Chandra Grahan 2026: चंद्र ग्रहण के खत्म होते ही तुरंत कर लें ये 8 काम, दूर होगा हर दोष और चमक उठेगी किस्मत!
न्यूज तक डेस्क
03 Mar 2026 (अपडेटेड: Mar 3 2026 1:36 PM)
Chandra Grahan 2026: आज फाल्गुन पूर्णिमा पर साल का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण लग रहा है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहण के दौरान नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है. ऐसे में ग्रहण समाप्त होने के बाद शुद्धिकरण और दान-पुण्य करना जरुरी माना गया है. ऐसे में खबर में जानिए ग्रहण के दुष्प्रभावों से बचने ये 8 जरूरी काम..
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Grahan ke baad kya kare: साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण आज दोपहर 3:20 बजे शुरू होकर शाम 6:47 बजे तक रहेगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण से 9 घंटे पहले ही सूतक काल लग चुका है. इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद रहते हैं और किसी भी शुभ कार्य की मनाही होती है. मान्यता है कि ग्रहण के दौरान किए गए कार्यों से दोष लगता है और इस समय नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव भी अधिक माना जाता है. इसलिए ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान और दान करना, घर की सफाई करना जैसे कामों को करने के लिए कहा जाता है. इन कार्य के करने से अशुभ प्रभाव कम होते हैं और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है तो आइए जानते हैं, चंद्र ग्रहण के समाप्त होने बाद वो कौन कौन से कार्य जिन्हें करना लाभकारी हो सकता है…

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घर में करे साफ सफाई
चंद्र ग्रहण के समाप्त होने के तुरंत बाद अपने पूरे घर की साफ सफाई करना बहुत जरूरी है. इसके लिए घर में झाड़ू लगाए फिर पानी में सेंधा नमक मिलाकर पोछा लगाएं. नमक को नकारात्मक ऊर्जा सोखने वाला माना जाता है. ऐसा करने से ग्रहण के दौरान घर में फैली नकारात्मकता दूर होती है और वातावरण में पॉजिटिविटी का संचार होता है.
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स्नान करें
वातावरण की शुद्धि के साथ साथ खुद का शुद्धिकरण भी जरूरी है. ऐसे में ग्रहण खत्म होते ही सबसे पहले स्नान करें. शास्त्रों के अनुसार ग्रहण के दौरान निकलने वाली किरणें हमारे ओरा को प्रभावित करती हैं. स्नान करने से मन और दिमाग शांत होता है और शरीर से नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव हट जाता है. स्नान के जल में थोड़ा गंगाजल मिलाना और भी शुभ होता है.

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घर में गंगाजल का छिड़काव करें
घर की सफाई और स्नान के बाद पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करें. घर के मंदिर, रसोई और तुलसी के पौधे पर गंगाजल जरूर छिड़कें. हिंदू धर्म में गंगाजल को सबसे पवित्र माना गया है जो ग्रहण के सूतक काल के दोषों को समाप्त कर देता है. इससे घर का कोना कोना दोबारा शुद्ध और पूजा पाठ के योग्य बन जाता है.
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इन चीजों का दान करे
ग्रहण के बाद दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है. आप सफेद वस्तुओं जैसे चावल, दूध, चीनी, सफेद कपड़ा या आटा दान कर सकते हैं. ये अत्यंत लाभकारी होता है. यह दान किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को देने से ग्रहण के बुरे प्रभाव जीवन से पूरी तरह टल जाते हैं.

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दीप प्रज्वलन
सूतक काल समाप्त होने के बाद अपने घर के मंदिर की मूर्तियों को गंगाजल से स्नान कराएं. इसके बाद भगवान के सामने घी का दीपक जलाएं. फिर पूरे घर में धूप बत्ती दिखाएं. मंदिर में दीप जलाने से घर में दैवीय शक्तियों का आगमन होता है और सकारात्मक ऊर्जा का स्तर बढ़ता है. इससे मन को शांति और परिवार को सुरक्षा प्राप्त होती है.
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ताजा खान खाए
यदि आपके घर में सूतक काल से पहले का बना हुआ भोजन रखा है और उसमें तुलसी का पत्ता नहीं डाला गया था तो उसे ग्रहण के बाद न खाएं. ग्रहण के बाद रसोई की सफाई कर ताजा भोजन बनाना चाहिए. माना जाता है कि ग्रहण की किरणें भोजन को दूषित कर देती हैं इसलिए शुद्धि के बाद बना फ्रेश खाना ही लाभदायक होता है.

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गाय को रोटी खिलाए
हिंदू धर्म में गाय को पूजनीय माना गया है. ग्रहण समाप्ति के बाद जब आप ताजा भोजन तैयार करें तो पहली रोटी गाय के नाम की निकालें. इस रोटी पर थोड़ा सा गुड़ या घी रखकर गाय को खिलाएं. यदि रात के समय गाय उपलब्ध न हो तो वह रोटी अलग रख दें और अगली सुबह सबसे पहले उसे खिलाएं.

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मंत्रों का जाप करें
सफाई और स्नान के बाद कुछ समय के लिए इष्ट देव का ध्यान या 'ॐ नमः शिवाय' जैसे मंत्रों का जाप करना चाहिए. ग्रहण के दौरान और उसके ठीक बाद मानसिक स्थिति संवेदनशील होती है. मंत्रों के प्रभाव से मानसिक शक्ति बढ़ती है और आपके आसपास एक सुरक्षा कवच तैयार होता है.
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