आधा दर्जन थानों का चक्कर काटते रहें परिजन...सुबह गड्ढे में मिला बेटा, नोएडा के बाद अब दिल्ली से आई खौफनाक कहानी

Delhi accident news: दिल्ली के जनकपुरी इलाके में सड़क पर बने गहरे गड्ढे में गिरने से एक युवक की मौत का मामला सामने आया है. परिजनों का आरोप है कि रात भर वे पुलिस थानों के चक्कर काटते रहे लेकिन समय पर मदद नहीं मिली. जल बोर्ड के काम, पुलिस की कार्रवाई और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह हादसा सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है. पढ़ें पूरी खबर.

Janakpuri accident case
दिल्ली में हुआ नोएडा जैसा भयावह हादसा

अरविंद ओझा

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नोएडा से सामने आई 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की कहानी तो आपको याद ही होगी कि कैसे उनकी एक निर्माणाधीन मॉल के 30 फीट गहरे बेसमेंट में गिरने से मौत हो गई थी. यह मामला अभी तक ठंडा भी नहीं पड़ा था लेकिन की एक मिलती-जुलती ऐसी ही कहानी दिल्ली से सामने आई है. यहां एक बाइक सवार अपने ऑफिस से लौटने के क्रम में गड्ढे में गिर गया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई. हैरान करने वाली बात यह है कि जब बीती रात परिजन उसे ढूंढने के लिए पुलिस स्टेशन पहुंचे तो उन्हें कोई मदद नहीं मिली और वे आधा दर्जन थानों के चक्कर काटते रहे. आइए विस्तार से जानते हैं इस दर्दनाक हादसे की पूरी कहानी.

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रात भर ढूंढते रहे परिजन

मिली जानकारी के मुताबिक दिल्ली के कैलाशपुरी में रहने वाले कमल बैंक के कॉल सेंटर में जॉब करते है जो कि रोहिणी में स्थित है. बीती रात वह अपने ऑफिस से घर की ओर आ रहे थे और इस दौरान उनकी घर वालों से लगातार बात हो रही थी. लेकिन जब देर रात तक कमल घर नहीं पहुंचा तो परिजनों को उसकी चिंता हुई. इसी वजह से वह घर से बाहर निकले और उसे ढूंढने लगे लेकिन उसकी कोई जानकारी नहीं मिले.

पुलिस वालों ने नहीं की मदद, फिर सुबह...

इस दौरान कमल के परिजनों ने आधा दर्जन पुलिस स्टेशनों जिसमें जनकपुरी से लेकर सागरपुर, विकासपुरी और रोहिणी भी शामिल है, के चक्कर काटे लेकिन वहां कोई मदद नहीं मिली. कमल के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि किसी भी पुलिस वालों ने इस मामले में गंभीरता नहीं दिखाई है. फिर सुबह करीबन 7:30 बजे पुलिस वाले का कॉल आया और तब जाकर पता चला कि कमल अपनी बाइक के साथ गड्ढे में गिरा हुआ है. बताया जा रहा है कि यह गड्ढा जल बोर्ड ने काम की वजह से खुदवाया है.

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दोस्त ने बताई ये कहानी

वहीं इस मामले में कमल के दोस्त मयंक ने पूरी रात की कहानी बयां की है. मयंक का कहना है कि हम पहले जनकपुरी पुलिस स्टेशन गए थे लेकिन वहां पर हमारी कोई मदद नहीं की गई. यहां से निराश होकर हम अलग-अलग थानों में गए लेकिन वहां भी हमारी बात की कोई सुनवाई नहीं हुई. मयंक ने कहा कि अगर पुलिस ने रात में ही सतर्कता दिखाई होती है शायद कमल बच जाता.

मयंक ने जल बोर्ड पर भी हमला बोलते हुए कहा है कि अगर आप कोई काम करा रहे हैं तो इसलिए बैरिकेडिंग की जानी चाहिए. कम से कम दो बंदों को वहां बिठाना चाहिए ताकि अगर आगे कुछ काम हो रहा है तो किसी को पता तो चले.

आप ने बीजेपी पर किया हमला

वहीं इस मुद्दे ने अब दिल्ली की राजनीतिक पारा को भी गरमा दिया है. आम आदमी पार्टी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस मामले का एक फोटो शेयर करते हुए लिखा है कि, 'घर पर मां इंतजार कर रही होगी कि बेटा आयेगा..उस मासूम मां को क्या पता एक निकम्मी सरकार उसके बेटे को निगल गई. जनकपुरी में सड़क पर मौजूद इस गड्ढे में गिरने से एक बेटे की मौत हो गई. BJP के हाथों सिस्टम की मौत पहले ही हो चुकी है. यह हादसा नहीं.. प्रमाण है BJP के निकम्मेपन का.'

पुलिस ने दी ये जानकारी

वहीं दिल्ली पुलिस के मुताबिक रात 12:30 बजे कमल का परिवार विकासपुरी थाने आया था, जिसके बाद उनसे कमल की फोटो मांगी गई. फिर परिवार रात 2:30 बजे ही जनकपुरी थाने पहुंचा जहां एक सब इंस्पेक्टर ने बात सुनकर परिवार से फोटो मांगी. फिर लोकेशन ट्रेस करने पर पता चला कि कमल की मोबाइल टावर लोकेशन घटना स्थल से 200 मीटर दूर थी. फिर परिवार के साथ दिल्ली पुलिस ने रात भर कमल को ढूंढा और साथ ही कमल की फोटो व्हाट्सएप ग्रुप में भी शेयर की गई थी. फिर सुबह जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को गड्ढे से निकाला.

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