3-4 का कंफ्यूजन खत्म, तय हो गयी होली की डेट, नोट करें होलिका दहन की तिथि
न्यूज तक डेस्क
28 Feb 2026 (अपडेटेड: Feb 28 2026 1:14 PM)
Holi 2026: साल 2026 में होलिका दहन 2 मार्च को प्रदोष काल में होगा, जबकि रंगों की होली 4 मार्च, बुधवार को मनाई जाएगी. 3 मार्च को चंद्र ग्रहण होने के कारण उस दिन रंग खेलना शुभ नहीं माना गया है.
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हर साल की तरह इस बार भी होली की तारीख को लेकर लोगों के बीच असमंजस की स्थिति बन गई थी. कोई 3 मार्च बता रहा था तो कोई 4 मार्च को सही दिन मान रहा था. अब पंचांग और ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर स्थिति स्पष्ट हो गई है. साल 2026 में रंगों की होली 4 मार्च, बुधवार को मनाई जाएगी, जबकि होलिका दहन 2 मार्च, सोमवार की शाम को किया जाएगा.

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क्यों बदली तारीख की चर्चा- दरअसल 3 मार्च को साल का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण पड़ रहा है. यह ग्रहण दोपहर 3 बजकर 21 मिनट से शुरू होकर शाम 6 बजकर 46 मिनट तक रहेगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण और सूतक काल के दौरान शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते. रंग खेलना भी उत्सव का प्रमुख हिस्सा है, इसलिए इस दिन होली मनाना उचित नहीं माना गया. यही वजह है कि रंगों का त्योहार 4 मार्च को मनाने का निर्णय लिया गया है. यह चंद्र ग्रहण भारत के अलावा पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत क्षेत्र और अमेरिका के कई हिस्सों में भी दिखाई देगा.
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होली का त्योहार दो हिस्सों में मनाया जाता है. पहले दिन होलिका दहन और अगले दिन रंगों की होली. इस वर्ष फाल्गुन पूर्णिमा के अवसर पर 2 मार्च को प्रदोष काल में होलिका दहन करना सबसे शुभ माना गया है.

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शास्त्रों के अनुसार 2 मार्च की शाम 6 बजकर 22 मिनट से रात 8 बजकर 53 मिनट तक का समय होलिका दहन के लिए सबसे उत्तम रहेगा. जो लोग भद्रा पूंछ काल का विशेष ध्यान रखते हैं, उनके लिए रात 12 बजकर 50 मिनट के बाद दहन करना उचित माना गया है. धर्मग्रंथों में भी पूर्णिमा के प्रदोष काल को होलिका पूजन के लिए श्रेष्ठ समय बताया गया है.
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फाल्गुन पूर्णिमा की सुबह स्नान कर साफ और स्वच्छ वस्त्र पहनें. शाम के समय पूजा की थाली सजाकर होलिका स्थल पर पहुंचें. पूजा करते समय उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख रखें. उपलों की माला, रोली, अक्षत, फूल, फल, हल्दी, मूंग, गुड़, गुलाल, सतनाजा, गेहूं की बालियां, गन्ना और चना अर्पित करें. अग्नि प्रज्वलित होने के बाद होलिका की परिक्रमा कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करें.

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ग्रहण के कारण 3 मार्च को रंग खेलने से बचें. धार्मिक मान्यताओं का सम्मान करते हुए 4 मार्च को ही रंगोत्सव मनाएं. इस बार होली का उत्साह दो दिन पहले से ही शुरू हो जाएगा- 2 मार्च को होलिका दहन और 4 मार्च को रंगों की धूम.
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तो अब तारीख को लेकर किसी तरह का कन्फ्यूजन नहीं रहा. अपने कैलेंडर में 2 और 4 मार्च 2026 की तारीख नोट कर लीजिए और पूरे उत्साह के साथ होली की तैयारियों में जुट जाइए.
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