बेटे के टिकट के लिए अमित शाह से मिलने आए ईश्वरप्पा, टाइम न मिलने पर कही हार नहीं मानने की बात
ईश्वरप्पा ने ठान लिया है कि बेटे का भविष्य बने या नहीं लेकिन वो हार नहीं मानेंगे. वैसे ईश्वरप्पा का रूठना नई बात नहीं है. विधानसभा चुनाव में भी ऐसे रूठे थे. तब पीएम मोदी ने खुद फोन करके मना लिया था लेकिन लोकसभा चुनाव में कोई पूछ नहीं रहा है.
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Lok Sabha Election Karnataka: लोकसभा चुनाव से पहले के एस ईश्वरप्पा का विद्रोह कर्नाटक में बीजेपी के गले की हड्डी बन गया है. ईश्वरप्पा को मनाने के लिए जो करना पड़ेगा उसके लिए बीजेपी उसके लिए तैयार भी नहीं है. असल लड़ाई है येदियुरप्पा और ईश्वरप्पा के बीच जिसमें शामिल हैं दोनों के बेटे. झगड़े की जड़ में है लोकसभा चुनाव जिसके लिए ईश्वरप्पा अपने बेटे के लिए टिकट चाहते थे लेकिन टिकट मिल गया येदियुरप्पा के बेटे को.