई. इस घटना ने पुलिस महकमे से लेकर पूरे इलाके तक में हलचल मचा दी है. लेकिन यह सिर्फ एक पुलिस अधिकारी की मौत का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे अवैध शराब के कारोबार और उससे जुड़े नेटवर्क की कई परतें भी सामने आ रही हैं. शुरुआती जांच में मामला जितना दिख रहा था, उससे कहीं ज्यादा गंभीर बताया जा रहा है. ऐसे में एमपी तक के शो 'अनकही' में जानिए सिलसिलेवार तरीके से कि घटना वाली रात इंदौर-बैतूल हाईवे पर क्या-क्या हुआ था.
पहले जानें कैसे घटी थी दर्दनाक घटना?
यह खौफनाक वारदात रविवार और सोमवार की दरमियानी रात करीब 1 से 1:30 बजे के बीच इंदौर-बैतूल हाईवे पर खातेगांव और सनदलपुर के बीच हुई. TI दिलीप पुरी को सूचना मिली थी कि अवैध शराब से भरा एक आयशर ट्रक गुजर रहा है, जिसके बाद वे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए. निमावर पुलिस भी ट्रक का पीछा कर रही थी. पुलिस को वह आइसर ट्रक एक ढाबे के पास डिवाइडर किनारे खड़ा मिला. जब टीआई दिलीप पुरी ने चालक को नीचे उतरने के लिए कहा, तो उसने सरेंडर करने के बजाय ट्रक को डिवाइडर पर चढ़ा दिया और भागने की कोशिश की. इसी दौरान ट्रक का पिछला पहिया टीआई दिलीप पुरी के ऊपर से गुजर गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए और इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया.
तस्करों का नेटवर्क और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी
वारदात को अंजाम देने के बाद चालक ट्रक को सनदलपुर फाटे के पास छोड़कर फरार हो गया. जांच में सामने आया कि जिस ट्रक में अवैध शराब भरी थी, उसका बेस सामान्य से करीब 2 फीट ऊंचा था और उसके गुप्त कंपार्टमेंट में शराब छिपाई गई थी. पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए अलीराजपुर जिले के भेड़वा से कैरम सिंह को गिरफ्तार किया है. वह आइसर ट्रक का मालिक है और घटना के दौरान अपनी कार से ट्रक की पाइलटिंग (आगे-आगे चलना) कर रहा था. इसके अलावा हरदा जिले के टिमरनी तहसील के शराब ठेकेदार और कुछ कर्मचारियों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है.
यह पढ़ें: क्यों शहीद टीआई दिलीप पुरी के पार्थिव शरीर को दफनाया गया, क्या है इसके पीछे की वजह ?
एसआईटी का गठन और सरकार का एक्शन
इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस की गंभीरता को देखते हुए सरकार और पुलिस प्रशासन पूरी तरह एक्टिव हो गया है. मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन कर दिया गया है. स्पेशल डीजी उपेंद्र जैन और उज्जैन रेंज के एडीजी राकेश गुप्ता ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है. वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहीद TI के परिवार को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और उनकी पत्नी को सब-इंस्पेक्टर पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने का ऐलान किया है. अब देखना यह है कि जांच सिर्फ ट्रक चालक तक सीमित रहती है या अवैध शराब के इस पूरे काले कारोबार को संरक्षण देने वाले असली चेहरों तक पहुंचती है.
इनपुट: शकील खान
यह भी पढ़ें: शहीद TI दिलीप पुरी की अंतिम विदाई में रो पड़ा हर शख्स, पार्थिव शरीर से लिपटकर बिलखती रही बेटी
