मध्य प्रदेश के बुनियादी ढांचे और सड़क कनेक्टिविटी को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक बड़े मिशन पर काम कर रहे हैं. हाल ही में दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद मध्य प्रदेश को नई 'सड़क नीति' और कई बड़े राजमार्गों की सौगात मिलने का रास्ता साफ हो गया है.
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इस बैठक की सबसे बड़ी उपलब्धि 'अटल प्रगति पथ' को लेकर रही. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि लगभग 12,000 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना श्योपुर, ग्वालियर और भिंड समेत पूरे चंबल अंचल के लिए गेम-चेंजर साबित होगी. यह मार्ग न केवल मध्य प्रदेश को उत्तर प्रदेश और दिल्ली एनसीआर से जोड़ेगा, बल्कि दिल्ली तक की दूरी को घटाकर मात्र 4-5 घंटे कर देगा.
रुकी हुई परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार
बैठक का मुख्य उद्देश्य उन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा करना था जो भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण और वन विभाग की मंजूरी के कारण लंबित थीं. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मध्य प्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए इन परियोजनाओं में गति लाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं.
औद्योगिक और पर्यटन विकास पर जोर
मुख्यमंत्री का विजन केवल सड़कें बनाना नहीं, बल्कि प्रदेश में निवेश और पर्यटन को बढ़ावा देना भी है। श्योपुर में सफल 'चीता प्रोजेक्ट' के बाद, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाले इन नए मार्गों से पर्यटन को नई ऊंचाइयां मिलेंगी [04:16]। इसके साथ ही, इन्वेस्टर समिट के माध्यम से आ रहे लाखों-करोड़ों रुपये के निवेश को सुगम परिवहन (एक्सपोर्ट-इंपोर्ट) की सुविधा देने के लिए भी सड़कों का यह जाल बेहद महत्वपूर्ण होगा.
मुख्य बिंदु
- मध्य प्रदेश को जल्द मिलेगी नई राजमार्ग नीति.
- नितिन गडकरी और सीएम मोहन यादव के बीच दिल्ली में हुई अहम समीक्षा बैठक.
- चंबल अंचल के लिए 12,000 करोड़ का अटल प्रगति पथ बनेगा वरदान.
- दिल्ली एनसीआर की दूरी घटकर होगी 4-5 घंटे.
यहां देखें वीडियो
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