नोएडा: 'पापा मुझे बचा लो, मैं मरना नहीं चाहता', तड़पता रहा इंजीनियर बेटा, ठंडा पानी बताकर हाथ पर हाथ धरे खड़ा रहा सिस्टम

ग्रेटर नोएडा में एक 27 वर्षीय इंजीनियर युवराज मेहता की कार निर्माणाधीन मॉल के पानी से भरे बेसमेंट में गिर गई. युवराज करीब पौने दो घंटे तक मदद के लिए चिल्लाता रहा और अपने पिता को फोन कर बचाने की गुहार लगाई, लेकिन मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीमों ने 'ठंडा पानी' होने का बहाना बनाकर उसे बचाने की कोशिश नहीं की, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई.

नोएडा में सड़क हादसा
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दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा में सिस्टम की संवेदनहीनता और लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार का चिराग बुझा दिया. गुड़गांव की एक टेक कंपनी में काम करने वाले 27 वर्षीय होनहार सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है. युवराज करीब पौने दो घंटे तक कार के अंदर से मदद के लिए चीखता रहा, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस और रेस्क्यू टीमें 'ठंडा पानी' और 'सरिया' होने का बहाना बनाकर तमाशबीन बनी रहीं.

कोहरे और रफ्तार ने बिछाया मौत का जाल

शुक्रवार रात युवराज मेहता गुड़गांव से अपने घर ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 लौट रहे थे. घने कोहरे और तेज रफ्तार के कारण एटीएस ले ग्रैंडियोस टी-पॉइंट के पास उनकी कार अनियंत्रित हो गई. कार सड़क किनारे नाले की दीवार तोड़ते हुए निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट में भरे गहरे पानी में जा गिरी.

आखिरी कॉल 'पापा, मुझे बचा लीजिए'

कार पानी में डूब चुकी थी और युवराज अंदर फंस गए थे. उन्होंने आखिरी उम्मीद में अपने पिता को फोन किया और तड़पते हुए कहा, "पापा मुझे बचा लीजिए, मैं मरना नहीं चाहता." बदहवास पिता ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी.

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सिस्टम की शर्मनाक दलील

चश्मदीदों के अनुसार, पुलिस, फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें मौके पर पहुंच गई थीं. युवराज करीब 1 घंटा 45 मिनट तक 'बचाओ-बचाओ' चिल्लाता रहा लेकिन रेस्क्यू टीमों ने यह कहकर पानी में उतरने से मना कर दिया कि "पानी बहुत ठंडा है और अंदर सरिया हो सकता है, जिससे हमें चोट लग सकती है." 

एक स्थानीय युवक मोनिंदर ने हिम्मत दिखाई और अपनी कमर पर रस्सा बांधकर करीब 50 मीटर अंदर तक गया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. शनिवार सुबह जब क्रेन की मदद से कार और युवराज का शव निकाला गया, तब तक सब खत्म हो चुका था.

नोएडा अथॉरिटी और निर्माणाधीन मॉल की लापरवाही

जिस निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट में यह हादसा हुआ, उसे नोएडा अथॉरिटी ने अपने कब्जे में ले रखा था. बेसमेंट में गहरा पानी भरा था, लेकिन सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं था. बिना किसी बैरिकेडिंग या चेतावनी के यह जगह पहले से ही हादसों को न्योता दे रही थी.

अब युवराज के पिता इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं. सवाल ये है कि क्या उन अधिकारियों पर कार्रवाई होगी जिन्होंने ठंडे पानी के डर से एक जवान बेटे को मरने के लिए छोड़ दिया?

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