Twisha Sharma ligature report: ट्विशा शर्मा की मौत का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ. हर दिन मामले में नए नए अपडेट्स सामने आए हैं. इस बीच अब सबके मन एक ही सवाल है कि आखिर ट्विशा शर्मा की मौत कैसे हुई? अब इस एक चौंकाने वाल लिगेचर रिपोर्ट सामने आई है, जिससे ट्विशा का शव लटका मिला था. इसमें बताया गया है कि ट्विशा शर्मा की मौत फंदे पर लटकने की वजह से हुई थी. रिपोर्ट के अनुसार ट्विशा ने इसी जिमनास्टिक बेल्ट फांसी लगाकर जान दी थी. लिगेचर जांच के के अनुसार शुरुआती तौर पर ये मामला पूरी तरह आत्महत्या का नजर आ रहा है. हालांकि इस रिपोर्ट के आने के बाद भी मामले में सस्पेंस और विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है.
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पोस्टमार्टम के समय नहीं भेजा गया था बेल्ट
बताया जा रहा है कि जब ट्विशा के शव का पोस्टमार्टम किया गया था तब इस जिमनास्टिक बेल्ट को जांच के लिए साथ नहीं भेजा गया था. पुलिस ने इस आत्महत्या में इस्तेमाल किए गए जिमनास्टिक बेल्ट को महज दो दिन पहले ही जांच के लिए उपलब्ध कराया था. पुलिस अब इस रिपोर्ट को केस की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी मानकर हर पहलू से आगे की जांच कर रही है.
फरार पति समर्थ सिंह के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी
वहीं फरार चल रहे आरोपी पति और वकील समर्थ सिंह के खिलाफ पुलिस ने लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया है. पुलिस को यह आशंका है कि कानूनी शिकंजे से बचने के लिए समर्थ देश छोड़कर बाहर भाग सकता है. इससे पहले भोपाल कोर्ट ने समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर दोनों पक्षों की जोरदार बहस सुनने के बाद उसे जमानत देने से साफ इनकार कर दिया था.
एम्स में दोबारा पोस्टमार्टम के लिए अदालत में याचिका
इस बीच मृतका ट्विशा शर्मा के परिवार ने भोपाल की जिला अदालत में एक आवेदन दायर कर बेटी के शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की है. परिजनों की मांग है कि यह दूसरा पोस्टमार्टम दिल्ली के एम्स अस्पताल में कराया जाए. इसके साथ ही परिवार ने मांग की है कि जब तक दोबारा पोस्टमार्टम की परमिशन नहीं मिलती तब तक ट्विशा के शव को माइनस 4 डिग्री तापमान पर सुरक्षित रखा जाए ताकि उसमें कोई बदलाव न हो.
मुख्यमंत्री आवास के बाहर परिजनों का जोरदार प्रदर्शन
ट्विशा के परिजनों ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के आवास के बाहर तेज धूप में कई घंटों तक डटकर न्याय के लिए प्रदर्शन किया. दो महीने की गर्भवती ट्विशा के पिता और मायके वालों का आरोप है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि पति और ससुराल वालों द्वारा की गई एक सुनियोजित हत्या है. उन्होंने रिटायर्ड जज सास गिरीबाला सिंह पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर सबूत मिटाने और जांच को प्रभावित करने का आरोप लगाया है.
पिता ने दी आत्मदाह की चेतावनी, अंतिम संस्कार से इनकार
ट्विशा के पिता ने न्याय व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि ट्रायल शुरू होने से पहले ही आरोपियों को राहत मिल रही है जो कि बेहद खतरनाक है. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी बेटी को इंसाफ नहीं मिला तो वह मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह कर लेंगे. न्याय की मांग पर अड़े परिजनों ने फिलहाल ट्विशा का अंतिम संस्कार करने से पूरी तरह इनकार कर दिया है.
क्या होती है लिगेचर रिपोर्ट?
लिगेचर रिपोर्ट (Ligature Report) फॉरेंसिक मेडिसिन और पोस्टमार्टम जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. किसी व्यक्ति की जब मौत फांसी लगाने, गला घोंटे जाने या गर्दन पर किसी वस्तु के कसाव की वजह से होती है तो तब फोरेंसिक डॉक्टर गर्दन पर बने दबाव के निशानों का बारीकी से परीक्षण करते हैं. इन निशानों को लिगेचर मार्क कहा जाता है. जांच में निशान की गहराई, दिशा, आकार, त्वचा पर असर और आसपास की अंदरूनी चोटों का विश्लेषण किया जाता है. इन सभी मेडिकल निष्कर्षों और उनकी व्याख्या को ही लिगेचर रिपोर्ट कहा जाता है.
क्या है पूरा हाई-प्रोफाइल मामला?
नोएडा की रहने वाली ट्विशा शर्मा की शादी दिसंबर 2025 में भोपाल के रहने वाले वकील समर्थ सिंह से हुई थी जो रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह के बेटे हैं. शादी के कुछ समय बाद से ही ट्विशा को दहेज के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा था. इसके बाद 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित घर में ट्विशा का शव फंदे से लटका मिला था जिसके पोस्टमार्टम में उनके शरीर पर चोट और मारपीट के निशान भी पाए गए थे.
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