Chaturmas 2026: भगवान हरि के सोते ही बदलेगी इन 3 राशियों की किस्मत, क्या आपकी राशि भी है इस लिस्ट में शामिल?

न्यूज तक डेस्क

• 09:47 AM • 25 Jul 2026

देवशयनी एकादशी से शुरू हो रहे चातुर्मास में बने दुर्लभ ग्रहों के संयोग से कर्क, वृश्चिक और धनु राशि वालों को आर्थिक, मानसिक और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है.

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आज 25 जुलाई 2026 को आषाढ़ शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी का पावन पर्व मनाया जा रहा है. इसके साथ ही आज से चार महीने के चातुर्मास की शुरुआत भी हो गई है. माना जाता है कि इस दौरान जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु योग निद्रा में चले जाते हैं. धार्मिक दृष्टिकोण से इस दिन को बेहद पवित्र और महत्वपूर्ण माना गया है.
 

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ज्योतिष शास्त्र की दृष्टि से भी आज का दिन बहुत खास है. आज के दिन उदया तिथि, ब्रह्म योग और ज्येष्ठा नक्षत्र का एक दुर्लभ संयोग बन रहा है. इस ग्रहों की स्थिति का असर सभी 12 राशियों पर अलग-अलग रूप में पड़ेगा. जहां कुछ राशियों को इस दौरान बेहतरीन नतीजे मिलेंगे, वहीं 3 राशियां ऐसी हैं जिनके लिए अगले 4 महीने थोड़ी मुश्किलें और चुनौतियां लेकर आ सकते हैं.
 

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सबसे पहले बात करते हैं कर्क राशि की. इस दौरान आपको मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है और घर व काम के बीच संतुलन बनाना थोड़ा कठिन रहेगा. पैसों से जुड़ा कोई भी बड़ा फैसला या निवेश बहुत सोच-समझकर ही लें, वरना नुकसान होने की संभावना है. पारिवारिक बातों में वाणी पर संयम रखना बेहद जरूरी है ताकि कोई अनबन न हो. राहत पाने के लिए भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें और उन्हें माखन-मिश्री का भोग लगाएं.

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दूसरी प्रभावित राशि वृश्चिक है. आपके लिए यह समय सेहत और पैतृक जायदाद से जुड़े मामलों में सतर्क रहने का है. गुप्त शत्रु आपको नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं, इसलिए दफ्तर में किसी भी बहसबाजी से बचें. इसके अलावा, खानपान का ध्यान न रखने से आपकी सेहत बिगड़ सकती है और बनते कामों में अड़चन आ सकती है. इस अवधि में विष्णु जी के मंदिर जाकर पीली मिठाई या केसर का दान करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा.
 

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तीसरी राशि धनु है, जिसके लिए चातुर्मास फिजूलखर्ची और बढ़ते बजट की चिंता ला सकता है. आमदनी से ज्यादा खर्चे होने के कारण आपकी आर्थिक स्थिति थोड़ी डगमगा सकती है. कार्यक्षेत्र में भी सहकर्मियों या अधिकारियों के साथ विचार न मिलने से परेशानी आ सकती है, इसलिए जल्दबाजी में कोई भी कदम न उठाएं. इस स्थिति से बचने के लिए नियमित रूप से केले के पेड़ की पूजा करें और उसमें जल के साथ चने की दाल अर्पित करें.

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देखा जाए तो चातुर्मास का यह समय भक्ति, ध्यान और खुद में सुधार लाने का होता है. हालांकि इन तीनों राशियों के लिए चुनौतियां जरूर दिख रही हैं, लेकिन अगर आप सही योजना बनाएं और बिना सोचे-समझे कदम न उठाएं तो इन समस्याओं को आसानी से संभाला जा सकता है.

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अंत में, यह समय घबराने का नहीं बल्कि सतर्क रहने का है. ज्योतिषशास्त्र में दिए गए सरल उपायों को अपनाकर और भगवान विष्णु की भक्ति में मन लगाकर आप अगले चार महीनों की किसी भी परेशानी को आसानी से पार कर सकते हैं.

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वशयनी एकादशी से शुरू हो रहे चातुर्मास में बने दुर्लभ ग्रहों के संयोग से कर्क, वृश्चिक और धनु राशि वालों को आर्थिक, मानसिक और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. ऐसे में भगवान विष्णु की विशेष पूजा और ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर इन 4 महीनों में आने वाली परेशानियों से बचा जा सकता है.

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