करोड़ों कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी: EPF के 11000 करोड़ लौटा रही सरकार, जानें पूरा मामला

Employees' Provident Fund Organisation (EPFO) ने 31.86 लाख निष्क्रिय PF खातों में फंसे ₹11,000 करोड़ वापस करने की तैयारी शुरू कर दी है. आधार लिंक बैंक अकाउंट में बिना क्लेम फॉर्म के ऑटो ट्रांसफर होगा. जानिए कैसे मिलेगा आपका पैसा और क्या है पूरी प्रक्रिया.

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EPFO पर सरकार का बड़ा फैसला.

रूपक प्रियदर्शी

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क्या आपके पास भी कोई पुराना पीएफ (PF) अकाउंट है जिसे आप भूल चुके हैं? क्या आपकी मेहनत की गाढ़ी कमाई सालों से धूल फांक रही है? तो अलर्ट हो जाइए... क्योंकि केंद्र सरकार ने लिया है एक ऐसा फैसला, जो सीधे आपके बैंक खाते पर दस्तक देने वाला है. 

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देश के करोड़ों कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी. श्रम मंत्रालय ने EPFO के उन पीएफ अकाउंट्स को रिवाइव किया है जो सालों से इनएक्टिव यानी निष्क्रिय पड़े हैं. कुर्सी की पेटी बांध लीजिए, क्योंकि सरकार ने एक ऐसा मास्टरस्ट्रोक खेला है जिसने करोड़ों नौकरीपेशा लोगों की टेंशन खत्म कर दी है.

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में आपकी सबसे बड़ी ताकत क्या है? आपका बैंक बैलेंस? नहीं, बल्कि आपका PF फंड! जिसे लोग सिर्फ रिटायरमेंट की जमा-पूंजी समझते थे, वो अब आपकी 'इमरजेंसी लाइफलाइन' बन चुका है. EPFO ने 2026 की अपनी नई पॉलिसी के साथ करोड़ों कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है.  

दशकों से EPFO की तिजोरी में करीब 11,000 करोड़ रुपये धूल फांक रहे थे. ये वो पैसा था जिसे 'इनऑपरेटिव' घोषित कर दिया गया था. लोग भूल गए थे, या कागजी कार्रवाई के डर से हाथ नहीं लगा रहे थे, लेकिन अब, श्रम मंत्रालय ने खेल बदल दिया है. सरकार के पास 11,000 करोड़ का खजाना जमा है जिसका कोई नामलेवा नहीं.

EPFO में 31.86 लाख खाते निष्क्रिय

EPFO के पास करीब 31.86 लाख निष्क्रिय खाते हैं, जिनमें कुल ₹10,903 करोड़ फंसे हुए हैं. सरकार अब इसे फेजवाइज लौटाने के तरीके निकाल रही हैं. पायलट प्रोजेक्ट के तहत, जिन खातों में आधार और बैंक डिटेल्स अपडेटेड हैं, वहां बिना किसी क्लेम फॉर्म के पैसा ट्रांसफर होगा.अब आपको दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है. 

1,000 रुपये या उससे कम बैलेंस वाले 7.11 लाख खातों का पैसा सीधे आपके आधार-लिंक्ड बैंक अकाउंट में भेज दिया जाएगा. पहले चरण में 7.11 लाख खातों का निपटारा हो रहा है. अगर आपके निष्क्रिय खाते में ₹1,000 से कम हैं, तो EPFO खुद आपको ढूंढेगा और आपके आधार-लिंक्ड बैंक खाते में पैसा क्रेडिट कर देगा. 

31 लाख निष्क्रिय खातों की पहचान की गई

करीब 31 लाख निष्क्रिय पीएफ खातों की पहचान की गई है. इनमें से लगभग 6 लाख खातों में 1,000 रुपये या उससे कम राशि जमा है. EPFO के पास अभी करीब 31.86 लाख इनऑपरेटिव अकाउंट हैं जिनमें 10,903 करोड़ रुपये जमा हैं. इनमें से करीब 7.11 लाख अकाउंट में 1,000 रुपये तक का अनक्लेम्ड बैलेंस है, जो कुल 30.52 करोड़ रुपये है. अगर यह कोशिश सफल होती है, तो बाकी 25 लाख इनऑपरेटिव अकाउंट भी इसी तरह के ऑटोमैटिक रिफंड सिस्टम के तहत कवर हो सकते हैं. 

सरकार को पता चला कि कई अकाउंट 20 साल पुराने हैं और पिछले तीन सालों से उनमें कोई ट्रांजैक्शन नहीं हुआ है, जिससे उन्हें इनऑपरेटिव कैटेगरी में रखा गया है. पायलट फेज के लिए चुने गए अकाउंट में पहले से ही आधार-लिंक्ड बैंक डिटेल्स EPFO के पास मौजूद हैं, जिससे रिटायरमेंट फंड बॉडी सब्सक्राइबर्स को पेंडिंग अमाउंट सीधे क्रेडिट कर सकती है. 

इतना अनक्लेम्ड अमाउंड सरकार के पास कैसे? 

इतना बड़ा अनक्लेम्ड फंड इसलिए सरकार के पास पड़ा हुआ है कि अक्सर नौकरी बदलने के बाद लोग पीएफ के पैसे न निकालते हैं या नई कंपनी में ट्रांसफर कराते हैं. पहले के मामले इसे ज्यादा हुए क्योंकि तब मोबाइल, ऐप, ऑनलाइन सुविधाएं नहीं थी. जानकारी भी नहीं थी. एचआर पर पूरी निर्भरता है. कागजी कार्रवाई ज्यादा थी. ऐसा करते-करते थोड़ी-बहुत रकम पड़े-पड़े 10 हजार करोड़ बन गई. अब सरकार ने ही फैसला किया है कि जिन निष्क्रिय खातों में 1,000 रुपये या उससे कम बैलेंस है, वो पैसा खुद EPFO वापस करेगा.

कब होता है इनएक्टिव अकाउंट? 

सवाल यह है कि आपका खाता 'इनएक्टिव' कब होता है? नियम कहता है कि अगर 3 साल तक आपके खाते में कोई ट्रांजैक्शन नहीं हुआ, तो वह निष्क्रिय मान लिया जाता है. याद रहे, इन खातों पर ब्याज मिलना बंद हो सकता है, इसलिए सरकार का यह कदम आपके फंसे हुए पैसे को सुरक्षित निकालने का सुनहरा मौका है. तो देर किस बात की? आज ही EPFO पोर्टल पर अपना स्टेटस चेक करें और देखें कि क्या सरकार आपके घर भी लक्ष्मी भेजने वाली है. 

अगर आप भी उन 7 लाख लोगों में शामिल हो सकते हैं ये पक्का कर लें कि UAN पोर्टल पर KYC अपडेटेड हो. क्योंकि सरकार का यह 'गिफ्ट' केवल उन्हीं को मिलेगा जिनके बैंक अकाउंट और आधार आपस में लिंक हो. लोगों को को कुछ भी करने की जरूरत नहीं होगी. न कोई फॉर्म भरना है और न ही ऑफिस जाना है. सरकार ऐसे खातों की पहचान कर चुका है और पैसा सीधे आधार से लिंक बैंक खाते में भेजा जाएगा. यानी अगर बैंक अकाउंट और आधार अपडेट है, तो रकम अपने आप ट्रांसफर हो जाएगी.

भूल जाइए वो पुराने दिन जब पीएफ निकालने में महीने लग जाते थे. EPFO 3.0 के तहत अब सेटलमेंट का समय 20 दिन से घटाकर सिर्फ 3 दिन कर दिया गया है. पुराने सिस्टम में क्लेम के लिए 20 दिन रगड़ना पड़ता था, लेकिन EPFO 3.0 के तहत, अब सेटलमेंट सिर्फ 3 दिन में होगा. यह डिजिटल क्रांति अप्रैल 2026 तक पूरी तरह लागू हो जाएगी. आने वाले समय में पीएफ का पैसा निकालना उतना ही आसान होगा जितना चाय की दुकान पर पेमेंट करना. EPFO जल्द ही UPI विड्रॉल शुरू करने जा रहा है. 

75 फीसदी राशि निकाल सकते हैं

अगर खुदा न खास्ता नौकरी छूट जाए, तो 1 महीने बाद ही आप अपनी जमा राशि का 75% हिस्सा निकाल सकते हैं ताकि घर का खर्च न रुके. पीएफ पर मिलने वाला ब्याज (Interest) न केवल जबरदस्त है, बल्कि यह टैक्स-फ्री (Tax-Free) भी है. सदस्य की मृत्यु होने पर परिवार को 7 लाख तक का EDLI इंश्योरेंस मुफ्त मिलता है. 

PF अकाउंट, या प्रोविडेंट फंड अकाउंट, भारत में कर्मचारियों के लिए सेविंग स्कीम हैं, जिन्हें एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइज़ेशन (EPFO) मैनेज करता है. कर्मचारी और एम्प्लॉयर सैलरी का एक हिस्सा EPF अकाउंट में जमा करते हैं, जिस पर समय के साथ ब्याज मिलता है. 

अगर आप 25 साल की उम्र से हर महीने 10,000 का योगदान (EPF Contribution) शुरू करते हैं, तो 60 साल की उम्र तक आपके पास 2.45 करोड़ से 4.31 करोड़ तक का विशाल फंड जमा हो सकता है. इस पर कोई टैक्स नहीं देना होगा. ये सब निर्भर करता है सालाना सैलरी में होने वाली बढ़ोतरी पर.

एक सेनारियो ये है कि हर महीने 10 हजार पीएफ में जाता रहेगा तो मैच्योरिटी अमाउंट ढाई करोड़ तक पहुंच जाए. दूसरा सेनारियो ये कि अगर हर साल 5 परसेंट भी इंक्रीमेंट होता रहा तो 35 साल बाद रिटायरमेंट पर करीब सवा 4 करोड़ से ज्यादा पीएफ से ही मिल जाएंगे. 

क्या है इस कैलकुलेशन का गणित? 

इस कैलकुलेशन के पीछे का गणित क्या है. आपके वेतन से बेसिक का 12% कटता है, और Employer भी 12% का योगदान देता है. Employer के ही 12 परसेंट में से 3.67% पेंशन फंड में जाता है. जिससे रिटायरमेंट के बाद पेंशन मिलती है. 

जितनी बेसिक सैलरी है उसका ही 12 परसेंट पीएफ में कटेगा. फिर भी पीएफ फंड को और बड़ा बनाया जा सकता है. ये तरीका है VPF (Voluntary Provident Fund) का. अगर 12% से ज्यादा योगदान देना चाहते हैं, तो VPF चुन सकते हैं. इस पर भी आपको EPF के बराबर (8.25%) ब्याज मिलता है. सलाह दी जाती है कि नौकरी बदलने पर पीएफ के पैसे न निकाले. पीएफ का पैसा निकालने के बजाय उसे नई कंपनी में ट्रांसफर करें. इससे आपकी सेवा की निरंतरता बनी रहती है और कंपाउंडिंग का लाभ मिलता रहता है.  

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