Shajapur Dummy Teacher Case: मध्य प्रदेश में 'अजब है सबसे गजब है' की कहावत एक बार फिर सच साबित हुई है. प्रदेश के सरकारी स्कूलों में डमी टीचरों (Dummy Teachers) का खेल रुकने का नाम नहीं ले रहा है. आपने अब तक सरपंच पति या पार्षद पति के बारे में तो सुना होगा, लेकिन शाजापुर से अब 'शिक्षक पति' का एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी की धज्जियां उड़ाकर रख दी हैं.
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कागजों में मैडम की हाजिरी, क्लास में पढ़ाते मिले पतिदेव
पूरा मामला शाजापुर जिले के मुल्लाखेड़ी गांव के शासकीय प्राथमिक स्कूल का है. इस स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के लिए जैसमीन बी नाम की शिक्षिका की नियुक्ति की गई थी. कागजों पर मैडम रोजाना समय से उपस्थित दर्ज होती थीं और हर महीने सरकार से पूरा वेतन भी उठा रही थीं. लेकिन हकीकत यह थी कि मैडम की जगह उनके पति सादिक सिद्दीकी पिछले 2 सालों से लगातार स्कूल आकर बच्चों की क्लास ले रहे थे और बच्चों को पढ़ा रहे थे.
वीडियो सामने आने के बाद खुला राज
इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब एक नागरिक ने स्कूल परिसर में जाकर वीडियो बना लिया. वीडियो में शिक्षिका जैसमीन बी अपने पति सादिक सिद्दीकी के साथ बैठकर खाना खाती नजर आ रही हैं. जब पति से सवाल-जवाब किया गया तो उसने पहले तो टालमटोल करते हुए कहा कि वह सिर्फ पत्नी को छोड़ने-लाने आता है. लेकिन जब स्कूल के अन्य स्टाफ और बच्चों से पूछताछ की गई तो उन्होंने साफ बताया कि पिछले 2 सालों से सादिक ही बच्चों को पढ़ा रहे हैं. साथी स्टाफ ने तो यहां तक कह दिया कि मैडम से पढ़ाते बनता नहीं है, इसलिए उनके पति ही बच्चों को पढ़ाते हैं.
क्लिनिक चलाते हैं 'शिक्षक पति'
जांच में सामने आया कि आरोपी सादिक सिद्दीकी पेशे से डॉक्टर हैं और अपना क्लिनिक चलाते हैं. अब सवाल यह उठता है कि बिना किसी शैक्षणिक योग्यता और नियुक्ति के वह किस अधिकार से सरकारी स्कूल में बच्चों को पढ़ा रहे थे? 2 साल तक शिक्षा विभाग के अधिकारी कौन सी नींद सो रहे थे कि उन्हें अपने ही स्कूल में चल रहे इस डमी टीचर के खेल की भनक तक नहीं लगी.
बीआरसी ने दिए जांच के आदेश
मामला तूल पकड़ने और वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया है. प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि मुल्लाखेड़ी प्राथमिक स्कूल के इस मामले की जांच के लिए बीआरसी (BRC) को मौके पर भेजा गया है. संबंधित शिक्षिका को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है. अधिकारियों का कहना है कि नोटिस का जवाब आने के बाद नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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