1949 में रामलला की जो मूर्ति ‘प्रकट’ हुई थी वो कहां गई? दिग्विजय सिंह ने पूछा था सवाल मिला ये जवाब
रामलला की मूर्ति की कहानी 74 साल पहले 1949 से शुरू हुई थी. तब भी अयोध्या में विवाद था राम मंदिर और बाबरी मस्जिद को लेकर. 22-23 दिसंबर 1949 की रात मस्जिदनुमा गुंबद के ठीक नीचे राम के बाल स्वरूप की मूर्ति देखी गई.
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Ram Mandir
Ram Mandir: सालों से टेंट में विराजमान रामलला के लिए अब अयोध्या में भव्य राम मंदिर तैयार हो रहा है. मंदिर में रामलाल की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी को पीएम मोदी की मौजूदगी में होगी. अनुमान ऐसा था कि जो रामलला टेंट में विराजते थे उनको ही नए भव्य मंदिर में स्थापित किया जाएगा, लेकिन अब चर्चा है कि मंदिर में नई-नई मूर्तियां लगने वाली है. राम मंदिर को लेकर अबतक अलग-अलग एंगल से राजनीतिक विवाद होते रहे हैं. अब रामलला की मूर्ति को लेकर भी सियासी विवाद शुरू हो गया है. नई मूर्तियां लगाने की चर्चा के बीच कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने ये सवाल उठाया है कि रामलला की वो मूर्ति कहां है जिस पर सारा झगड़ा हुआ, वो मूर्ति क्यों नहीं स्थापित हो रही हैं? नई मूर्ति की जरूरत क्यों पड़ रही है?