BJP ने तोड़ लिए AAP के 3 पार्षद, चंडीगढ़ मेयर ने इस्तीफा तो दिया पर अब चुनाव का गणित ही बदला
विधायकों और सांसदों के पार्टी बदलने पर एंटी डिफेक्शन लॉ यानी दल-बदल विरोधी कानून लगता है, लेकिन पार्षदों के पार्टी बदलने पर रोक लगाने के लिए ऐसा कोई कानून नहीं है. यानी बीजेपी के लिए आगे का रास्ता साफ है.
ADVERTISEMENT

Chandigarh Mayor Election: चंडीगढ़ मेयर चुनाव में धांधली के आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट(SC) की सुनवाई से पहले बड़ा खेल हो गया है. खेल यह है कि, आम आदमी पार्टी(AAP) के तीन पार्षद बीजेपी में शामिल हो गए है. आप के तीन पार्षदों के आ जाने से अब बीजेपी के पार्षदों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है, जबकि पार्टी के पास एक वोट सांसद किरण खेर का भी हैं. वहीं पिछले दिनों हुए मतदान में शिरोमणि अकाली दल के एकमात्र पार्षद ने भी बीजेपी का समर्थन किया था. यानी कुल मिलाकर बीजेपी के पास वोटों की कुल संख्या अब 19 वोट हो गई हैं यानी चुनाव में संख्याबल के लिहाज से अब बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है. वहीं सुनवाई से पहले मेयर मनोज सोनकर ने अपने पद से इस्तीफा भी दे दिया है.